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20/12/2025

सदा-ए-भारत: हिंदी न्यूज चैनल लल्नटाप पर आज सौरभ द्विवेदी ने गीतकार जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइली नदवी के बीच ईश्वर, खुदा के अस्तित्व पर डिबेट कराई।
आस्तिक और नास्तिक को पहले समझते हैं,
आस्तिक (Theist): वह व्यक्ति जो ईश्वर, खुदा, या किसी सर्वोच्च सत्ता के अस्तित्व में विश्वास रखता है।
नास्तिक (Atheist): वह व्यक्ति जो ईश्वर, खुदा या किसी सर्वोच्च सत्ता के अस्तित्व में विश्वास नहीं करता है। यह 'न + अस्ति' से बना है, जिसका अर्थ है 'जो कहता है कि नहीं है'।
जावेद अख्तर खुद को नास्तिक कहते हैं।
मुफ्ती शमाइली नदवी की इंग्लिश जावेद अख्तर के लिए बाउंसर साबित हुई पुरी डिबेट में वह ईश्वर को नकारने से ज्यादा वह भारी भरकम अंग्रेजी शब्दों में ही उलझे रहे।
इस तरह की डिबेट का कोई मतलब है क्या?
क्यों कि दुनिया जबसे अस्तित्व में है तब से लेकर आज तक और जब तक दुनिया रहेगी तब तक आस्तिक और नास्तिक रहेंगे।
उस डिबेट का कुछ अंश सौजन्य लल्नटाप यहां पोस्ट कर रहा हूं। पुरी डिबेट आप लल्नटाप पर देख सकते हैं।

सदा-ए-भारत: वंदे मातरम्, ‘लब पे आती है दुआ’ और धर्मनिरपेक्षता: निष्पक्ष दृष्टिभारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। संविधान के अन...
12/12/2025

सदा-ए-भारत: वंदे मातरम्, ‘लब पे आती है दुआ’ और धर्मनिरपेक्षता: निष्पक्ष दृष्टि
भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। संविधान के अनुसार, राज्य किसी धर्म को प्राथमिकता नहीं दे सकता और सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है।
ऐसे में अगर राज्य के संचालक मुखिया अपनी धार्मिक मान्यताओं को जबरन दूसरे लोगों पर थोप रहे हैं तो संविधान के रक्षक को क्या करना चाहिए?

लब पे आती है दुआ एक उर्दू कविता है, जिसमें “अल्लाह” का उल्लेख होने से यह धार्मिक प्रार्थना हो जाती है। इसी कारण 2022 दिसंबर उत्तर प्रदेश बरेली के स्कूल में पढ़ने पर जेल और निलंबन की कार्रवाई की गई। जबकि सालों तक यह स्कूलों के पाठ्यक्रम में रही है।
इसका उद्देश्य बच्चों को नैतिकता वतन से मोहब्बत और नेक रास्ते की शिक्षा देना था।
कविता की यह लाइन
'' हो मेरे दम से यूं ही मेरे वतन की जीनत...
जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत ''
इस में देश प्रेम नहीं तो क्या है?
वहीं
वंदे मातरम् एक राष्ट्रगीत है। जो आजादी से पहले अंग्रेजों से आजादी हासिल करने के लिए हिंदू धर्म में विश्वास रखने वालों में जोश भरने के लिए लिखी गई। ठीक उसी प्रकार जैसे मुस्लिम में जोश भरने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी किया गया। और नारे तकबीर बुलंद किया गया?
मगर आज इसकी अनिवार्यता क्यों???

वंदे मातरम गीत में भारत को देवी-रूपक के माध्यम से चित्रित किया गया है। इसमें हिंदू धार्मिक (देवी-देवता, मूर्तियाँ) का प्रयोग है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे सभी स्कूलों में अनिवार्य करने का निर्णय लिया। इसे लेकर संसद में 10 घंटे बहस हुई ।

वंदे मातरम गीत की आखिरी पंक्तियां... (हिंदी अनुवाद)
तू ही मेरा ज्ञान, तू ही मेरा धर्म है,
तू ही मेरा अन्तर्मन, तू ही मेरा लक्ष्य,
तू ही मेरे शरीर का प्राण,
तू ही भुजाओं की शक्ति है,
मन के भीतर तेरा ही सत्य है,
तेरी ही मन मोहिनी मूर्ति
एक-एक मन्दिर में,

5.
तू ही दुर्गा दश सशस्त्र भुजाओं वाली,
तू ही कमला है, कमल के फूलों की बहार,
तू ही ज्ञान गंगा है, परिपूर्ण करने वाली,
मैं तेरा दास हूँ, दासों का भी दास,
दासों के दास का भी दास,
अच्छे पानी अच्छे फलों वाली मेरी माँ,
मैं तेरी वन्दना करता हूँ।

क्या कोई मुसलमान जो एक ईश्वरवाद पर यकीन करता है इन पंक्तियों को पढ़ सकता है?
अगर मुस्लिम भी हिन्दू धार्मिक मान्यताओं को स्वीकार कर लें और कण कण में भगवान दुर्गा लक्ष्मी जैसी देवी देवताओं को पुजने लगें तो वह मुसलमान कहलाएंगे?

यहां मुख्य बिंदु यह हैं कि:

राष्ट्रीय भावना बढ़ाना ठीक है।

धार्मिक मान्यताओं वाले गीत को अनिवार्य करना संवैधानिक रूप से विवादास्पद है, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सिद्धांत के खिलाफ है।

देशभक्ति को केवल किसी एक गीत या प्रार्थना से नापना सही नहीं। “जन गण मन” और “सारे जहाँ से अच्छा” जैसे गीत पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष और सभी समुदायों के लिए स्वीकार्य हैं।

किसी भी समुदाय पर सांस्कृतिक या धार्मिक दबाव डालना संवैधानिक और लोकतांत्रिक है ??

देशभक्ति का सम्मान जरूरी है, लेकिन इसे किसी विशेष धर्म की धार्मिक मान्यताओं के स्वरूप के अनुसार अनिवार्य करना भार जैसे धर्म निरपेक्ष देश में न्यायसंगत या संवैधानिक है??
सभी नागरिकों के लिए धर्मनिरपेक्ष और समावेशी दृष्टिकोण ही उचित है....???
( अ. कवी)
अपनी निष्पक्ष राय कमेंट बाक्स में दें।

सदा-ए-भारत: चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के लिए समय सीमा बढ़ा दिया है।उत्तर प्रदेश को सबसे अ...
11/12/2025

सदा-ए-भारत: चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के लिए समय सीमा बढ़ा दिया है।
उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 15 दिनों की छूट दी गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार में 7 दिन और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 3 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। वहीं बंगाल समेत कई अन्य राज्यों को कोई राहत नहीं दी गई है।
गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए फॉर्म भरने का समय आज, यानी 11 दिसंबर 2025 को खत्म हो जाएगा. यहां ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किए जाएंगे।केरल में एसआईआर का शेड्यूल पहले बदला गया था. यहां 18 दिसंबर 2025 तक एसआईआर की प्रक्रिया होनी है और ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 23 दिसंबर को पब्लिश किया जाएगा।

हमारी पिछली पोस्ट में बाहर (विदेश) या प्रदेश से रह रहे भारतीय नागरिक को क्या करना चाहिए? इस पर कमेंट करके लोगों ने बताया कि एस आई आर की आधी अधूरी जानकारी और कुछ फेसबुकियों और यू ट्यूबरो की नागरिकता को लेकर भ्रामक जानकारी के कारण लोगों ने फार्म भर दिया है। उन्हें अब क्या करना चाहिए, तो उनके लिए यह है कि जिन लोगों के फार्म भरे जा चुके हैं उन्हें फाइनल लिस्ट तैयार होने से पहले एक ड्राफ्ट लिस्ट तैयार होगी।
फिर 15 से 20 दिन का मौका दिया जाएगा जहां वह लिस्ट में कोई ग़लती है जैसे नाम की स्पेलिंग जन्म की डेट आदि में आपत्ति फार्म भरने का मौका दिया जाएगा।
और उसी समय जो लोग विदेश में हैं और उनके परिवार ने फार्म भर दिया है तो बी एल ओ को सही जानकारी देकर फार्म 6A भर दें।

सदा-ए-भारत: देश में चल रहे SIR से घबराएं नहीं। किसी भारतीय की नागरिकता नहीं छीनी जा रही।एस-आई-आर  सिर्फ वोटर लिस्ट को शु...
09/12/2025

सदा-ए-भारत: देश में चल रहे SIR से घबराएं नहीं। किसी भारतीय की नागरिकता नहीं छीनी जा रही।
एस-आई-आर सिर्फ वोटर लिस्ट को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। यह इस लिए कराया जाता ताकि फर्जी वोटर या शिफ्ट हो चुके वोटर और मृत्यु हो चुके वोटर की जांच करके वोटर लिस्ट को शुद्ध कर दिया जाए।

लेकिन कुछ फेसबुकियों और यू ट्यूबरो की ग़लत जानकारी के कारण लोगों में यह भ्रम डाल दिया गया कि मानव यह एन आर सी
हो रही है।
दरअसल भारत में वोटर लिस्ट में सिर्फ उन्हें ही शामिल किया जाता है,जो भारतीय नागरिक हों।
पिछले एस आई आर 2002, 2003 की मतदाता सूची एक कट आफ है, मतलब यह कि निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है कि जिन का नाम पिछले एस आई आर में हैं
वह मतदाता सूची 2026 की लिस्ट में मतदाता बने रहेंगे।
जिनका नाम उस सूची में नहीं है वह मां, बाप, दादा- दादी ,नाना-नानी की डिटेल भर दें।

इसके अलावा जो है उन्हें 12 डाकुमेंट में से कोई एक नोटिस जारी होने पर लगा दें।

विदेश में जो भारतीय नागरिक रहते हैं और उन्होंने ने दूसरे किसी देश की नागरिकता नहीं ली है। वह एस आई आर फार्म ना भरें
उन्हें फार्म 6A भरना होगा और अपने पासपोर्ट की डीटेल लगानी होगी। 2011 में कानून में संशोधन करके वोटर लिस्ट विदेश में रहने वालों की अलग बनाई गई है।

और जो लोग प्रदेश से लगातार 6 महीने से ज्यादा किसी अन्य प्रदेश में नौकरी करते, या कारोबार करते हुए रहते हैं। वह लोग भी एस आई आर फार्म उस प्रदेश में भरें जहां ज्यादातर रहते हैं। दो जगह एस आई आर फार्म भरने पर जेल भी हो सकती है।

इस लिए घबराएं नहीं आप जिस भी प्रदेश में रहते हैं वहां पर ही अपना फार्म भरें और पिछले एस आई आर 2002,2003 की डिटेल भारत के किसी भी प्रदेश की हो अपने मौजूदा एस आई आर 2026 के फार्म में भर दें।
फेसबुकिया, और यू ट्यूबरो की आपदा में अवसर, व्यूज के लिए भ्रामक प्रचार से सावधान रहें। अपना पैसा और टाइम बचाएं।

सदा-ए-भारत: एस आई आर का सैलाब भारत में ऐसे आया हुआ है कि चारों ओर उसी के चर्चे। ऐसे में कुछ फेसबुकिया और यूट्यूबर आपदा म...
26/11/2025

सदा-ए-भारत: एस आई आर का सैलाब भारत में ऐसे आया हुआ है कि चारों ओर उसी के चर्चे। ऐसे में कुछ फेसबुकिया और यूट्यूबर आपदा में कमाई का अवसर तलाश कर रहे हैं। दिन भर वहीं पोस्ट।
क्या एस आई आर ना कराने पर किसी की नागरिकता चली जाएगी जवाब है बिल्कुल नहीं। एस आई आर सिर्फ वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की एक प्रक्रिया भर है।
एस आई आर में सिर्फ यह जांच की जाती है की वोटर है या मृत्यु हो गई या शिफ्ट हो गया है।
कुछ फेसबुकिया के चक्कर में लोग दिल्ली मुंबई जैसे शहरों में कमाने वालों को नजायज पैसे खर्च करने पर मजबूर कर दिया है।
अपने व्यूज और कमाईं के चक्कर में दिल्ली मुंबई जैसे शहरों में रहने वालों को डराकर उनकी जेब ढीली की जा रही है।
तरह तरह के काग़ज़ जैसे निवास प्रमाण पत्र परिवार रजिस्टर की नकल के लिए हजारों रुपए खर्च करवाए जा रहे हैं।
फोटो कापी वाले फोटो वाले आनलाइन काम करने वाले तथा कुछ पढ़े लिखे लोग मजबूरी में फायदा उठा रहे हैं।
जब कि पढ़े लिखे फेसबुकिया से लेकर गांव पर मौजूद प्रधानी की राजनीति करने वाले किसी को यह नहीं बता रहे कि तुम मुंबई या दिल्ली में रहते तो वोट वहीं का रखो जहां तुम ज्यादा रहते हो ताकि अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल कर सको।
अगर तुम दिल्ली मुंबई में रहते तो क्यों यहां वोटर बन रहे? क्या हजारों रुपए खर्च करके यहां वोट देने आओगे?
क्यों आप लोग जाल में फंसे रहे? अभी तो दिल्ली मुंबई गुजरात जहां हो वहां वोट देते हो लेकिन जब यहां एस आई आर में नाम दर्ज करा लोगे तो वहां नाम कट जाएगा जहां अभी रहते हो।
इस लिए डरो नहीं कोई नागरिकता नहीं जानी जहां ज्यादा रहते वहां की वोटर लिस्ट में अपना नाम रखो। रही बात 2003 या 2002 लिस्ट में नाम की तो वह डिटेल देश के किसी भी एस आई आर में दिखा सकते हो।
जैसे कि अगर आपका नाम उत्तर प्रदेश की 2003 की लिस्ट में हैं मगर दिल्ली या मुंबई की लिस्ट में नहीं है, और 2025 की लिस्ट में दिल्ली मुंबई या किसी दूसरे प्रदेश में है तो वह डिटेल हर जगह दे सकते हैं।

08/08/2025

नई दिल्ली: (सदा-ए-भारत) बहुत देर कर दिया मेहरबान आते आते..
आप बहुत देर में जागे जब हर जगह उन्होंने अपने आदमी बिठा दिया। अब आप की यह बात से लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
2014 के चुनाव से पहले ही जब आर एस एस ने सत्ता परिवर्तन के लिए अन्ना आन्दोलन का सहारा लिया। कांग्रेस मुसलमानो की पार्टी है और भ्रष्ट हैं यह नेरेटिव बनाया गया।
इस से पहले यानी 2012 और 2013 में काफी मात्रा में वोटरों को जोड़ने का काम हर बुथ लेवल पर किया गया। और 14 के चुनावों में कई चरणों में चुनाव होने का फायदा उठाया गया। हर संसदीय क्षेत्र में खासकर शहरी क्षेत्र में 40 से 60 हजार वोटर जोड़े गए। जिन्हें चरणों के हिसाब से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया।
लेकिन आप और आपके जैसे तमाम ईवीएम ईवीएम करते रहे।
2014 में अक्सर सीटों में जीत हार का मार्जिन 15 से 20 हजार रहा जो एक पैटर्न दिखा रहा था।
बनारस सीट पर जीत का मार्जिन ज्यादा था तुरंत बाद वहां की लिस्ट से 3 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम काटे गए।
नवभारत टाइम्स और अन्य ने उस टाइम रिपोर्टिंग की और खबर छापी मगर आप लोग ईवीएम में फंसे हुए थे।

डुमरियागंज इटवा उत्तर प्रदेश: आज कल उत्तर प्रदेश का यह नेपाल से सटा इलाका सुर्खियों में है। बलराम पूर, सिद्धार्थ नगर उत्...
23/07/2025

डुमरियागंज इटवा उत्तर प्रदेश: आज कल उत्तर प्रदेश का यह नेपाल से सटा इलाका सुर्खियों में है। बलराम पूर, सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश के उन जिलों में आते हैं जो सबसे गरीब हैं। अक्सर बच्चे दिल्ली मुंबई जाकर मजदूरी करते हैं। यहां की साक्षरता दर बहुत कम है। खासकर लड़कियो को प्राइमरी के बाद स्कूल ही नहीं मिल पाता। ऐसे में कुछ लोगों ने यहां स्कूल कालेज का निर्माण कराया ताकि यहां के बच्चे भी पढ़ लिख लें। मौलाना शब्बीर साहब ने 1996 या 97 में सिद्धार्थ नगर तहसील इटवा के अमौना गांव में मुस्लिम बच्चे और बच्चियों के लिए अलफारुक स्कूल की बुनियाद डाली जो आज इस इलाके का उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सबसे बेहतरीन स्कूल है।
स्कूल की बीसियों बस आस पास के लगभग सभी गांवों तक रोजाना हजारों बच्चों को लाती और ले जाती है। इस स्कूल को फलते फूलते देख नफरती लोगों के आंखों में खटक पैदा हुई। छांगुर बाबा पर धर्मांतरण का आरोप लगाने वाली महिला गावं शाहपुर तहसील डुमरियागंज के गांव के अखंड प्रताप नाम के दूसरे व्यक्ति ने बहती गंगा में डुबकी लगाई और मौलाना शब्बीर पर धर्मांतरण का आरोप लगा दिया।
कुछ दिन पहले इसी इलाके बदलिया फागु शाह बाबा के 100 साल पुराने मजार को भी तोड दिया गया था।
यह आरोप 2021 के समय का है जिस की शिकायत अब क्यों की गई। क्या हमेशा से शांत इस इलाके को जान बूझकर कर नफरत के खेती करने वालों के लिए हमवार किया जा रहा है?
तेलंगाना सरकार ने धर्मांतरण विरुद्ध कानून बनाने पर सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि यह कानून आर्टिकल 25 का उलंघन है। जिसके तहत हर भारतीय को धर्म का प्रचार प्रसार करने की स्वतंत्रता है। फिर राज्य सरकारें ऐसे कानून बनाकर सिर्फ अल्पसंख्यकों को जेल में डालने और उनके द्वारा चलाए जाने वाले संस्थानों को बर्बाद करने के लिए एक नए हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं?

जिस अखंड प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है उस व्यक्ति का एक पुराना विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।जिससे उसकी मानसिक स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।

06/04/2025

सदा-ए-भारत: मोवज्जिन साहेब ने जिंदगी मस्जिद में गुजार दी।
और उनके पुत्र जुए की दावत दे रहे हैं।
और हम वक्फ बिल पास होने से घबरा रहे हैं।
इन्हें देखकर जुआरी बनेंगे मुस्लिम युवा?
दौलत शोहरत मिली काश कोई कालेज या युनिवर्सिटी बनाते।
हम वो मुसलमान हैं जिन्हें देखकर शर्माएं यहूद।

सदा-ए-भारत: लोकसभा में रात लगभग 2 बजे पास हुआ वक्फ संशोधन बिल,  पक्ष में 288, विरोध में 232 मत पड़े।कुल 520 सांसदों ने ब...
02/04/2025

सदा-ए-भारत: लोकसभा में रात लगभग 2 बजे पास हुआ वक्फ संशोधन बिल, पक्ष में 288, विरोध में 232 मत पड़े।
कुल 520 सांसदों ने बिल पर वोटिंग किया।
देर रात तक चली चर्चा में विपक्ष की तरफ से पेश किए गए लगभग सारे संशोधन धराशाई हो गए।
जिस पर निगाहें टिकी हुई थीं कि वह मुसलमान वोट कटने के डर से बिल का समर्थन नहीं करेंगे और बिल पास नहीं होगा। मगर नितिश, नायडू, जयंत चौधरी, जीतन राम मांझी समेत अन्य दूसरे सहयोगियों ने मुस्लिम वोटों की परवाह किए बिना बिल को बहुमत से पास करवाया।
कांग्रेस,सपा, टीएमसी समेत अन्य विपक्षी दल मिलकर भी इस बिल को नहीं रोक पाए।
आज यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा वहां भी भाजपा इसे लगभग बहुमत से पास कराने में सफल हो गी।

कुणाल कामरा तुम कायर हो !तुम अगर माफ़ी मांग लेते तो इतिहास में अमर हो जाते। लोग तुम्हें वीर की उपाधि देते।क्या जरूरत थी ...
25/03/2025

कुणाल कामरा तुम कायर हो !तुम अगर माफ़ी मांग लेते तो इतिहास में अमर हो जाते। लोग तुम्हें वीर की उपाधि देते।
क्या जरूरत थी रिक्शा चालक पर टिप्पणी करने की, तुम्हारा कोई अधिकार नहीं किसी के बीते दिनों पर कुछ बोलने की। राजा और प्रजा में फर्क नहीं पता क्या?
तुम राजा होते या राजा के वजीर तो तुम सांसद में खड़े होकर किसी को भी नक्सली बोलते आतंकवादी बोलते, उग्रवादी बोलते, गद्दार पाकिस्तानी बोलते, मियां बोलते मुल्ले बोलते जो चाहे बोलते फिर तुम्हें आज़ादी थी। किसी की भावना आहत नहीं होती।
दरबारी चौथा खंभा भी बेंच पीटता।
और सुप्रीम कोर्ट भी कहता कि किसी व्यक्ति को "मियाँ-तियाँ" या 'पाकिस्तानी' कहना भले ही गलत हो, लेकिन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 298 के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का अपराध नहीं बनता।
तुम ने ये क्या कहा? कि देश में तानाशाह का राज है, भीड़ तंत्र की सरकार है।..जिसे सुनकर उनके समर्थक भीड़ ने आकर तुम्हारा स्टूडियो तोड़ दिया। और उसी भीड़ तंत्र ने खुलेआम तुम्हें धमकियां दीं।
आखिर उन लोगों ने तोड़फोड करके तुम्हारी बात को गलत साबित कर दिया ना कि यहां लोकतंत्र है, कोई तानाशाही नहीं कोई भीड़ तंत्र नहीं है ।
अब भी माफी मांग लो वीर कहलाओगे पूरी जिंदगी पेंशन मिलेगी , बुल्डोजर से कुचले जाने का तुम्हें तनिक भी चिंता नहीं। बुल्डोजर और भीड़ न्यायालय से तुम्हें तनिक भी डर नहीं। कंगाल हो जाओगे कंगाल।

21/02/2025

सदा-ए-भारत: भारतीय रेल में महिला के साथ दारू पीकर यात्री ने की बदतमीजी।
सोशल मीडिया पर वायरल यह विडियो अति चिंताजनक है। भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा के बड़े दावे करता है, मगर यह घटना तमाम दावों की पोल खोल रही है।
एक महिला यात्री जयपुर से 2नड ऐसी में यात्रा कर रही थी। तभी उसके कोच में मौजूद कुछ लोगों ने दारू पीकर गंदी गंदी गालियां बकने लगे और फब्तियां कसने लगे। इस को लेकर महिला ने टीटीई की सहायता से पुलिस में कंप्लेंट किया। मगर घंटों तक उस महिला को कोई सुरक्षा नहीं मिली।
प्रशासन कि इस लापरवाही से कुछ भी अनहोनी हो सकती थी।
भारतीय रेल इस पर तुरंत कार्रवाई करे और रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

17/02/2025

दिल्ली एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं।
दिल्ली का नांगलोई जाट एपिक सेंटर है।
तेज आवाज जैसे आसमानी गरज के साथ आया और चला गया। कोई नुक्सान की खबर अभी तक नहीं है।

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