22/11/2025
नया लेबर कोड 2025 भारत के श्रम कानूनों का एक व्यापक सुधार है, जो पुराने 29 कानूनों को समाहित कर चार मुख्य श्रम संहिताओं में बदल देता है। यह कोड श्रमिकों के अधिकारों और लाभों को बढ़ावा देता है, खासकर ग्रेच्युटी की पात्रता अवधि को पांच साल से घटाकर एक साल कर देता है, जिससे फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी तत्काल वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
गिग और प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स को पहली बार श्रम कानूनों का लाभ मिला है, जिसमें ऐसी श्रमिकों के लिए बीमा, स्वास्थ्य देखभाल, मातृत्व लाभ तथा पेंशन का प्रावधान किया गया है। कंपनियां अब अपनी वार्षिक टर्नओवर का एक छोटा हिस्सा इस सामाजिक सुरक्षा कोष में जमा करेंगी, जिससे ये श्रमिकों को स्थिर सुरक्षा प्रदान कर सकेगा।
नियमित कर्मचारियों के लिए कोड में कम से कम वेतन की गारंटी, समय पर वेतन भुगतान, वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, और एसआईसी (ESIC) कवरेज का विस्तार शामिल है। इसके अतिरिक्त, पारदर्शी रोजगार नीति लागू कर समान वेतन और छुट्टियों जैसे लाभ भी सुनिश्चित किए गए हैं।
पुराने श्रम कानूनों की तुलना में यह नया कोड नियमों को सरल बनाता है और कार्यस्थल पर विवाद निपटान के लिए दो सदस्यीय ट्रिब्यूनल बनाता है, जिससे त्वरित न्याय मिल सके। यह अधिक समावेशी, लचीली और आधुनिक संरचना के साथ कामगार और नियोक्ता दोनों के लिए फायदेमंद है।
इस प्रकार, नया लेबर कोड 2025 सभी श्रमिक वर्गों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय स्थिरता, और रोजगार की गुणवत्ता प्रदान करता है, जो भारत के नए कामकाजी ढांचे को मजबूती देता है।