20/10/2022
फेस्टिवल सीजन में रेलवे की बंपर कमाई, लेकिन यात्रियों की कट रही जेब
दिल्ली। फेस्टिवल सीजन में घर जाने वालों को सबसे पहले आरक्षण के लिए जूझना पड़ता है। हालांकि इन सबके समाधान के लिए भारतीय रेलवे की ओर से कई दिन पहले ही स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाता है। दीपावली और छठ के पर्व पर जाने के लिए अभी से लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा और आरक्षण के लिए लंबी प्रतीक्षा चल रही है। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और तेजस जैसी डायनामिक फेयर सिस्टम वाली ट्रेनों का किराया भी ज्यादा है। इन ट्रेनों के यात्रियों को त्योहार के समय 3 गुना ज्यादा खर्च करना पड़ता है, वहीं इससे रेलवे को कमाई भी हो रही है। वहीं दूसरी ट्रेनों के मुकाबले इन ट्रेनों में किराया तीन गुना अधिक है। इससे यात्रियों की जेब कट रही है, वहीं रेलवे को मुनाफा हो रहा है।
ऐसे समझे किराया…
जैसे दिल्ली से पटना जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया 1,350 रुपए है लेकिन दिल्ली से पटना जाने वाली राजधानी ट्रेन में थर्ड एसी की किराया 2,370, वहीं तेजस राज में 3,415 रुपए है। यह दूसरी अन्य ट्रेनों के मुकाबले इनमें किराया तीन गुना ज्यादा है। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेन में डायनामिक फेयर सिस्टम लागू होता है, कारण है इनमें विशेष सुविधा का होना। इनकी रफ्तार दूसरी ट्रेनों के मुकाबले में ज्यादा होती है। इनका किराया ज्यादा तो होता है साथ ही साथ टिकटों की बुकिंग के साथ-साथ किराया और बढ़ता जाता है।
ऐसे काम करता है डायनामिक फेयर सिस्टम
रेलवे ने सितंबर 2016 में डायनामिक फेयर सिस्टम लागू किया था। शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी 150 से ज्यादा प्रीमियम गाड़ियों पर ही लागू होता है। इस सिस्टम के कारण टिकटों की बुकिंग के साथ किराया बढ़ता जाता है। यदि ट्रेन में 10 फीसदी टिकट बुक हो गई, तो किराया 10 फीसदी बढ़ जाता है। यदि 20 फीसदी टिकट बुक हो गई तो भी किराया 10 फीसदी और ज्यादा लगेगा। इसका मतलब है कि हर 10 फीसदी टिकट की बुकिंग के साथ किराया बढ़ता रहता है।
जब तक ट्रेन की 50 फीसदी टिकट बुक नहीं हो जाती यह सिलसिला तब तक चलता है। जहां पर 50 फीसदी टिकट बुक होने के बाद टिकट का किराया स्थिर हो जाता है। शताब्दी में ट्रेन की टिकट 1000 रुपये है. इस ट्रेन में 10 फीसदी सीट बुक हो जाने के बाद आपको टिकट 1100 रुपये का मिलेगा। इसी तरह 10 फीसदी सीट और बुक हो जाने पर टिकट 1,210 रुपये की हो जाएगी। ट्रेन की 50 फीसदी टिकट बुक हो जाने पर किराया 1,460 रुपये हो जाएगा।
सीएजी की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा…
कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG)की रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में रेलवे को 26,388 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। डायनामिक फेयर सिस्टम की वजह से यात्रियों की संख्या में कमी आ गई। सीएजी की रिपोर्ट में डायनामिक फेयर सिस्टम वाली गाड़ियों से रेलवे को 552 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी, लेकिन सितंबर 2016 से जुलाई 2017 के बीच इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में 6.57 लाख की कमी आई थी। मार्च 2020 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि डायनामिक सिस्टम लागू करने की तारीख से मार्च 2019 तक रेलवे को 4,140 करोड़ रुपए की कमाई हुई।