01/09/2026
लोग भूल जाते हैं… रब के यहाँ भी तराज़ू लगने वाला है
इंसान दुनिया में अपने फायदे और नुकसान का हिसाब तो बहुत अच्छी तरह रखता है। कौन-सी चीज़ कितने रुपये की है, कितना नफा हुआ और कितना नुकसान, हर चीज़ का हिसाब रखता है। लेकिन अक्सर वह यह भूल जाता है कि एक दिन ऐसा भी आने वाला है, जब उसके अपने हर काम का हिसाब लिया जाएगा।
दुनिया के तराज़ू में इंसान वजन और कीमत देखता है, लेकिन अल्लाह के यहाँ अमल का वजन होगा। वहाँ न पैसा काम आएगा, न दौलत, न शोहरत और न ही दुनिया की कोई ताकत।
किसी गरीब का हक़ दबाया हो, किसी मजबूर को धोखा दिया हो, किसी के साथ ज़ुल्म किया हो, किसी का माल नाजायज़ तरीके से लिया हो या किसी के दिल को बेवजह दुखाया हो इंसान दुनिया में शायद इन बातों को भूल जाए, लेकिन रब के यहाँ कुछ भी भुलाया नहीं जाएगा।
कुरआन हमें याद दिलाता है कि क़यामत के दिन इंसाफ़ के तराज़ू कायम किए जाएंगे और किसी पर ज़रा भी ज़ुल्म नहीं होगा।
इसलिए ज़िंदगी में जब भी किसी के साथ लेन-देन करें, किसी का हक़ अदा करें या किसी कमजोर इंसान से सामना हो, तो एक पल के लिए यह जरूर सोचें:
आज मैं दुनिया के तराज़ू से बच भी गया, तो क्या रब के तराज़ू से बच पाऊँगा?
क्योंकि दुनिया का हिसाब यहीं खत्म हो जाता है,
लेकिन रब के यहाँ होने वाला हिसाब हमेशा के लिए है।
इसलिए किसी का हक़ मत मारिए, किसी को धोखा मत दीजिए और किसी मजबूर की बेबसी का फायदा मत उठाइए।
हक़ ओर हलाल का रिज़्क़ कमाओ ओर खाओ।
लोग भूल सकते हैं…
वक्त गुजर सकता है…
दुनिया की अदालत से मामला खत्म हो सकता है…
लेकिन रब के यहाँ हर चीज़ का हिसाब होना है।
वहाँ तराज़ू भी होगा और इंसाफ़ भी।