Pushpa Prajapati

Pushpa Prajapati वीडियो

11/02/2026
हमारे देश भारत के अंदर इसे ही तो अंधभक्त कहते हैं और यह कीड़ा हमारे सर भारत में ही पाया जाता है
29/01/2026

हमारे देश भारत के अंदर इसे ही तो अंधभक्त कहते हैं और यह कीड़ा हमारे सर भारत में ही पाया जाता है

23/01/2026

पिछले कुछ दिनों से 'कुछ' लोगों के,
देखे कुछ नये 'करतब-क्रियाकलाप' तमाम,,
मैं भी सोचने लगा, 🤔🤔🤔🤔
क्या आएंगे सचमुच राम,,
कुछ के यहां, दीपक भी जले,
कुछ एक ने की, सजावट तमाम,,
फिर रात ढली, हमेशां की तरह,
गली के छोर पर, श्वान के छोटे बच्चों का,
निर्मम ठंड और भूख से, वही रुदन सुना,,
जैसे वे कह रहे हों, मूर्ख मानुस जात से,
कि कुदरत का कहर और नियम बङे,,
लेकिन तुम लोग सबकुछ जानकर भी ,
किस 'वहम' और 'चक्कर' में पङे,,🤔🤔🤔🤔
लेकिन उनकी जुबान और भावना,
भला कौन समझ सका है???
क्योंकि हम लोग बहुत कुछ और बहुत ज्यादा,
पढकर, समझकर हो चुके हैं कुछ ज्यादा समझदार,,
हमें इस लोक की भी चिंता है,
और परलोक की भी चिंता है,,
श्वान के बच्चों का क्या है,
वे इतना कब सोच सकते हैं????🤔🤔🤔🤔
हम मानुस हैं, वे श्वान हैं,
वे जन्तु हैं, हम 'महान' हैं,,🤔🤔🤔🤔🤔

मध्य प्रदेश के सीहोर में शर्मनाक घटना: 70 साल के चंद्रभान त्रिपाठी ने 13 साल की नाबालिग छात्रा से 6 महीनों में 6 बार दुष...
23/01/2026

मध्य प्रदेश के सीहोर में शर्मनाक घटना: 70 साल के चंद्रभान त्रिपाठी ने 13 साल की नाबालिग छात्रा से 6 महीनों में 6 बार दुष्कर्म किया। पढ़ाई के बहाने मंदिर के पास ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। ऐसी दरिंदगी पर सख्त कार्रवाई जरूरी ! लेकिन मनुवादी इस प्राउड जींस पर गर्व करेंगे और इस दरिंदे को माला पहनाकर स्वागत भी कर सकते हैं- शर्मनाक !"

🎉 Facebook ने मुझे इस हफ़्ते का टॉप वायरल क्रिएटर माना है!
23/01/2026

🎉 Facebook ने मुझे इस हफ़्ते का टॉप वायरल क्रिएटर माना है!

ये बाते हमेशा याद रखें
17/01/2026

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ये है मनुस्मृती का ज्ञान गोर से पढ़ो शूद्रों के लीये क्या कानून था
10/01/2026

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अफवाए क्या है।
10/01/2026

अफवाए क्या है।

08/01/2026

सभी लोग पोस्ट बार - बार #अच्छी तरीके से #पढ़ें !!..🙏
#वरना_हम_भी_विश्वगुरु_होते !

बहुत पहले की बात है, जब भारत देश आजाद नहीं हुआ था। न कोई संविधान बना था। और ब्राह्मण को छोड़कर, न ही किसी का आरक्षण था। उस समय मनु महाराज का संविधान चलता था। तब हमारे पुष्पक विमान उड़ते थे। हमारे पास मिसाइलों की भरमार थी और इंटरनेट भी था। बच्चे कभी हवा से, पानी से, तो कभी मछली से पैदा कर लिए जाते थे। उस समय हमारा ज्ञान-विज्ञान इतना एडवांस था कि हमने तो खीर से भी बच्चे पैदा किये थे। तब एक ऐसा रामराज था, जहाँ डाल- डाल पर सोने की चिड़ियां बसेरा करती थीं। रामराज्य में महिलाएं बहुत खुश थीं, क्योंकि उन्हें पढ़ने-लिखने की आज़ादी थी और उनकी पूजा होती थी। साधु - संन्यासी, ऋषि, मुनि सबको ज्ञान ही ज्ञान था , चारों ओर ज्ञान की नदियां बह रही थीं। गणेश जी चूहे पर बैठ कर उड़ जाया करते थे। मनु का विधान चलता था। इस व्यवस्था से महिलाऐं, अंत्यज और शूद्र सब खुश थे। चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली थी।

1947 में अंग्रेज़ों से देश आजाद हो गया और अब मनु के विधान का शासन नहीं रहा, क्योंकि भारत में संविधान लागू हो गया। अब शूद्रों को आरक्षण मिल गया। बस, यहां से देश बर्बाद होना शुरू हो गया। संविधान और आरक्षण की वजह से पुष्पक विमान के पहिये पंचर हो गए, अब वह उड़ नही पा रहा है। संविधान और आरक्षण की वजह से मिसाइलों में जंग लग गई है। संविधान और आरक्षण की वजह से अब बच्चे हवा और पानी से पैदा नही हो रहे हैं, अब स्त्री-पुरुष के संसर्ग से बच्चे पैदा होने लगे हैं। संविधान और आरक्षण की वजह से मछली को गर्भपात करवाना पड़ता है, वरना वो आज भी बच्चे पैदा कर सकती है। अब बेचारे दशरथ कितनी भी खीर खाएं , खीर से बच्चे पैदा नही कर पा रहे हैं। ये सब संविधान और आरक्षण की वजह से हुआ।

संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की वजह से रामराज्य में अंधकार छा गया। डाल -डाल पे सोने की चिड़िया अब उड़ नही पा रही थी। कोशिश करती, पर, लड़खड़ा के बार-बार गिर रही थी। औरत अब पुरुष की जागीर नहीं रह गई थी। उसे बेचने पर प्रतिबन्ध लग गया था। सब जगह अब दुख ही दुख नज़र आ रहा था। विडंबना ये भी थी कि अब गणेश भी चूहे के साथ उड़ नहीं पा रहे थे। अगर संविधान से आरक्षण हट जाए, तो वे अभी भी उड़ सकते हैं। संविधान ने सबको समानता का अधिकार दे दिया था। सभी वयस्कों को वोट का आधिकार मिल गया था। अब मनु का विधान नहीं चलता था और संविधान द्वारा देश के संसाधनों में स्त्रियों की भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित कर लिए गए थे। महिलाऐं अब हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर आगे आ रही थीं। शूद्र पढ़-लिख कर तर्क करने लगे थे, सरकारी नौकरियों में उन्हें आरक्षण मिलने लगा था, उनके जीवन स्तर में कुछ सुधार होने लगा था। महिलाऐं अब अपने हक के लिए आवाज उठाने लगीं थीं। इन्हीं सभी वजहों से बेचारे मनु महाराज नाराज हो गए और देश शैक्षिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक रूप से पिछड़ गया, वरना हम ही विश्वगुरू होते।

स्वर्ग में बैठे मनु महाराज को भारत में यह सब देख कर बहुत दुःख हो रहा था। इसलिए उन्होंने रामराज्य की पुनर्स्थापना के लिए सन 2014 में एक महामानव को आदेशित किया कि वह जाए और ब्राह्मण धर्म की रक्षा करे और पुनः रामराज्य स्थपित करने की दिशा में कार्य करे। तब से लेकर आजतक अपनी मजबूत टीम के साथ वह महामानव इसी काम में लगा है उसे आंशिक सफलता भी मिल चुकी है पुराने इतिहास को भी पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों की पाठ्य पुस्तकों में बुलबुल जैसे पक्षी पर एक महामानव को बैठाकर मातृभूमि के दर्शन भी कराए जा रहे हैं। अब वह दिन दूर नहीं, जब देश के सारे पशु-पक्षी मनुष्य के वाहन बन जायेंगे और फिर हवाई जहाजों की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी। हमारा देश विश्वगुरु बनने की कगार पर है बस एक टर्म के लिए महामानव को मौका और मिल जाने दीजिये फिर देखना इस देश में मनु का संविधान भी लागू होगा और रामराज के दर्शन भी होंगे, वैसे थोड़ी-थोड़ी रामराज की झलक दिखने भी लगी है। यह सब होगा एससी- एसटी और ओबीसी की निष्क्रियता और हमारे पद-लोलुप बहुजन नेताओं की चापलूसी की बदौलत।

धर्म एक बिजनस है क्या ? अगर नही है तो ये उपदेश के नाम पर पैसे क्यों लेते है।
04/01/2026

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क्या हिन्दु खतरे में है।
04/01/2026

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ग्वालियर में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर का पुतला दहन करने निकले अनिल मिश्रा के समर्थक आशुतोष दुबे पर कानूनी कार्रवाई कर मुकदम...
28/12/2025

ग्वालियर में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर का पुतला दहन करने निकले अनिल मिश्रा के समर्थक आशुतोष दुबे पर कानूनी कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया गया।

अब वही व्यक्ति माफी मांगते हुए “जय भीम” बोल रहा है। यह साफ है— संविधान और कानून के सामने मनुवादी मानसिकता टिक नहीं पाती।

समय-समय पर कानूनी और सामाजिक जवाबदेही जरूरी है, वरना ऐसे तत्व लोकतंत्र की सीमाएं भूलने लगते हैं।

यह देश मनुस्मृति से नहीं, संविधान से चलेगा।🇮🇳

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