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(प्रत्येक खबर पर,,टेढी नजर)_ करप्ट सिस्टम और भ्रष्टाचार के खिलाफ मिशन

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29/09/2026

भारी बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान का दावा, बसपा जिलाध्यक्ष ने सीएम से मुआवजे की मांग
जालौन। जनपद जालौन में 24, 25 और 26 सितंबर को हुई लगातार भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। इस संबंध में बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. बृजेश जाटव ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जिलाधिकारी जालौन के माध्यम से भेजकर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।

29/09/2026

जनपद में विकास कार्यों के लिए आये लगभग 1700 करोड़ बजट की लूट का जिम्मेदार कौन?

29/09/2026

ज्ञानेश गुप्ता के घर के बाहर लोगों ने किया प्रदर्शन - गेट पर लिखा गद्दार चोर

*🅱️ BIG BREAKING | उरई -जालौन**🛑 बरसात में मेंढक और अब ओवरलोडिंग पर कुछ पत्रकारों की फुदकती पत्रकारिता???**🛑  ARTO पर सव...
28/09/2026

*🅱️ BIG BREAKING | उरई -जालौन*

*🛑 बरसात में मेंढक और अब ओवरलोडिंग पर कुछ पत्रकारों की फुदकती पत्रकारिता???*

*🛑 ARTO पर सवाल उठाने वालों से हमारी पड़ताल के भी कुछ सवाल...*

*🛑 जालौन में ओवरलोडिंग कोई आज की समस्या नहीं है। वर्षों से सड़कों पर क्षमता से अधिक भार लेकर ट्रक और डंपर दौड़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं।*

*🛑 लेकिन इन दिनों ओवरलोडिंग के मुद्दे पर अचानक कुछ पत्रकारों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।*

*🛑 बरसात आती है तो मेंढक निकलते हैं... और क्या अब ओवरलोडिंग का मुद्दा आते ही कुछ पत्रकार भी फुदकने लगे हैं?*

♦️सवाल इसलिए क्योंकि हमारी टीम को मिली बिभागीय सूत्रों के मुताबिक ??

*🛑 जिले के एक चर्चित पत्रकार द्वारा कथित तौर पर ओवरलोड वाहनों की एक लंबी सूची लेकर ARTO के पास पहुंचने और कुछ वाहनों पर चालान/ओवरलोडिंग की कार्रवाई न किए जाने की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई है।*

*🛑 बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी ने नियमों के विपरीत कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया।*

♦️इसके बाद कथित तौर पर उसी अधिकारी के खिलाफ लगातार खबरें सामने आने लगीं।

🛑 क्या यह महज संयोग है या पूरी कहानी कुछ और है?

अगर यह जानकारी गलत है तो संबंधित पत्रकार के पास अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है।

*🛑 लेकिन अगर यह सही है तो सवाल बेहद गंभीर है!*

क्या पहले कार्रवाई रोकने की सिफारिश और मना होने के बाद उसी अधिकारी के खिलाफ खबरों का सिलसिला शुरू होना महज संयोग है ??

जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए।

*🛑 पत्रकारिता या कारोबार?*

सबसे बड़ा सवाल यहीं से शुरू होता है।

पत्रकारिता समाज और व्यवस्था पर सवाल उठाने का माध्यम है।

*🛑 लेकिन अगर कोई व्यक्ति पत्रकारिता के साथ-साथ वाहन/परिवहन से जुड़े कारोबारी हितों से भी जुड़ा हो, तो ओवरलोडिंग पर उसकी खबरों के साथ पारदर्शिता और भी जरूरी हो जाती है।*

*🛑 हमारी पड़ताल में ऐसे आरोप/जानकारियां भी सामने आई हैं कि कुछ लोग कथित तौर पर—*

*🛑 वाहन निकलवाने, लोकेशन की जानकारी देने या अधिकारियों से काम कराने के नाम पर वाहन संचालकों से पैसे लेते हैं।*

अगर ऐसा हो रहा है तो यह सिर्फ पत्रकारिता का सवाल नहीं है।

यह सीधे-सीधे हितों के टकराव और पारदर्शिता का सवाल बन जाता है।

*🛑 सवाल ARTO से भी, पत्रकारों से भी*

♦️अगर ARTO साहब नियमों के मुताबिक ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर रहे हैं तो—

♦️क्या किसी की सिफारिश पर कार्रवाई रोकनी चाहिए?

🚫 बिल्कुल नहीं।

*🛑 लेकिन दूसरी तरफ यदि किसी पत्रकार द्वारा अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं तो—*

उन आरोपों के साथ दस्तावेज कहां हैं?

कौन सा वाहन?

कौन सी तारीख?

किस अधिकारी ने कितना पैसा मांगा?

किसने पैसा दिया?

कहां दिया?

क्या कोई ऑडियो, वीडियो, चालान रिकॉर्ड, लेन-देन का प्रमाण या प्रत्यक्षदर्शी है?

सवाल गंभीर है तो सबूत भी गंभीर होना चाहिए।

*🛑 खुद की गाड़ियों पर भी लागू हो वही कानून*

*🛑 अगर कोई व्यक्ति दूसरों की ओवरलोड गाड़ियों पर सवाल उठा रहा है तो जनता यह भी जानना चाहेगी कि—*

♦️क्या उसके स्वयं के स्वामित्व वाली या उससे जुड़े वाहनों की भी नियमानुसार जांच हुई है?

♦️क्या उनके चालान हुए?

♦️क्या कभी ओवरलोडिंग में वाहन पकड़े गए?

क्या वजन पर्चियां मौजूद हैं?

क्या ई-चालान का रिकॉर्ड उपलब्ध है?

अगर सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो फिर सवाल ही खत्म।

लेकिन अगर नियम सबके लिए समान हैं तो—

पत्रकार हो या व्यापारी, नेता हो या अधिकारी—कानून सबके लिए एक होना चाहिए।

*🛑 अधिकारी पर दबाव क्यों?*

*🛑 एक अधिकारी अगर नियमों के अनुसार काम करने की कोशिश करता है तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि वह किसी दबाव, सिफारिश या प्रभाव के बिना निष्पक्ष कार्रवाई कर सके।*

अगर कोई वाहन ओवरलोड है तो कार्रवाई होनी चाहिए।

🚫लेकिन अगर कोई वाहन नियमों के अनुसार है तो उसे सिर्फ किसी व्यक्ति की शिकायत या व्यक्तिगत विवाद के कारण परेशान भी नहीं किया जाना चाहिए।

🚫नियम व्यक्ति देखकर नहीं बदलने चाहिए।

*🛑 ARK SUPARFAST NEWS का बड़ा सवाल*

अगर किसी पत्रकार के पास भ्रष्टाचार का प्रमाण है—

सामने लाओ सबूत।

अगर किसी अधिकारी ने रिश्वत मांगी है—

शिकायत करो, जांच कराओ।

अगर किसी वाहन को गलत तरीके से रोका गया है -

उसका रिकॉर्ड सामने लाओ।

लेकिन अगर किसी अधिकारी ने नियमों के खिलाफ किसी वाहन पर कार्रवाई रोकने से इनकार किया और उसके बाद उसी अधिकारी के खिलाफ खबरों का सिलसिला शुरू हुआ—

तो इस पूरे घटनाक्रम की भी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं होनी चाहिए

*🛑 बरसाती मेंढक वाली पत्रकारिता नहीं, स्थायी सवाल चाहिए*

ओवरलोडिंग पर आवाज उठाना अच्छी बात है।

लेकिन आवाज तभी विश्वसनीय होगी जब वह सभी के लिए समान हो।

आज दूसरे की गाड़ी पर सवाल,

कल अपनी गाड़ी पर चुप्पी—

यह सवाल जनता जरूर पूछेगी।

पत्रकारिता का मतलब किसी अधिकारी को दबाव में लाना नहीं।

*पत्रकारिता का मतलब है—*

तथ्य सामने रखना, दस्तावेज दिखाना और दोनों पक्षों का जवाब जनता तक पहुंचाना।

*🛑 ARK SUPARFAST NEWS का सीधा सवाल—*

*🛑 क्या जालौन में ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई व्यक्ति देखकर होगी या नियम देखकर?*

*🛑 क्या पत्रकार और व्यापारी के लिए भी वही नियम होंगे जो आम वाहन मालिक के लिए हैं?*

🚫 और अगर किसी अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो क्या आरोप लगाने वाला उनके प्रमाण सार्वजनिक करेगा?

*अब “सुना है” नहीं चलेगा...और यदि कोई सूचना/आदेश सम्बंधित अधिकारी के कार्यालय से जारी होता है तो वह आदेश गुप्त होता होगा*

*🛑 सोचने वाली बात ये है की वह सूचना तो सिर्फ गाड़ी मालिक को ही होती होगी और गाड़ी मालिक लोकेशन माफियाओ को देते होंगे लेकिन सवाल ये है की जब पत्रकार ही गाड़ी मालिक बने बैठे है तो पत्रकारों की साख पर सवाल तो खड़े होंगे*

अब दस्तावेज चाहिए।
अब रिकॉर्ड चाहिए।
अब जवाब चाहिए।**

क्योंकि असली पत्रकारिता किसी एक व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं—
बल्कि तथ्य और जनता के पक्ष में होती है।

📰 ARK SUPARFAST NEWS

सवाल भी जमीनी — पड़ताल भी जमीनी।

घाटमपुर में बारिश के बीच गरजीं अनुप्रिया पटेल, कार्यकर्ता सम्मेलन में दिखा उत्साहघाटमपुर (कानपुर)। घनघोर बारिश के बीच घा...
26/09/2026

घाटमपुर में बारिश के बीच गरजीं अनुप्रिया पटेल, कार्यकर्ता सम्मेलन में दिखा उत्साह

घाटमपुर (कानपुर)। घनघोर बारिश के बीच घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सम्मेलन का आयोजन घाटमपुर की विधायक सरोज कुरील द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।

बारिश के बावजूद सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि विपरीत मौसम के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का उपस्थित होना संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच सक्रिय रहने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया और पार्टी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।

बारिश की बूंदों के बीच कार्यकर्ताओं का उत्साह और जोश घाटमपुर में चर्चा का केंद्र रहा। सम्मेलन में अपना दल (एस) के प्रति कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संगठनात्मक सक्रियता का संदेश देखने को मिला।

कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्ता ओंकार सिंह ठाकुर, 219 माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र ने सम्मेलन को कार्यकर्ताओं के उत्साह और संगठन की मजबूती का परिचायक बताया।

36 घंटे की लगातार बारिश से कच्चा मकान ढहा, पीड़ित परिवार को प्रशासनिक मदद का इंतजारसंवाद सूत्र मुसमरिया (जालौन)। लगातार ...
26/09/2026

36 घंटे की लगातार बारिश से कच्चा मकान ढहा, पीड़ित परिवार को प्रशासनिक मदद का इंतजार

संवाद सूत्र मुसमरिया (जालौन)। लगातार 36 घंटे तक हुई बारिश के चलते ग्राम व पोस्ट मुसमरिया निवासी भीखम पुत्र श्यामलाल का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण मकान की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिसके चलते कच्चा मकान ढह गया। मकान गिरने से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार के सामने अब सुरक्षित रहने और सिर छिपाने की समस्या उत्पन्न हो गई है।

पीड़ित भीखम पुत्र श्यामलाल का कहना है कि मकान गिरने के बाद परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि घटना के बाद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर हालचाल लेने नहीं पहुंचा है और न ही कोई सहायता मिली है।

लगातार बारिश और मकान गिरने से परिवार की परेशानी बढ़ गई है। पीड़ित को अब प्रशासनिक मदद का इंतजार है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजकर मकान गिरने से हुए नुकसान का आकलन कराया जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता और पात्रता के अनुसार आवास योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि परिवार को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

फरियादी नहीं पहुंचे तो डीएम ने खुद संभाली शिकायतों की पड़ताल, पूर्व शिकायतकर्ता से फोन पर ली निस्तारण की पुष्टि माधौगढ़ ...
26/09/2026

फरियादी नहीं पहुंचे तो डीएम ने खुद संभाली शिकायतों की पड़ताल, पूर्व शिकायतकर्ता से फोन पर ली निस्तारण की पुष्टि

माधौगढ़ में सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस के दौरान एक भी शिकायत नहीं आई, शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान मौके पर दिखाई देना चाहिए

सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी समीर व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने थाना माधौगढ़ के सभागार में जनशिकायतों की सुनवाई एवं पूर्व में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। समाधान दिवस में कोई भी फरियादी अपनी शिकायत लेकर नहीं पहुंचा। इसके बावजूद जिलाधिकारी ने पूर्व में दर्ज शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति स्वयं परखी। पूर्व सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस में ग्राम हैदरपुरा निवासी शिवराज सिंह ने जलभराव के कारण पुलिया अवरुद्ध होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पंजिका में शिकायत का निस्तारण दर्ज पाए जाने पर जिलाधिकारी समीर ने स्वयं शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर पूछा कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है अथवा नहीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि जलभराव की समस्या को दूर कर दिया गया है और अब स्थिति सामान्य है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल पंजिका अथवा पोर्टल पर दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान मौके पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए। यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट हो तो मामले का पुनः परीक्षण कर प्रभावी समाधान कराया जाए। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने थाना समाधान दिवस से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा करते हुए पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को जनशिकायतों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और आपसी समन्वय से समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मनोज प्रकाश, सीओ अम्बुज, प्रभारी थाना निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद है

🅱️ BIG BREAKING NEWS | जालौनमध्य प्रदेश बॉर्डर पर डीएम-एसपी का संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक निर...
26/09/2026

🅱️ BIG BREAKING NEWS | जालौन
मध्य प्रदेश बॉर्डर पर डीएम-एसपी का संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
माधौगढ़ (जालौन)। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जालौन ने संयुक्त रूप से कोतवाली माधौगढ़ क्षेत्रांतर्गत स्थित अंतर्राज्यीय सीमा मध्य प्रदेश बॉर्डर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सीमा क्षेत्र में सतर्कता और प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि अंतर्राज्यीय सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से बॉर्डर क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों की सक्रियता साफ नजर आई।

26/09/2026

मरघट नहीं होने से ग्रामीण परेशान, बारिश में मिट्टी में हुआ अंतिम संस्कार

माधौगढ़। माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक माधौगढ़ अंतर्गत ग्राम महोबा गोपालपुरा में गांव में मरघट (श्मशान घाट) की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार महोबा गोपालपुरा निवासी अरविन्द (35 वर्ष), पत्नी भारती देवी का 25 सितंबर 2026 को निधन हो गया। बारिश के कारण गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते श्मशान स्थल पर मिट्टी गीली और दलदली हो गई, जिसके कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण रहा।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से मरघट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गांव में श्मशान घाट के लिए उचित स्थान, रास्ता और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराई जाए, ताकि किसी की मृत्यु होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े।

DM Jalaun

26/09/2026

कालपी में एंकाउंटर:- मंदिर मैं चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार...

DM Jalaun #जालौन

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