14/03/2026
एक 21 kg के नीतीश कुमार yadav की IAS बनने की कहानी ही रियल motivation है
चलने-फिरने में असमर्थ, फिर भी नितीश कुमार यादव ने UPSC में बनाया इतिहास
अहीरवाल के नांगल चौधरी के गांव खटौटी कला के पूर्व सरपंच श्रद्धानंद यादव जी के सुपुत्र नितीश कुमार यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 847वीं रैंक हासिल कर संघर्ष और हौसले की मिसाल पेश की है।
सिर्फ 3 फुट कद और 21 किलो वजन के नितीश बचपन से ही गंभीर दर्द और बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने यह तक कह दिया था कि अब पूरी जिंदगी दवाइयों के सहारे ही चलना पड़ेगा। इसी कारण वे 12–13 साल की उम्र तक स्कूल भी नहीं जा पाए
उन्होंने पढ़ाई की शुरुआत की। और उनकी मां उन्हें गोद में लेकर स्कूल तक ले जाती थीं।
आर्थिक रूप से साधारण परिवार, शारीरिक कठिनाइयाँ और बार-बार असफलताएँ… लेकिन नितीश ने हार नहीं मानी। लगातार 7 प्रयासों के बाद उन्होंने UPSC में सफलता हासिल कर ली।
नितीश की कहानी यह साबित करती है कि अगर हौसला और विश्वास मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल इंसान को मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।