11/08/2026
प्रदेश में तारकोल की कमी के चलते अब सीमेंट की सड़कें बनाने की तैयारी। हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए तारकोल की उपलब्धता में कमी अब विकास कार्यों में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां तारकोल मिलने में देरी हो रही है, वहां सड़क निर्माण के लिए सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों का विकल्प अपनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और मरम्मत के लिए तय समय सीमा का पालन करने के निर्देश दिए। देरी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने तथा गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मेरी सड़क ऐप पर दर्ज शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान करने को कहा। मरम्मत पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट भी ऐप पर अपलोड की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
रेलवे से प्रभावित और लंबित सड़क परियोजनाओं की सूची तैयार कर रेलवे के साथ समन्वय से निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़कों पर विशेष जोर दिया गया है।
💧 5,714 करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं को मंजूरी
हरियाणा को जल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 5,714.80 करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 4,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक तथा 1,714.80 करोड़ रुपये राज्य सरकार लगाएगी।
इसके तहत 120 नहरों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे करीब 56,830 एकड़ भूमि को लाभ मिलेगा। परियोजना को वर्ष 2026 से 2032 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है।
साथ ही 7 जिलों में 131 नए जलस्रोत बनाए जाएंगे और लगभग 28 हजार एकड़ जमीन को इसका लाभ मिलेगा। 620 वाटर कोर्स/खालों का सुधार कर करीब 3.18 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
🔹 मुख्य प्वाइंट
तारकोल की कमी के चलते सड़क निर्माण में अब सीमेंट-कंक्रीट का विकल्प अपनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़क निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश दिए।
मेरी सड़क ऐप की शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान होगा।
सड़क निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
गुणवत्ता में लापरवाही पर ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किए जाएंगे।
सभी सड़कों की मैपिंग कर उनकी स्थिति और रखरखाव का रिकॉर्ड तैयार होगा।
रेलवे से प्रभावित सड़क परियोजनाओं को समन्वय से जल्द पूरा किया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधाओं पर जोर।
5,714.80 करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं को मंजूरी।
120 नहरों का कायाकल्प किया जाएगा।
करीब 56,830 एकड़ भूमि को नहर परियोजनाओं से लाभ मिलेगा।
7 जिलों में 131 नए जलस्रोत बनाए जाएंगे।
करीब 28 हजार एकड़ जमीन को जलस्रोत परियोजनाओं का लाभ मिलेगा।
620 वाटर कोर्स/खालों का सुधार होगा।
करीब 3.18 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य।
Moshim Khan
🏷️ Hashtags
ेजिडेंट्स_हरियाणा_न्यूज