05/06/2026
जवाई ईको टूरिज्म के उन्नयन एवं संरक्षण को लेकर होटल-रिसॉर्ट संचालकों की कार्यशाला आयोजित
पाली, 05 जून। जवाई ईको टूरिज्म क्षेत्र के उन्नयन, संरक्षण एवं सतत विकास के उद्देश्य से शुक्रवार को बाली उपखण्ड क्षेत्र में संचालित होटल एवं रिसॉर्ट प्रबंधकों की आमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन होटल आरामगाह जवाई (रेडिसन) के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। कार्यशाला में जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने भाग लिया।
कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलक्टर बाली शैलेन्द्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जवाई क्षेत्र में लेपर्ड संरक्षण, नो-गो एरिया की पालना, रात्रिकालीन सफारी पर रोक, टॉर्च के उपयोग पर प्रतिबंध तथा वन्यजीव संरक्षण संबंधी विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत कार्ययोजना बनाकर क्षेत्र में वृक्षारोपण एवं अन्य जनहितकारी गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
जिला परिवहन अधिकारी सुमेरपुर अनुप चौधरी ने मोटर वाहन अधिनियम एवं सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रशिक्षु आईएएस एवं सहायक वन संरक्षक ने वन्यजीव संरक्षण तथा राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा पारित आदेशों एवं निर्धारित एसओपी की अनुपालना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उप पुलिस अधीक्षक बाली पारसराम ने होटल एवं रिसॉर्ट प्रबंधकों को पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने, पर्यटकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने तथा सकारात्मक संवाद शैली अपनाने की सलाह दी, जिससे क्षेत्र की पर्यटन छवि और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यशाला में लगभग 60 होटल एवं रिसॉर्ट प्रबंधकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय देते हुए जवाई ईको टूरिज्म के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी बाली दिनेश विश्नोई, तहसीलदार बाली जितेन्द्र सिंह राठौड़, विकास अधिकारी बाली भोपाल सिंह जोधा, एसीएफ सुमेरपुर, एसीएफ पाली, नगरपालिका सुमेरपुर एवं बाली के अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका फालना के कनिष्ठ अभियंता, डीओआईटीसी विभाग बाली के प्रोग्रामर प्रद्युम्न सिंह तथा अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी एडीएम कार्यालय बाली महेन्द्र बैरवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।