27/12/2025
मल्टीपोलैरिटी आज का यथार्थ है, लेकिन वैश्विक राजनीति में इसे सभी के लिए समान रूप से स्वीकार नहीं किया जाता।
इस Reel में यह सवाल उठता है कि क्या अंतरराष्ट्रीय संबंध वास्तव में मूल्यों से चलते हैं या फिर सिर्फ़ हितों से?
भारत अगर Global South के लिए मल्टीपोलैरिटी का पिलर बनता है, तो क्या दुनिया उसे उसी नज़र से देखती है?
🎙️ वक्ता: और के साथ की बातचीत https://www.youtube.com/watch?v=_lU1nMkHgKc