04/06/2026
रिंग रोड वेलफेयर एसोसिएशन में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, प्रधान और महासचिव के बीच व्हाट्सएप ग्रुप में छिड़ी बहस
LIVE VIEWS (वैभव छाबड़ा)
मॉडल टाउन की रिंग रोड वेलफेयर एसोसिएशन में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हाल ही में ट्रैफिक व्यवस्था और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर आयोजित बैठक के बाद एसोसिएशन के कोर कमेटी व्हाट्सएप ग्रुप में प्रधान मोहित बजाज और महासचिव आशु दुआ के बीच लंबी बहस छिड़ गई। दोनों पदाधिकारियों ने व्यापारियों के हित, ट्रैफिक प्रबंधन और एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग राय रखी।
विवाद की शुरुआत उस बैठक को लेकर हुई जिसमें ट्रैफिक डीएसपी सुरेश सैनी को मॉडल टाउन की समस्याओं से अवगत कराने के लिए बुलाया गया था। एसोसिएशन के प्रधान मोहित बजाज ने इसे ट्रैफिक समस्याओं, हुड़दंग करने वाले तत्वों और पार्किंग संकट के समाधान की दिशा में जरूरी कदम बताया।
वहीं महासचिव आशु दुआ ने बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी चर्चा में व्यापारियों के हितों की बात कम और उनके कारोबार पर असर डालने वाले मुद्दों पर ज्यादा जोर दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस नाकाबंदी और सख्ती बढ़ने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ेगा।
आशु दुआ ने कहा कि जाम की असली वजह दुकानदार या ग्राहक नहीं, बल्कि सड़कों पर अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ियां और अतिक्रमण हैं। उनका कहना था कि पहले नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत कर अतिक्रमण हटाने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए थे।
इसके जवाब में प्रधान मोहित बजाज ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य किसी व्यापारी को परेशान करना नहीं था, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाना था। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक डीएसपी के साथ हुई चर्चा में यह मुद्दा भी उठाया गया था कि नाकाबंदी की वजह से दुकानदारों और ग्राहकों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा पेट्रोलिंग बढ़ाकर व्यवस्था बनाई जाए।
व्हाट्सएप ग्रुप में हुई चर्चा के दौरान महासचिव आशु दुआ ने यह भी सवाल उठाया कि कोर कमेटी से व्यापक चर्चा किए बिना डीएसपी को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया। वहीं प्रधान मोहित बजाज ने जवाब देते हुए कहा कि कार्यक्रम की जानकारी पहले से दी गई थी और यदि समय या तरीके को लेकर कोई आपत्ति थी तो उसे पहले भी रखा जा सकता था।
चर्चा के दौरान दोनों पदाधिकारियों के बीच कई बार तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ। महासचिव ने कहा कि एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य दुकानदारों के हितों की रक्षा करना है, जबकि प्रधान का कहना था कि ट्रैफिक, पार्किंग और अतिक्रमण जैसी समस्याओं का समाधान भी व्यापारियों के हित में ही है।
फिलहाल इस बहस ने एसोसिएशन के भीतर चल रही मतभेदों की चर्चाओं को और हवा दे दी है। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में एसोसिएशन के पदाधिकारी आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर व्यापारियों और क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं या नहीं।