12/07/2026
अब हल और बैल मिलना बहुत कठिन हो गया है, क्योंकि गांवों में लोगों ने बैल रखना लगभग छोड़ ही दिया है। लेकिन यह भी सौ फीसदी सच्चाई है कि आज की तारीख में हर कोई बैल से जुताई के लिए लोगों को ढूंढ़ रहा है। इस संबंध में हल से जुताई कर रहे किसान का कहना हैं कि मेरे पास जमीन नहीं है, लेकिन मेरे पास दो जोड़ी बैल हैं, जिनसे मैं दिहाड़ी पर खेतों की जुताई कर रहा हूं। एक दिन की मजूरी सात से आठ सौ रुपए मिल जाती है।🌱🌾