30/05/2026
मिनट मीडिया में 12% कर्मचारियों की छंटनी
नई दिल्ली/तेल अवीव:डिजिटल स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी की दुनिया के दिग्गज यूनिकॉर्न 'मिनट मीडिया' (Minute Media) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया मार्केट में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव और आर्थिक दबावों के बीच कंपनी ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स से करीब 12% कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। लेकिन इस छँटनी से भी बड़ी खबर यह है कि मिनट मीडिया ने पिछले साल सितंबर में करीब $200 मिलियन (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) में खरीदी भारतीय-अमेरिकी कंपनी 'वीडियोवर्स' (VideoVerse) से अपना एग्रीमेंट पूरी तरह खत्म करने का फैसला कर लिया है।
क्या है यह नया और चौंकाने वाला एंगल?
बाजार के विशेषज्ञ इसे टेक और मीडिया सेक्टर की सबसे बड़ी 'रिवर्स स्ट्रेटेजी' (उलटा दांव) के रूप में देख रहे हैं। पिछले साल सितंबर में जब मिनट मीडिया ने वीडियोवर्स को खरीदा था, तब इसे स्पोर्ट्स कंटेंट और एआई-संचालित वीडियो एडिटिंग का सबसे बड़ा सौदा माना जा रहा था। वीडियोवर्स के पास 'Magnifi' नाम का एक बेहतरीन SaaS प्लेटफॉर्म है, जो स्पोर्ट्स वीडियो से ऑटोमैटिक रीयल-टाइम हाइलाइट्स तैयार करता है। इसके क्लाइंट्स में दुनिया की दिग्गज स्पोर्ट्स लीग्स शामिल थीं। लेकिन महज कुछ ही महीनों के भीतर इस इंटीग्रेशन को अचानक बंद कर देना और डील से पीछे हट जाना यह संकेत देता है कि $200 मिलियन के इस सौदे का वित्तीय और तकनीकी आकलन (Due Diligence) शायद सही नहीं बैठ पाया।
एआई का बढ़ता दखल और रीस्ट्रक्चरिंग:
मिनट मीडिया के दुनिया भर में (विशेषकर इजराइल में) लगभग 500 कर्मचारी हैं, जिनमें से करीब 60 लोगों पर इस छँटनी की गाज गिरी है। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मीडिया मार्केट में हो रहे बड़े बदलावों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते दखल के कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। कंपनी अब एआई से होने वाले नुकसानों से बचने और लॉन्ग-टर्म एफिशिएंसी (दीर्घकालिक दक्षता) को बढ़ाने के लिए अपने आर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल रही है। हालांकि, कंपनी ने वीडियोवर्स के साथ अनुबंध तोड़ने की कोई स्पष्ट और पुख्ता वजह साझा नहीं की है, जिससे टेक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है।
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