27/02/2026
गांव की गली वीरान हो गई,
मेरी मोहब्बत किसी और की जान हो गई…
जिस मोड़ पे साथ चलने की कसम खाई थी,
वहीं से मेरी किस्मत अनजान हो गई।
जिसे सजाया था ख्वाबों में दुल्हन बनाकर,
वो किसी और के नाम की पहचान हो गई।
अब उस गली से गुज़रता हूँ तो सर झुका लेता हूँ,
क्योंकि मेरी कहानी वहीं बेजान हो गई।