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आज अथर्व पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित =================ISSN युक्त, पियर रिव्यूड एवं बहुविषयी रिसर्च जर्नल 'शोध भारती' के प्...
08/07/2026

आज अथर्व पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित
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ISSN युक्त, पियर रिव्यूड एवं बहुविषयी रिसर्च जर्नल 'शोध भारती' के प्रथम अंक का विमोचन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. पूनम टंडन के करकमलों से सम्पन्न हुआ।
यह उपलब्धि शोध भारती के संपादकीय एवं सलाहकार मंडल, सभी लेखकों, समीक्षकों, शोधार्थियों तथा सहयोगियों के सामूहिक प्रयास के साथ-साथ हमारे अभिभावक डॉ. अरुण कुमार पांडेय जी के सतत मार्गदर्शन का भी प्रतिफल है।
कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित विद्वान:
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
प्रो. शरद मिश्र जी
प्रो. सत्यपाल सिंह
डाॅ. वंदना सिंह
डॉ. मनोज द्विवेदी
डॉ. प्रदीप सिंह
डॉ. अभिषेक कुमार शर्मा
माननीय कुलपति महोदया के प्रति हार्दिक आभार एवं सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद।
डॉ. अभिषेक कुमार शर्मा
प्रधान संपादक, शोध भारती
निदेशक, अथर्व पब्लिकेशन, गोरखपुर




Gorakhpur uttar pradesh India
05/07/2026

Gorakhpur uttar pradesh India

Saagara Video के मशहूर कलाकार singer/Actor "Rock Mangal" उत्तराखंड की धरती रूड़की में अपना जलवा दिखाएंगे    Video   Mang...
28/05/2026

Saagara Video के मशहूर कलाकार singer/Actor "Rock Mangal"
उत्तराखंड की धरती रूड़की में अपना जलवा दिखाएंगे

Video
Mangal

23/03/2026

हमारे देश में संतों-संन्यासियों की परंपरा श्रद्धा का विषय है तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए ऐसे सभी संत सम्माननीय है ।
पूज्य अविमुक्तेश्वरानंद जी द्वारा मेरा संदर्भ दे कर जो बयान दिया गया है वो पूर्णतया असत्य , भ्रामक और अपमानजनक है। संतों के मुख से मिथ्यावचन शोभा नहीं देता है । उन्हें सामाजिक जीवन में शुचिता का पालन करते हुए अपने बयान को वापस लेना चाहिए।- इंद्रेशकुमार

पंडित रामकृष्ण द्विवेदी (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी-62 संतकबीर) अपने सहयोगियों के साथ पहुचे जनपद संतकबीर नगर के तहसील मेहदाव...
19/03/2026

पंडित रामकृष्ण द्विवेदी (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी-62 संतकबीर) अपने सहयोगियों के साथ पहुचे
जनपद संतकबीर नगर के तहसील मेहदावल के ग्राम बरगदवा माफी निवासी श्री देवेन्द्र पाण्डेय जी के सुपुत्र आकाश पाण्डेय के सड़क दुर्घटना में हुए असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। आकाश पाण्डेय बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के मेधावी छात्र थे। उनका उज्ज्वल भविष्य न केवल उनके परिवार की आशाओं से जुड़ा हुआ था, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी उम्मीद था।
एक पिता के लिए अपने पुत्र को खो देने का दुःख अत्यंत असहनीय होता है। इस कठिन एवं पीड़ादायक समय में पंडित रामकृष्ण द्विवेदी पूर्व प्रत्याशी 62 लोक सभा संत कबीर नगर 312 विधान सभा मेहदावल ने स्व0 आकाश पाण्डेय के एकादश के दिन उनके ग्राम बरगदवा माफी पहुंचे तथा उनके पिता श्री देवेन्द्र पाण्डेय जी तथा उनके समस्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त किये और उनके साथ दृढ़ता से खड़े हैं। तथा ईश्वर से प्रार्थना किये कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

"बेटा, ये पठान का हाथ है। बेहोश हो जाओगे।" दिलीप कुमार ने अनुपम खेर से कर्मा फ़िल्म के सेट पर ये बात कही थी। क्योंकि अनु...
08/03/2026

"बेटा, ये पठान का हाथ है। बेहोश हो जाओगे।" दिलीप कुमार ने अनुपम खेर से कर्मा फ़िल्म के सेट पर ये बात कही थी। क्योंकि अनुपम खेर ने दिलीप कुमार से कहा था कि दिलीप साहब उन्हें सच में थप्पड़ मार दें। वो दरअसल सीन ही ऐसा था जिसमें दिलीप कुमार के किरदार राणा विश्वप्रताप सिंह खलनायक डॉक्टर डैंग को एक ज़ोरदार तमाचा मारता है।

अनुपम खेर को तब फ़िल्मों में बहुत वक्त नहीं हुआ था। रजत शर्मा के शो 'आप की अदालत' में अनुपम खेर ने बताया था कि उन्होंने तीन-चार फ़िल्मों में लैजेंडरी दिलीप कुमार के साथ काम किया था। और कर्मा वो पहली फ़िल्म थी जिसमें अनुपम खेर को दिलीप कुमार के साथ स्क्रीन शेयर करने का चांस मिला था। कर्मा में अनुपम ने डॉक्टर डैंग का किरदार निभाया था।

अनुपम खेर के मुताबिक़, जब सेट पर उन्होंने पहली बार दिलीप कुमार को देखा था वो उन्हें देखते ही रह गए थे। बकौल अनुपम, वो सुबह सात बजे ही सेट पर पहुंच गए थे। और ठीक 11 बजे दिलीप कुमार अपनी सफ़ेद मर्सिडीज़ से सेट पर पहुंचे। उन्होंने सफ़ेद ही कमीज़ भी पहनी हुई थी उस दिन। दिलीप साहब को देखकर अनुपम खेर ने मन ही मन खुद से कहा कि इन्हीं की वजह से मैं एक्टर बना हूं।

दिलीप कुमार के व्यक्तित्व से अनुपम खेर इतना प्रभावित थे कि वो बहुत प्यार से उन्हें देखे जा रहे थे। सीन शूट करते वक्त भी अनुपम की आंखों में दिलीप साहब के लिए वो प्यार झलक रहा था। तब डायरेक्टर सुभाष घई ने अनुपम खेर से बात की। सुभाष गई एक साइड में अनुपम खेर को ले गए और बोले,"तू जिस प्यार से इन्हें देख रहा है, तू मरवाएगा मुझे। तू विलेन है मेरी फ़िल्म का। इतने प्यार से मत देख उन्हें।"

तब अनुपम खेर ने सुभाष घई से कहा,"अनुपम खेर दिलीप कुमार से प्यार करता है। लेकिन डॉक्टर डैंग राणा विश्वप्रताप सिंह से प्यार नहीं करता।" आगे अनुपम खेर ने बताया कि थप्पड़ वाले सीन में उनसे एक गलती हो गई थी। उन्हें बहुत बुरा लग रहा था। तब दिलीप कुमार को इम्प्रैस करने के लिए अनुपम खेर ने उनसे कहा,"सर, आप सच में मुझे थप्पड़ मार दीजिए।" तब दिलीप कुमार ने अनुपम खेर से कहा था कि बेटा ये पठान का हाथ है। बेहोश हो जाएगा।

खैर, वो सीन जब कंप्लीट हो गया तो अनुपम खेर की एक्टिंग स्किल्स से दिलीप कुमार बहुत इम्प्रैस हुए। उन्होंने सुभाष घई को पास बुलाया और अनुपम खेर के बारे में कहा,"एक खतरनाक एक्टर आ चुका है फ़िल्म इंडस्ट्री में। ये बहुत दूर तक जाएगा।" गौरतलब है कि दिलीप कुमार और अनुपम खेर ने साथ में कई फिल्मों में काम किया। 'कर्मा' के बाद, वे 'कानून अपना अपना' (1989), 'इज्जतदार' (1990) और 'सौदागर' (1991) जैसी फिल्मों में साथ नज़र आए।

आज अनुपम खेर का जन्मदिन है। अनुपम खेर आज 71 साल के हो गए हैं। 07 मार्च 1955 को अनुपम खेर का जन्म हुआ था। किस्सा टीवी की तरफ़ से अनुपम खेर जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30 विमान दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुरागकर के निधन की पुष्...
06/03/2026

भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30 विमान दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुरागकर के निधन की पुष्टि की है. इस हादसे में दोनों अधिकारियों को गंभीर चोटें आई थीं, जिनके कारण उनका निधन हो गया. भारतीय वायुसेना के सभी कर्मियों ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. गौरतलब है कि कल शाम असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद सुखोई-30 MKI लापता हो गया था जिसके बाद में क्रैश होने की खबर सामने आई थी. इस हादसे में अब IAF ने दोनों पायलट की मौती की पुष्टिकर शोक व्यक्त किया है.

भगवान्ना पहलवान का जन्म 1885 मे नारायणा गॉव मे हुआ था । यह गॉव कभी दिल्ली के पास हुआ करता था । अग्रेजी राज हुआ करता था 1...
26/02/2026

भगवान्ना पहलवान का जन्म 1885 मे नारायणा गॉव मे हुआ था । यह गॉव कभी दिल्ली के पास हुआ करता था । अग्रेजी राज हुआ करता था 18 साल की उम्र मे भगवान्ना पहलवान पुलिस मे भर्ती हो गये ।

भगवानना की 7 फिट की उचाई उस समय भी लोगो के आकर्षण का केन्द्र हुआ करती थी । धोबी पाट और घिस्सा दॉव भगवान्ना के मुख्य दॉव थे । एक समय का जिकर है।

भगवाना पहलवान की युनिट कोलम्बो श्रीलंका चली गई जहा पर लोगो ने भगवान्ना को पहचान लिया क्यो कि वहॉ के लोगो ने इससे पहलें भगवान्ना का केवल नाम सुन रखा था आज साक्षात देख लिया । उनही दिनो महान पहलवान राममूर्ती भी श्री लंका आया हुआ था ।

राममूर्ती ने भगवान्ना को कुस्ती के लिये ललकार दिया । भगवान्ना ने राममुर्ती की चुनौती स्वीकार करली राममूर्ती भी राजा का माल था । जब यह बात अंग्रेजो को पता चली तो अंग्रेजो ने भगवान्ना को कुस्ती ना लडने का फरमान सुना दिया तथा एक कमरे मे बन्द करदिया ।

अब भगवाना के मन मे एक विचार आया की यदि मै रामूर्ती से कुस्ती लडने ना गया तो लोग सोचेगे की भगवान्ना पहलवान डर गया है। जिस कमरे मे भगवान्ना पहलवान बन्द था भगवान्ना ने उस कमरे की एक खिडकी को उखाड लिया और चुप चाप कुस्ती लडने के लिये चला गया 40 वे मिन्ट मे भगवान्ना ने राममूर्ती को चित कर दिया ।

उस समय राममूर्ती और भगवान्ना की कुस्ती पर 5000( पॉच हजार) रूपये का इनाम रखा गया था जो भगवान्ना को दिये गये साथ साथ कुस्ती प्रेमियों ने मिलकर 1700 रू इक्टठा कर भगवान्ना को दिये ।

अग्रेजो की बात ना मानने का परिणाम यह हुआ आज भगवान्ना को सस्पेन्ड कर दिया गया । नौकरी छूटने के बाद भगवान्ना अपने गॉव आ गया और शिव मन्दिर मे जोर आजमाईश किया करता एक दिन भगवाना अपनी किसी रिस्तेदारी मे जा रहा था l ................

पैदल के रास्ते हुआ करते भगवान्ना को रास्ते मे प्यास लग गई रास्ते मे कुवे पर चडस रखा हुआ था जिसे दो बैल खीचा करते लेकिन वहॉ बैल नही थे तो भगवान्ना ने चडस को कुवे मे छोड पानी से भर जाने के बाद दोनो हाथो से खीचना आरम्भ कर दिया उसी समय एक राजा का एक वजीर वहा से गुजर रहा था

उसने जब सात फिट उचे भीमकाय भगवान्ना को चडस खीचते हुये देखा तो वो वजीर भगवान्ना के पास आया । भगवान्ना ने चडस खीचकर पानी पिया व स्नान किया । बाद मे वह वजीर भगवान्ना को अपनी जान पहचान के एक मुसलमान रियासतदार जो कुस्ती प्रेमी था के पास लाहोर मे छोड आया ।

भगवान्ना का ज्यादा दिन लाहोर मे मन नही लगा और एक साल बाद महाराष्ट्र मे कोल्हापुर आ गया । क्योकि कोल्हा पुर कl महाराज भी कुस्ती प्रेमी था और नौकरी करने के दौरान ससपेन्ड होने से पहले कोलहापुर के महाराज से भगवान्ना की जान पहचान हो गई थी ।

कोल्हापुर के महाराज ने भगवान्ना को बहुत इज्जत दी और अपना दरवारी पहलवान घोषित कर दिया । भगवान्ना उम्र मे गामा पहलवान से 15 - 16 साल बडे थे । कहा जाता है।

की एक बार गामा और भगवान्ना की कुस्ती हुई जिसमे भगवान्ना की ऑख के उपर चोट लग गई तथा लहू की धारा बह निकली जिसके बाद भगवान्ना ने गामा को उठाकर अखाडे के बहार पटक दिया यही पर इस कुस्ती मे विवाद हो गया और गामा के भाई ने गामा को लडने से मना कर दिया गामा ने यह कुस्ती बीच मे छोडदी जिसके बाद भगवान्ना को विजयी घोषित किया गया ।

महाराज ने खुश होकर भगवान्ना को सरकारी सम्मान के साथ साथ सोने के दो कडे और सोने के सिक्को से भरा एक थेला भेट किया यह घटना राम सिंह रावत की किताब (रवा राजपूतो का इतिहास के प्रथम खण्ड मे भी दर्ज है। )

कुछ दिन बीते थे की राजा के राज मे एक शेर आ गया महाराज ने अपने पहलवानो और कुछ सैनिको की सहायता से जिस खेत मे शेर छिपा था वो खेत घेर लिया

अपने आप को घिरता देख शेर जैसे ही राजा की और लपका तो भगवानना ने शेर की कमर मे लाठी मार दी भगवान्ना की लाठी का वार इतना जोर दार था कि शेर का हाड बीच मे से टूट गया कुछ देर बाद शेर ने तडफकर दम तोडदिया ।

महाराज ने भगवान्ना को गले से लगा लिया जब यह बात महारानी को पता चली तो महारानी ने भगवान्ना के पैर छूने की इच्चछा जाहिर की थी हालाकि भगवान्ना ने एसा ना करने के लिये रानी से विनती की एक बार भगवान्ना अपने गॉव मे आये हुये थे

भगवान्ना के खेत मे एक खेत एसा था जहा पर चारो और हरी फसल लहला रही थी पत्थर की कोहलडी को ले जाने मे बहुत सारी फसल नष्ट हो जाती तो मौके की नजाकत को देख भगवान्ना ने पत्थर की कोहलडी को जिसे खीचकर दो बैल चलते थे

उसे कन्धे पर रख कर खेत मे पटक दिया था आज बेसक भगवान्ना पहलवान के स्वर्णिम नाम को समय की गरद ने दवा दिया हो हममे से कई लोग आज भगवान्ना पहलवान के बारे मे ना जानते हो लेकिन एक दौर एसा था कि जिसमे माये रात को अपने बच्चो को भगवान्ना पहलवान की बहादुरी के किस्से सुनाती थी ।

आओ मिलकर इस महान यो़द्धा को नमन करे ।

ऐसे ही और रोजक जानकारी के लिए पेज को फॉलो करे 🙏

मंच पर हिंदुत्व और सनातन की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं। कहा जाता है कि सब हिंदू एक हैं। लेकिन जब नियम-कानून बनते हैं, तो व...
05/02/2026

मंच पर हिंदुत्व और सनातन की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं। कहा जाता है कि सब हिंदू एक हैं। लेकिन जब नियम-कानून बनते हैं, तो वही “एक” कई जातियों में बंट जाता है। यहीं से लोगों के मन में सवाल उठता है कि बात कुछ और, काम कुछ और क्यों?

13 जनवरी को UGC से जुड़ा नया नियम आया। इसके बाद कॉलेज-यूनिवर्सिटी में बहस तेज हो गई। सोशल मीडिया पर लोग आपस में भिड़ रहे हैं। कोई पिछड़ों को दोष दे रहा है, कोई सामान्य वर्ग को। माहौल ऐसा बन गया है कि लोग मुद्दा समझने से पहले एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगते हैं।

समस्या यह है कि भाषणों में एकता दिखाई जाती है, लेकिन कागजों पर वर्गीकरण दिखता है। इससे समाज में गलतफहमी बढ़ती है। जरूरत इस बात की है कि नियम ऐसे बनें जो लोगों को जोड़ें, तोड़ें नहीं, और साफ तरीके से समझाए जाएँ ताकि भ्रम न फैले।

डिस्क्लेमर: यह पोस्ट सामान्य सामाजिक चर्चा के उद्देश्य से है, किसी व्यक्ति, दल या समुदाय के प्रति घृणा या अपमान फैलाने के लिए नहीं।

आज सुबह केआरके ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अभिनेता सनी देओल को लेकर एक बड़ा दावा किया है। पोस्ट म...
05/02/2026

आज सुबह केआरके ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अभिनेता सनी देओल को लेकर एक बड़ा दावा किया है। पोस्ट में केआरके का दावा है कि ‘सनी देओल की साल 2026 में पांच फिल्में रिलीज होनी हैं। जबकि सनी देओल सात और फिल्में साइन कर चुके हैं। वो प्रति फिल्म 50 करोड़ रुपए की फीस ले रहे हैं। इसका मतलब है कि 68 साल की उम्र में उनकी कमाई लगभग 1000 करोड़ रुपये होगी। जीवन में कुछ भी हो सकता है।’ सनी देओल को लेकर किया गया केआरके का ये दावा अब वायरल है।

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