Jharkhand Samvad Live

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26/08/2026
26/08/2026

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन “मुस्कान” के तहत खोए हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार, 25 अगस्त को जिले के शहरी एवं ग्रामीण थाना क्षेत्रों में गुम हुए 28 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने जिला पुलिस के इस प्रयास की सराहना की और खुशी जाहिर की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से गुम हुए मोबाइल फोन की ट्रैकिंग कर उन्हें बरामद किया जा रहा है।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत अब तक जिले में कुल 3,233 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा ताकि लोगों की खोई हुई संपत्ति उन्हें वापस मिल सके।
जिला पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे फोन की ट्रैकिंग और बरामदगी की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।

26/08/2026

सावन सोमवार पर बेटे का इंतजार करती रही मां, घर पहुंचने से पहले गोलियों से छलनी हुआ निखार...................
जमशेदपुर के निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस की जांच तेज, CCTV में वारदात के समय संदिग्ध महिला फोन पर बात करती दिखी....................
जमशेदपुर में होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे दर्दनाक तस्वीर यह है कि जिस मां को सावन की अंतिम सोमवारी पर बेटे के घर लौटने का इंतजार था, वह बेटे के लिए साबूदाना और फलाहारी मिठाइयां तैयार कर बैठी थी। मां को उम्मीद थी कि बेटा जल्द घर आएगा, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही निखार की जिंदगी गोलियों की बौछार में खत्म कर दी गई।...............
मां ने बेटे के लिए बनाया था साबूदाना, फोन पर पूछा था-कब तक आओगे?

रिपोर्ट के अनुसार, निखार सावन की अंतिम सोमवारी का व्रत रखे हुए थे। दोपहर करीब तीन बजे उनकी मां से फोन पर बातचीत हुई। मां ने उनसे घर आने का समय पूछा तो निखार ने करीब आधे घंटे में पहुंचने की बात कही थी।

बेटे के आने की उम्मीद में मां ने उसके लिए साबूदाना और फलाहारी मिठाइयां तैयार कर रखी थीं। उनकी नजर दरवाजे पर थी और वह बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रही थीं।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।..................
घर पहुंचने से पहले ही गोलियों की बौछार

निखार के घर पहुंचने से पहले ही चांडिल के टेंथ माइल स्टोन होटल के सामने शूटरों ने उनकी हत्या कर दी। बताया गया है कि हमलावरों ने निखार पर गोलियां बरसा दीं।

उधर घर में मां बेटे के लौटने का इंतजार करती रहीं। कुछ देर बाद जब बेटे के कदमों की आहट सुनने की उम्मीद थी, तब उन्हें निखार की मौत की खबर मिली।

यह घटना परिवार के लिए बेहद झकझोर देने वाली रही। जिस बेटे के लिए मां ने व्रत के दिन फलाहार तैयार किया था, वही बेटा घर लौटने से पहले दुनिया से चला गया।...................
CCTV में संदिग्ध महिला, पुलिस की नजर मोबाइल पर

पुलिस जांच में वारदात से जुड़ा एक अहम सुराग CCTV फुटेज के रूप में सामने आया है। फुटेज में वारदात के समय एक महिला लगातार मोबाइल फोन पर बात करती दिखाई दे रही है। पुलिस को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं।

अब पुलिस महिला की पहचान और उसके मोबाइल संपर्कों की पड़ताल कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय वह वहां क्यों मौजूद थी और किससे बातचीत कर रही थी।..................
चार साथियों से पूछताछ, CDR और लोकेशन खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने घटना के समय मौके पर मौजूद निखार के चार साथियों से भी पूछताछ की है। जांच टीम निखार के मोबाइल की CDR, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है।

पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि हमलावरों को निखार के होटल पहुंचने की सटीक जानकारी कैसे मिली। निखार की गतिविधियों और उनके संपर्कों से जुड़े लोगों की भी पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। संदिग्ध महिला की भूमिका, मोबाइल संपर्क और घटना से पहले निखार की गतिविधियों को जोड़कर हत्या की पूरी कड़ी तलाशने की कोशिश की जा रही है।

निखार की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर हमलावरों को निखार के पहुंचने की इतनी सटीक जानकारी किसने दी और इस हत्याकांड के पीछे असली साजिश क्या थी?

26/08/2026

निखार सबलोक हत्याकांड में जमीन कनेक्शन! 24 से अधिक कारोबारी हिरासत में, गैंगवार एंगल पर SIT की ताबड़तोड़ जांच....................
जमशेदपुर में बिजनेसमैन निखार सबलोक की हत्या की जांच में अवैध जमीन कारोबार, भू-माफिया की आपसी रंजिश और गैंगवार का एंगल सामने आया है। सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त SIT ने दो दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है।.....................
जमीन कारोबार से जुड़े तारों की तलाश

चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा स्थित टेंथ माइल होटल के सामने 24 अगस्त की दोपहर बिजनेसमैन निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पुलिस अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में कीमती जमीन के कारोबार और उससे जुड़े विवादों के तार सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त विशेष जांच टीम यानी SIT इस मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की रडार पर जमीन कारोबार से जुड़े कई लोग हैं।..................
24 से अधिक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 24 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें चांडिल और जमशेदपुर क्षेत्र के कई कारोबारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि निखार सबलोक की हत्या के पीछे किसी पुराने जमीन विवाद, कारोबारी वर्चस्व या आपसी रंजिश की भूमिका तो नहीं थी।
घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस को चार हमलावरों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है, जिनमें से दो संदिग्धों की पहचान किए जाने का दावा किया गया है। घटनास्थल से 9 खोखे बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।.....................
गैंगस्टर विक्रम शर्मा कनेक्शन की भी जांच

जांच में देहरादून में मारे गए गैंगस्टर विक्रम शर्मा से जुड़े लोगों का एंगल भी सामने आया है। पुलिस की रडार पर विक्रम शर्मा के करीबी बताए जा रहे कुछ लोग भी हैं।
इसी कड़ी में सोमवार देर रात पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा इलाके में एक वाहन को घेरकर अशोक कुमार सिंह और समीर रजक को हिरासत में लिया गया। दोनों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उनका निखार हत्याकांड से कोई सीधा संबंध है या नहीं।......................
पुराने जमीन विवाद ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

SIT की जांच में यह बात भी सामने आई है कि निखार सबलोक बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के रामदास भट्टा निवासी भूपेंद्र सिंह के एक पुराने भूमि विवाद में मदद कर रहे थे। भूपेंद्र सिंह ने अशोक कुमार सिंह समेत कुछ लोगों पर जबरन मकान हड़पने, रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप लगाए थे।
भूपेंद्र सिंह ने 18 अगस्त को जमशेदपुर के SSP और सिटी SP को लिखित शिकायत भी दी थी। अब पुलिस इस पुराने विवाद और निखार सबलोक की हत्या के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को हत्या से जोड़ना जल्दबाजी होगी। पुलिस पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।......................
छह टीमें कर रहीं ताबड़तोड़ छापेमारी

सरायकेला-खरसावां जिले के एसपी मनोज कुमार स्वर्गियारी के नेतृत्व में गठित SIT की छह टीमें झारखंड के विभिन्न इलाकों के साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल सीमा से सटे क्षेत्रों में भी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि हत्या में शामिल शूटरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए और हत्या की साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।........................
पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी, कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई का आरोप

निखार के पिता संजीव सबलोक ने बेटे की हत्या के पीछे कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई को मुख्य वजह बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू की है।
फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल्स, वित्तीय लेन-देन, CCTV फुटेज और संदिग्धों के आपसी संपर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या से पहले निखार की गतिविधियों पर किसकी नजर थी और हमलावरों को उनकी लोकेशन की जानकारी कैसे मिली।
निखार सबलोक हत्याकांड में अब तक की कार्रवाई ने मामले को महज एक कारोबारी विवाद से आगे बढ़ाकर जमीन कारोबार, पुरानी रंजिश और संभावित गैंगवार से जोड़कर देखने की स्थिति पैदा कर दी है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, हत्या की साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

26/08/2026
26/08/2026

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन को मिली नई कानूनी मजबूती,राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर बने एडवोकेट अशोक कुमार सिंह।

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। एसोसिएशन ने वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह को अपना राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है। उनके इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने से संगठन को कानूनी मामलों में नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के सामने समय-समय पर कई तरह की कानूनी चुनौतियां आती रहती हैं। समाचार संकलन, रिपोर्टिंग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मानहानि से जुड़े मामले, नोटिस, कानूनी प्रक्रिया तथा पत्रकारों के अधिकारों से संबंधित विषयों पर सही कानूनी जानकारी का होना बेहद आवश्यक है। ऐसे समय में अनुभवी अधिवक्ता का मार्गदर्शन पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

एडवोकेट अशोक कुमार सिंह के राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर बनने से प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन को कानूनी स्तर पर एक मजबूत मार्गदर्शन मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को उनके अधिकारों एवं कानूनी दायित्वों के प्रति जागरूक करना तथा जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना है।

एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों का मानना है कि एडवोकेट अशोक कुमार सिंह के अनुभव और कानूनी समझ का लाभ संगठन के विभिन्न राज्यों में कार्यरत पत्रकारों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं परामर्श जैसी गतिविधियों को भी और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।

पत्रकारों के अधिकारों को लेकर जागरूकता पर जोर

आज के दौर में पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ पत्रकारों के सामने कानूनी और तकनीकी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि, स्रोतों की विश्वसनीयता और कानूनी पहलुओं की जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि पत्रकारों को कानून की मूलभूत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन अधिक जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ कर सकें।

राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर के रूप में एडवोकेट अशोक कुमार सिंह की भूमिका इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके मार्गदर्शन में पत्रकारों को कानूनी विषयों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गति देने की संभावना है।

संगठन के विस्तार और मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन लगातार पत्रकारों के हितों और उनकी समस्याओं को लेकर अपनी आवाज उठाने का प्रयास कर रहा है। संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी सलाहकार की नियुक्ति से इसकी कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप से और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एसोसिएशन का मानना है कि पत्रकारों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों और कानून की सीमाओं की भी जानकारी होनी चाहिए। सही कानूनी जानकारी पत्रकारों को अनावश्यक विवादों से बचाने में मदद कर सकती है और उन्हें जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए प्रेरित कर सकती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप चौधरी सहित संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एडवोकेट अशोक कुमार सिंह को राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं। संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से पत्रकारों के हित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप चौधरी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और कानूनी जागरूकता संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संगठन का प्रयास है कि पत्रकारों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कानून की जानकारी भी उपलब्ध हो, ताकि वे किसी भी परिस्थिति का सामना कानूनी समझ और जिम्मेदारी के साथ कर सकें।

पत्रकारों के लिए बनेगा मजबूत कानूनी मार्गदर्शन

एडवोकेट अशोक कुमार सिंह की नियुक्ति को केवल एक पद की जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि पत्रकारों को कानूनी रूप से जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

आने वाले समय में प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन द्वारा पत्रकारों के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, आवश्यक कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इससे संगठन से जुड़े पत्रकारों को अपने कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाले कानूनी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलेगी।

कुल मिलाकर, एडवोकेट अशोक कुमार सिंह का प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय लीगल एडवाइजर के रूप में जुड़ना संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह नियुक्ति संगठन की कानूनी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ पत्रकारों के हितों की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है।

प्रेस पब्लिक मीडिया एसोसिएशन — पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और कानूनी जागरूकता के लिए प्रतिबद्ध।

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