13/03/2026
क्या हिमाचल का 'लाल सोना' अब कॉर्पोरेट की मुट्ठी में है? 🍎📉
इस वीडियो में देखिए कैसे ₹15.98 करोड़ की सरकारी सब्सिडी और 22,400 मीट्रिक टन की स्टोरेज क्षमता ने हिमाचल के सेब बाजार का रुख बदल दिया है। जब सरकार ने अडानी के साथ कोई MoU साइन नहीं किया, तो उसका सीधा असर आज किसानों की जेब पर पड़ रहा है। सेब के दाम अब बागानों में नहीं, कॉर्पोरेट दफ्तरों में तय हो रहे हैं!
पूरा सच जानने के लिए वीडियो देखें। 👆