21/04/2017
आज दूध लाया था अभी
और सोचा कि पानी डाल देता हूँ थोड़ा सा
लेकिन ये क्या
पानी ने तो दूध से मित्रता कर ली
और उसमे समा गया,
यहॉ सीख मिलती है कि दोस्ती करने में वक्त नहीं लगता
बस बहाना लगता है
तो
जब दूध ने पानी का समर्पण देखा
तो उसने कहा,
मेरे मित्र पानी तुमने अपने स्वरुप का त्याग कर मेरे स्वरुप
को धारण किया है
(मतलब पानी दूध में मिल के अपना रूप छोड़ कर दूध ही बन गया )
तो दूध बाला
कि अब मैं
भी मित्रता निभाऊंगा और देखना
नैं तुम्हे भी अपने ही मोल
बिकवाऊंगा,
मतलब यहॉं से सीख मिलती है कि दोस्त चाहे दूध जैसा खूबसूरत और गुऩवान हो या पानी जैसा साधारण
अगर
दोस्ती सच्ची हो तो सब कीमती है
अब आगे सुनिये जब ईस दुध को मैं घर ले गया और उबाला तो भी
दोस्ती का एक सार निकला
सुनिये
दूध लेने के बाद जब उसे उबाला जाता है
तब
पानी कहता है
अब मेरी बारी है मै
मित्रता निभाऊंगा
और
तुमसे पहले मै
चला जाऊँगा
और
दूध से पहले
पानी उड़ता जाता है,
यहॉं सीख है आत्मसमर्पण की
तो
जब दूध मित्र को अलग
होते देखता है तो उफन कर बर्तन के बाहर गिरता है और आग को बुझाने लगता है,
यहॉं सीख है दोस्त की एहमीयत और एक दूसरे के साथ देने की
तो
जब पानी की दो बूंदे उस पर छींट कर उसे अपने मित्र से
मिलाया जाता है तब वह फिर शांत
हो जाता है
तो यहॉं सीख है मिलाप की
लेकिन
इस अगाध प्रेम में ,दोस्ती में
थोड़ी सी खटास (निम्बू की दो चार बूँद )
डाल दी जाए,
तो दूध और पानी अलग हो जाते हैं.
यहॉं सीख है कि दोस्त पर भरोसा करो
निंबू रूपी लोग बहुत हैं
जो झूठ बोलते हैं और अपनी जगह सही साबित होने के लिए झूठ बोलते हैं और आप की दोस्ती में दरार डाल देते हैं तो दोस्ती करो तो भरोसा भी करो
वरना किसी को दोस्त न बनाओ
मैं अभी अभी मिले एक अनुभव से एसा कह रहा हूँ.!
थोड़ी सी मन की खटास,
लोगों का सुना छोटा सा झूठ
अटूट प्रेम
को भी मिटा सकता है…
दोस्तों कभी भी कुछ हो जाये,
रिश्तो में मन
मुटाव ना आने दे,
छोटी सी गलतफहमी भी आपके
रिश्तो में दरार ला सकती हैं।
कुछ भी हो
गलतफहमी और गलती सबसे हो जाती है
मुझ से भी
लेकिन मैं ये कहता हूं कि
गलतफहमी को मिटा डालो
और
गलती को माफ कर डालो
लेकिन अपने रिश्ते को ख़त्म न होने दें
गलती रोज़ हो सकती है
लेकिन रिशते रोज़ नहीं मिलते.. 👍👍👍
आप का अपना