20/04/2020
अंगुली उठाने से कोई फायदा नहीं
आज से देश के कई हिस्सों से लगी पाबंदियां हटाई जा रही हैं। ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इस समय हम लोग सयंमित रहकर और शासन प्रशासन की गाइडलाइंस का ठीक से पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। क्योंकि जिन इलाकों से पाबंदियां हटाई जा रही हैं उसका कतई मतलब नहीं कि अगर यहां कोई केस नहीं मिला है तो आगे भी नहीं होगा। ध्यान रहे हमारी थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। मतलब सावधानी हटी और फोटो पर माला टंगी समझो।
चीन से शुरू हो कर विश्व के 150 से ज्यादा देशों में तांडव मचा रहे कोरोना वायरस के आगे महाशक्तियां भी लगभग घुटने टेक चुकी हैं। जब उनकी इसके आगे कोई बिसात नहीं तो हम कहां ठहरेंगे यह सोचकर ही सिरहन सी खड़ी हो जाती है। इस वक्त प्रत्येक भारतीय को इस संकट की घड़ी में एकजुट होने की जरूरत है। लेकिन हम लोग और संसद में बैठे नुमांइदे फिर चाहे वह सत्ता पक्ष हो या फिर विपक्ष एक दूसरे की टांग खिंचने में लगे हैं। हम एक विशेष समुदाय के ऊपर आरोप लगाने से ऊपर ही नहीं उठ पा रहे हैं कि इनके कारण देश में यह महामारी फैली है। जबकि यह वक्त खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने का है। क्योंकि जब खुद सुरक्षित रहेंगे तभी तो देश भी सुरक्षित रहेगा।
हम सब जानते हैं कि देश में कोरोना के इतने बड़े पैमाने पर फैलने के पीछे एक विशेष समुदाय एक बड़ी वजह हो सकते हैं या फिर है। किन्तु क्या आपको नहीं लगता कि सिर्फ यह कह देने से कि कोरोना इनकी वजह से फैला है। हम इस महामारी से बच जाएंगे। या फिर सरकारों पर अंगुली उठाने से कि समय पर प्रयाप्त कदम नहीं उठाए गए। यहां मेरा मानना है कि इसके पीछे जो सबसे बड़ी वजह वह है हम सबकी लापरवाही और हमारी सोचने समझने की शक्ति का क्षीण हो जाना। यह वक्त अंगुली उठाने का नहीं है। यहां हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि हमारा उठाया हुआ हर कदम देशहित में होना चाहिए। लेकिन इसके विपरित हम सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं। क्या हम लोग इतने बड़े जाहिल हैं कि हमें इतनी सी बात समझ में ही नहीं आती कि जब जिंदा ही नहीं रहेंगे किस पर अंगुली उठाएंगे और किससे लड़ेंगे।
हमारे पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और अतिआवश्यक सेवाओं में लगा हर व्यक्ति अपनी जान को हथेली पर रखकर हम लोगों को बचाने के लिए एक ऐसे दुश्मन से लड़ रहा है जिसे न देखा जा सकता है और नहीं महसूस किया जा सकता है। वो अपने परिवार, मां-बाप और बच्चों को छोड़ कर लड़ रहें तो सिर्फ इस देश को और हमें बचाने के लिए। इस लड़ाई में हमारे कई वीर सिपाही अब तक शहीद हो चुके हैं। लेकिन हम इनके बलिदान को जाया कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो हम इनसे बेवजह जुझते और इन पर पत्थर बरसाते हुए क्यों देखे जाते हैं?
बताते चलें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से देशभर में 36 लोगों की मौत हो गई है और 1553 नए मामले सामने आए हैं। कुल आंकड़ों की बात करें तो देश में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 17265 हो चुके हैं। इनमें से 14,175 एक्टिव केस हैं। 2546 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और 543 लोगों की मौत हो गई है। अगर बात करें तो पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोन से 36 लोगों की मौत हो चुकी है और 1553 नए मामले सामने आए हैं। अगर हम राज्यवार बात करें तो महाराष्ट्र में अब तक 211, मध्य प्रदेश में 70, गुजरात में 58, दिल्ली में 43, तमिलनाडु में 15, तेलंगाना में 18, आंध्र प्रदेश में 15, कर्नाटक में 14, उत्तर प्रदेश में 17, पंजाब में 16, पश्चिम बंगाल में 12, राजस्थान में 11, जम्मू कश्मीर में 5, हरियाणा में 3, केरल में 3, झारखंड में 2, बिहार में 2, असम, हिमाचल और ओडिशा में एक एक व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हो चुकी है।
वहीं दूसरी ओर पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण के अब तक 24,07,340 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 16,17,143 मामले सक्रिय हैं। जबकि 1,65,069 लोगों की मौत हो चुकी है और 6,25,128 लोग ठिक हो चुके हैं।