Journlist Satyendra

Journlist Satyendra Journalist Satyendra MP | Independent journalist from Madhya Pradesh covering ground reports, public issues, administration, crime & rural stories.

14/09/2026

आज पंडाल नहीं, दिल सजा है… ❤️🙏
क्योंकि हमारे बप्पा पधारे हैं। 🐘✨
गणपति बप्पा मोरया! 🙏❤️

13/09/2026
13/09/2026

बप्पा आ रहे हैं, खुशियों की बहार लाएंगे,
गणपति बप्पा मोरिया, सबके दुख हर जाएंगे। 🙏❤️

🙏❤️

12/09/2026

🌿 ये सिर्फ एक पहाड़ी नहीं है… ये हमारी विरासत है।

कभी दूर से दिखाई देती इसकी हरी-भरी ढलानें, पेड़-पौधे और प्राकृतिक खूबसूरती इस क्षेत्र की पहचान हुआ करती थीं। पत्थरों और मिट्टी से बनी यह पहाड़ी सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि प्रकृति की वो धरोहर है, जिसे बनने में शायद सदियां लगी होंगी।

लेकिन आज तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है…

जहां हरियाली थी, वहां अब मशीनों के निशान नजर आ रहे हैं।
जहां पेड़-पौधे थे, वहां खुदाई के निशान हैं।
और जिस पहाड़ी को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया जाना चाहिए था, वह धीरे-धीरे कथित उत्खनन की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

10/09/2026

भैरूंदा: पटवारी पर किसान से मारपीट के आरोप, किसान संघ ने थाने सहित SDOP-एसडीएम को सौंपा शिकायत

भैरूंदा के ग्राम ईटावा कला में पटवारी द्वारा किसान के साथ कथित मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता भगवानदास करवाल ने आवेदन में पटवारी कमल वर्मा पर मारपीट, अभद्र भाषा और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार, मकान के सही सर्वे को लेकर विवाद के बाद किसान को बुलाया गया था, जहां कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई। मामले को लेकर किसान संघ ने गोपालपुर थाना, SDOP भैरूंदा और SDM को शिकायत पत्र सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि और जांच होना बाकी है।

28/08/2026

नेपाल बाढ़ से तबाही की एक और तस्वीर सामने आई है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में बाढ़ के बाद की भयावह स्थिति दिखाई दे रही है।

दरअसल, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक तेज फ्लैश फ्लड आई थी। देखते ही देखते पानी और मलबे के तेज बहाव ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी।

ताजा अपडेट के मुताबिक नेपाल में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। हजारों लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।

वहीं, रसुवा जिले में बाढ़ के मलबे से बनी एक अस्थायी झील का पानी बढ़ने और ओवरफ्लो होने से प्रशासन को कुछ समय के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। इससे प्रभावित इलाकों में एक और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।

यानी नेपाल में पहली बाढ़ की तबाही के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

वीडियो क्रेडिट: Instagram यूजर

25/08/2026

Protest 🪧

Address

Nasrullaganj
466331

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