26/08/2026
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: जिलाधिकारी
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
आई कैन न्यूज / कुशीनगर।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा व्यवस्थाओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मातृत्व योजना के अंतर्गत मंत्रा एप पर लंबित भुगतानों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी लंबित भुगतानों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय से योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने माइक्रोप्लान के तहत सभी संबंधित एमवाईसी को अपने क्षेत्र में लंबित भुगतानों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी पंजीकृत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रतिदिन निर्धारित समयावधि में हुए प्रसव एवं मृत्यु से संबंधित अद्यतन विवरण गूगल फॉर्म के माध्यम से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आंकड़ों का नियमित, सटीक एवं व्यवस्थित संकलन किया जाए, ताकि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति की प्रभावी निगरानी की जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की होगी गहन समीक्षा
जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष, विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, संबंधित मजिस्ट्रेट एवं चिकित्सक को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अस्पताल, चिकित्सक अथवा संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही या कार्य में शिथिलता सामने आती है तो उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु से संबंधित प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लिया जाए। कार्रवाई केवल आंकड़ों के संकलन तक सीमित न रहे, बल्कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र के चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को भयमुक्त, सुरक्षित एवं बिना किसी अनुचित दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता एवं मरीजों की सुरक्षा के साथ-साथ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमापूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
सीएचसी पर ऑक्सीजन व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन व्यवस्था को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक धनराशि की उपलब्धता एवं समय से उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और ऑक्सीजन की कमी के कारण उपचार प्रभावित न हो।
शव वाहन की सुविधा के संबंध में पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश
बैठक में शव वाहन की उपलब्धता एवं उसके उपयोग से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आमजन को शव वाहन की उपलब्धता, संपर्क व्यवस्था एवं उपयोग की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट, पारदर्शी एवं विधिवत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय से इस सुविधा का लाभ मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाएं, आशाओं के भुगतान, कालाजार, फाइलेरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। विशेष रूप से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने तथा एंबुलेंस सेवाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा कार्य के प्रति उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपदवासियों को सुलभ, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी संवेदनशीलता, सेवा भावना एवं पूर्ण जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।