Aap aur Ham

Aap aur Ham Let's remove Tension

17/09/2026
भारत के ज्यादातर नेता और अफसर शाही ने भारत को लूटा न होता तो यह पर्दे लगाने की जरूरत ही नहीं होती। अब लोग कहेंगे यह लोग ...
16/09/2026

भारत के ज्यादातर नेता और अफसर शाही ने भारत को लूटा न होता तो यह पर्दे लगाने की जरूरत ही नहीं होती।

अब लोग कहेंगे यह लोग नशा करते हैं उनके लिए भी जवाब है।
इन उद्योगपतियों ने भारत में उच्च कोटि का नशा फैलाया है। और उन उद्योगपति की सहायता नेताओं और अफसर ने की है।

धर्म का नशा, दारू का नशा। गुटके बीड़ी क नशा
चरस अफीम का नशा।

वाह रे सिस्टम! 2.5 लाख वाला "अमीर" और 8 लाख वाला "गरीब"? ये कैसा दोगलापन है!देश का सबसे बड़ा और कड़वा सच! 😡जहाँ एक तरफ म...
16/09/2026

वाह रे सिस्टम! 2.5 लाख वाला "अमीर" और 8 लाख वाला "गरीब"? ये कैसा दोगलापन है!
देश का सबसे बड़ा और कड़वा सच! 😡
जहाँ एक तरफ मात्र ₹2.5 लाख कमाने वाले को 'अमीर' घोषित करके उसका हक छीन लिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ ₹8 लाख कमाने वाला खुद को 'गरीब' बताकर सारे मलाईदार आरक्षण और फायदे बटोर रहा है।
यह कैसी विडंबना है? क्या गरीबी भी अब जाति देखकर तय होगी? क्या न्याय के पैमाने भी वर्ग देखकर बदल जाते हैं? इस दोहरे रवैये पर अपनी चुप्पी तोड़िए और सोचिए कि आखिर ये किस तरह का न्याय है!
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस वीडियो/पोस्ट को शेयर करके हर आंख खोलने वाले तक पहुँचाएं।

अगर इस तरह का भेदभाव खत्म हो जाए तो ना आरक्षण की जरूरत है ना ही यूजीसी जैसे शख्त कानूनों की..! #जातिगत भेदभाव बंद होना च...
12/09/2026

अगर इस तरह का भेदभाव खत्म हो जाए तो ना आरक्षण की जरूरत है ना ही यूजीसी जैसे शख्त कानूनों की..!

#जातिगत भेदभाव बंद होना चाहिए

पटना की पूजा कुमारी ने दिल्ली में नौकरी के नाम पर शोषण का गंभीर आरोप लगाया है. उनका दावा है कि हेकम कंपनी द्वारा 48 हजार...
10/09/2026

पटना की पूजा कुमारी ने दिल्ली में नौकरी के नाम पर शोषण का गंभीर आरोप लगाया है. उनका दावा है कि हेकम कंपनी द्वारा 48 हजार वेतन पर ICU नर्स की नौकरी के लिए दिल्ली पहुंचीं, लेकिन उन्हें हॉस्टल में कैद कर दिया गया. पूजा के मुताबिक, लड़कियों को लड़कों के सामने पेश किया जाता था और विरोध करने पर उन्हें भूखा रखा गया व शौचालय साफ कराया गया. उन्होंने विदेश भेजने की तैयारी का भी आरोप लगाया. दरअसल पूजा को 23 अगस्त को रोजगार मेले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा नियुक्ति पत्र मिला था. खबरों के मुताबिक अब पूजा किसी तरह बचते हुए पटना पहुंच गई हैं और सीएम सम्राट से मिलने के लिए भटक रही हैं.
' आप और हम ' पेज इस खबर की पुष्टि नहीं करता और सभी अपने विवेक से काम लें ।

ना अकल, ना शकल।इन्हीं को कहते जातंकवादी,इन्हीं को कहते दिमागी नक्सल। इन्होंने सबसे पहले खेल शुरू किया था दिल्ली के जेएनय...
08/09/2026

ना अकल, ना शकल।
इन्हीं को कहते जातंकवादी,
इन्हीं को कहते दिमागी नक्सल।

इन्होंने सबसे पहले खेल शुरू किया था दिल्ली के जेएनयू से जहां पहली बार कन्हैया कुमार वाला मामला उठा था। कन्हैया कुमार तो नेता बन गया लेकिन दिल्ली पुलिस, एबीवीपी और बीजेपी आज तक यह नहीं साबित कर पाई कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगे थे।

असल बात यह है कि इन्हें एक तो हर संस्थान में कब्ज़ा करना था क्योंकि चुनाव तो पहले भी लड़ रहे थे मगर जीत नहीं पा रहे थे इसलिए बड़ी रणनीति के बाद यह तरीका खोजा और यह सफ़ल भी हुआ क्योंकि राष्ट्रधर्म और राष्ट्रभक्ति पर हर कोई उत्तेजित हो ही जाता है।

बात कुछ भी नहीं थी अन्यथा आप बताओ जेएनयू में कुछ बदला? किसी भी संस्थान से लेकर देश, प्रदेश तक क्या बदला? इन्हें सत्ता चाहिए थी और इन्होंने भारी प्रचार, प्रसार, विचार तथा व्यय से यह सब हासिल करना शुरू किया जो आज भी उसी रूप में जारी है।

अभी यह स्वतंत्र भारद्वार वाला मामला उठा है। इससे सरकार की छवि का भी अच्छा–खासा डैमेज हुआ है और इन अराजकों की लॉबी भी बेनकाब हुई है। जहाँ तक मैं इन्हें जानता हूं महज़ एकाध दिनों में ऐसा मुद्दा ढूंढ कर लाएंगे या बनाएंगे कि पूरा डैमेज कंट्रोल किया जाएगा।

ब्रेन वॉश की प्रक्रिया ऐसी ही होती है। आपको क्या लगता है जो मानव बम बनकर फूटते हैं उनकी मानसिकता इनसे अलग होती है? इन्हें किसी को मारने, पीटने, धमकाने, गाली देने या फिर परेशान करने में जो असुरी आनंद आता है वह आनन्द मोबाईल, टीवी, न्यूज़ आदि से आपतक भी पहुंच रहा।

ये कब हुआ!? 🧐 फलाने के नाम को फ़्रीडम फाइटर्स के साथ लिखना कितना उचित है?
08/09/2026

ये कब हुआ!? 🧐 फलाने के नाम को फ़्रीडम फाइटर्स के साथ लिखना कितना उचित है?

📍 नई दिल्ली | जंतर-मंतर🚨 निशू आज़ाद मामले से जुड़े वायरल पॉडकास्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है।इस पॉडकास्ट में स्...
05/09/2026

📍 नई दिल्ली | जंतर-मंतर

🚨 निशू आज़ाद मामले से जुड़े वायरल पॉडकास्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है।
इस पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा जंतर-मंतर की घटना और निशू आज़ाद के पिता पर कथित हमले को लेकर किए गए दावों के बाद कई सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि पॉडकास्ट में सामने आए बयानों ने मामले की कई अहम बातों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हो रही है। ⚖️

📲 Follow :
🔄 पोस्ट शेयर जरूर करें।

आज की राजनीति का हाल 🤔
03/09/2026

आज की राजनीति का हाल 🤔

एक तरफ एक 10 साल का बच्चा है, जिसके हाथ में किताब होनी चाहिए थी, उसके हाथ में बाबा बनने की जिम्मेदारी थमा दी गई है। उसे ...
02/09/2026

एक तरफ एक 10 साल का बच्चा है, जिसके हाथ में किताब होनी चाहिए थी, उसके हाथ में बाबा बनने की जिम्मेदारी थमा दी गई है। उसे देश में क्या हो रहा है इससे मतलब नहीं क्योंकि उसे हर सुविधा के साथ सम्मान मिल रहा है और तो और GICA जैसे बड़े इवेंट में बुलाकर सम्मानित भी किया जा रहा है।

ऐसा नहीं है कि बच्चों को धर्म का ज्ञान नहीं होना चाहिए, जरूर होना चाहिए। लेकिन धर्म को बिजनेस बना दिया गया है। इन बच्चों को धर्म के साथ-साथ पढ़ाई का ज्ञान भी होना चाहिए, स्कूल जाना चाहिए, खेलना चाहिए, लेकिन इन्हें बचपन में ही बाबा बनाकर कैमरे के सामने खड़ा कर दिया जाता है।

वहीं दूसरी तरफ बिहार का एक 6 साल का बच्चा है, जो अपने भविष्य के लिए, अपनी पढ़ाई के लिए, अपने हक के लिए सत्ता से ऐसे-ऐसे सवाल पूछ रहा है कि बड़े-बड़े नेता भी जवाब नहीं दे पाते। और उस बच्चे को सम्मान देने की जगह पुलिस पकड़ कर ले जाती है।

सोचिए, एक बच्चे को धर्म के नाम पर बिजनेस बनाकर सम्मान मिल रहा है और दूसरा बच्चा जो अपने हक के लिए आवाज उठा रहा है उसे थाने ले जाया जा रहा है।

जो बच्चा सवाल पूछ रहा है वो देश का भविष्य है, जो बच्चा बाबा बना है वो बिजनेस का चेहरा है। देश को सवाल पूछने वाले बच्चे चाहिए, माला बेचने वाले बाबा नहीं।

Address

Orai

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Aap aur Ham posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share