04/07/2025
अनंगपुर गांव में बवाल नेता जनता के साथ या राजनीति के साथ?
फरीदाबाद/अनंगपुर - विशेष रिपोर्ट
अरावली की पहाड़ियों से सटे अनंगपुर गांव में प्रशासन द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। गांववाले खुलकर नेताओं पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं खासतौर पर तीर विधायक धनेश अदलखा और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की ओर निशाना साधा जा रहा है।
हालांकि दोनों नेता बार-बार यह बयान दे चुके हैं कि वे अनंगपुर गांव के साथ खड़े हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, विधायक धनेश अदलखा ने ही हरियाणा विधानसभा में अनंगपुर में बनी तथाकथित अवैध कॉलोनियों का मुद्दा सबसे पहले उठाया था। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट में अनंगपुर और अरावली क्षेत्र से जुड़े केस में उन्होंने निजी वकील नियुक्त कर हस्तक्षेप भी किया, जो गांववासियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
गांववासियों का साफ कहना है कि अगर नेता वाकई साथ होते, तो सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ कोई स्टैंड नहीं लेते। “हमें गुमराह किया गया। पहले नेता मंचों पर साथ खड़े हुए और बाद में कोर्ट में गांव के खिलाफ वकील खड़ा कर दिया गया,” एक बुजुर्ग ग्रामीण ने नाराज़गी जताते हुए कहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये मामला अब सिर्फ़ पर्यावरण या अवैध निर्माण का नहीं रहा, बल्कि यह एक राजनीतिक साख और भरोसे का मुद्दा बन गया है। जनता पूछ रही है:
विधानसभा में मुद्दा उठाने वाले अब विरोध क्यों नहीं कर रहे?
कोर्ट में वकील भेजने के बाद अब गांव के समर्थन में कैसे खड़े हो सकते हैं?
क्या कहती है प्रशासनिक कार्रवाई?
प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और पर्यावरणीय सुरक्षा के नाम पर की जा रही है। लेकिन यह भी सवाल उठता है कि क्या कानून की आड़ में सिर्फ़ गांवों को निशाना बनाया जा रहा है?
वहाँ बड़े-बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं क्या वो उस कानून मे नहीं आते उन्हें किस आधार पर क्लीन चिट दिया गया है ऐसी सुविधा वहां के स्थाई ग्राम वासियों के लिए क्यों नहीं है सुरेन्द्र गुर्जर सालरपुर की ये लाइन या सटीक बैठ जाती है की - अगर पैसा हो तो जंगल में भी महल बन जाते हैं जब गांव का गरीब घर बनाता है कानून के डंडे चल जाते हैं
लोगो का कहना है ना कोई भाषण ना कोई वादा
अब लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे एक बार मरना है जीते जी ना मरना