29/10/2025
कर्नाटक सरकार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास में बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर कुछ स्थानों पर आरएसएस की शाखाओं के आयोजन पर रोक लगाई थी। इस कदम के बाद सरकार पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी आलोचना हुई।
अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और सरकार को फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह का प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि किसी संगठन की गतिविधियों पर रोक लगाने से पहले ठोस और कानूनी आधार होना चाहिए।
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद सरकार की स्थिति असहज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह वैचारिक विरोध के कारण आरएसएस को निशाना बना रही है। वहीं, आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय की जीत है और संविधान के अधिकारों की रक्षा का उदाहरण है।
कर्नाटक में आरएसएस की शाखाएँ लंबे समय से सक्रिय हैं, और उनका सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस मामले के बाद अब राज्य सरकार के सामने यह चुनौती होगी कि वह अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए अपने प्रशासनिक कदमों को किस दिशा में ले जाती है।