08/06/2026
समोसे और वडा पाव अखबार में बांधकर देने पर लगी पाबंदी.
अखबार की ईंक के दुष्प्रभाव त्वचा की एलर्जी से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तक हो सकते हैं। यह मुख्य रूप से अखबार में लिपटे भोजन को खाने या प्रिंट के सीधे त्वचा के संपर्क में आने से होते हैं
जानिए स्वास्थ्य के लिए किस तरह से हानिकारक है ?
कैंसर और अंगों को नुकसान : प्रिंटिंग स्याही में सीसा (lead), कैडमियम और सुगंधित हाइड्रोकार्बन जैसे जहरीले रसायन होते हैं। ये रसायन गर्म, तैलीय या नम भोजन में मिलकर शरीर में जमा हो जाते हैं। इससे कैंसर, लिवर और किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
पाचन तंत्र की समस्याएं : स्याही के रासायनिक अवशेष पेट में जाने से पाचन संबंधी बीमारियां और पेट खराब हो सकता है।
त्वचा की एलर्जी : अखबार को छूने से 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' (त्वचा की सूजन) हो सकती है। रंगीन स्याही में निकेल, कोबाल्ट और फॉर्मलाडेहाइड जैसे तत्व होते हैं, जिससे त्वचा पर लाल, खुजलीदार दाने हो सकते हैं।
बैक्टीरिया का खतरा : स्याही के अलावा, अखबार कई हाथों से गुजरता है। इस वजह से इस पर ई. कोली (E. coli) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जो डायरिया का कारण बनते हैं।
सरकारी चेतावनी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) भोजन को पैक करने, रखने या परोसने के लिए अखबारों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाता है। गर्म भोजन के संपर्क में आते ही स्याही के जहरीले तत्व पिघलकर खाने में मिल जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
ईंक में लीड जैसे घातक रसायन होते ह जिस से आयुमान कम होता है. इसलिए ias officer तुकाराम मुंडे ने ली स्ट्रीक्ट एक्शन.. क्या आपको यह निर्णय सही लगा ?