30/12/2025
पीपल की शीतल छाया में, सोए हैं अंजनी कुमार!
कण-कण में है राम बसे, रोम-रोम में उपकार!!
माथे पर है स्वर्ण मुकुट, तन पर सिंदूरी चोला!
शक्ति जिनकी अतुलित है, मन जिनका है भोला!!
पास पड़ी है गदा स्वर्ण की, रण का वीर निशान!
पर आज धरा की गोद में, सोया है बलवान!!
पत्थर का तकिया बना लिया, सादा है विश्राम!
साँसों की हर लय कहती है— जय सिया-राम!!
भक्तों के सब संकट हर कर, पल भर ली है तान!
हे संकटमोचन, हे महावीर, चरणों में कोटि प्रणाम!!
🌹🙏🏻
💥जय सियाराम जी!!🌹🙏🏻
💥 जय श्री हनुमान जी!!
ाधा_चूर_हो_जाएगी ंगबली_जी_की ीवन_में_तूफान_आए
#जयतुसनातन