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30/03/2026

तुम्हारी कहानी… मुझसे शुरू हुई है 🧬story

गायब हुआ आविष्कार: बापूजी तलपड़े और वो 'मरकरी' इंजन का राज! (महा-गाथा - भाग 2) 🕵️‍♂️✨​मुंबई की चौपाटी पर उमड़ी भीड़ उस द...
26/03/2026

गायब हुआ आविष्कार: बापूजी तलपड़े और वो 'मरकरी' इंजन का राज! (महा-गाथा - भाग 2) 🕵️‍♂️✨

​मुंबई की चौपाटी पर उमड़ी भीड़ उस दिन एक चमत्कार की गवाह बनी थी। 'मारुत्सखा' नाम का वह यंत्र जब हवा में उठा, तो किसी को यकीन नहीं हुआ। लेकिन इस सफलता के पीछे छिपा था सदियों पुराना 'विमान शास्त्र' का ज्ञान।
​1. पारे (Mercury) का जादुई विज्ञान: 'मर्करी वर्टेक्स इंजन' 🧪🌀
​ऋषि भारद्वाज के ग्रंथों में 'पारे' को केवल एक धातु नहीं, बल्कि 'दिव्य ऊर्जा' का स्रोत माना गया है। बापूजी तलपड़े ने जिस इंजन का निर्माण किया था, वह आज के 'आयन प्रोपल्शन' (Ion Propulsion) जैसा था:
​वर्टेक्स पावर: एक लोहे के बर्तन में पारे को भरकर उसे सौर ऊर्जा और बिजली के झटकों से घुमाया जाता था। इससे एक 'वर्टेक्स' (भंवर) पैदा होता था जो गुरुत्वाकर्षण (Gravity) को मात दे देता था। 🌪️
​शून्य घर्षण: यह इंजन आवाज़ नहीं करता था और न ही धुआँ छोड़ता था। यह पूरी तरह से 'फ्री एनर्जी' पर आधारित था। 🔋
​2. वह रहस्यमयी रात और ब्रिटिश 'रेड' 🚫🇬🇧
​तलपड़े की सफलता ने ब्रिटिश हुकूमत की नींद उड़ा दी। उन्हें डर था कि अगर गुलाम भारत के पास ऐसी तकनीक आ गई, तो उन्हें रोकना नामुमकिन होगा।
​अचानक गायब हुए कागजात: कहा जाता है कि एक रात कुछ अज्ञात लोग तलपड़े के घर में घुसे और उनके सारे ब्लूप्रिंट्स और नक्शे ले उड़े। 📂🕵️
​दबाव और खामोशी: तलपड़े को चेतावनी दी गई कि वे इस पर आगे काम न करें। उनके सहायक और फंड देने वाले लोगों को डराया-धमकाया गया। देखते ही देखते, दुनिया का पहला आधुनिक विमान बनाने वाला शख्स गुमनामी के अंधेरे में खो गया। 🕯️🌑
​3. क्या वह तकनीक आज भी कहीं जीवित है? 🗝️🛸
​सबसे बड़ा सस्पेंस तो यह है कि तलपड़े की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ने वे बचे हुए कागजात एक 'गुप्त ट्रस्ट' को सौंप दिए थे। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि 'नासा' (NASA) और 'नाजी जर्मनी' के गुप्त प्रोजेक्ट्स (जैसे 'The Bell') इसी प्राचीन भारतीय तकनीक पर आधारित थे। 🧐🛡️
​लेकिन असली कहानी तो अब शुरू होती है... ⚠️
​कहा जाता है कि तलपड़े ने अपनी डायरी के आखिरी पन्ने पर एक ऐसी 'चेतावनी' लिखी थी, जिसे पढ़कर आज के वैज्ञानिक भी कांप उठेंगे। उन्होंने लिखा था कि यह तकनीक 'वरदान' नहीं, बल्कि 'प्रलय' का कारण बन सकती है अगर इसे...
​क्या आप जानना चाहते हैं कि उस डायरी के आखिरी पन्ने पर क्या लिखा था? और वह कौन सी शक्ति है जो आज भी इस ज्ञान को हमसे छिपा रही है? सस्पेंस की अगली गहराई के लिए नीचे "सत्य" लिखें! कल हम उस 'अंतिम चेतावनी' का खुलासा करेंगे... 👇💬

ऋषि भारद्वाज का 'विमान शास्त्र': क्या प्राचीन भारत में उड़ने वाली मशीनें हकीकत थीं? 🛸📜​कल्पना कीजिए, आज से हज़ारों साल पह...
24/03/2026

ऋषि भारद्वाज का 'विमान शास्त्र': क्या प्राचीन भारत में उड़ने वाली मशीनें हकीकत थीं? 🛸📜

​कल्पना कीजिए, आज से हज़ारों साल पहले जब दुनिया पहिए का सही इस्तेमाल सीख रही थी, तब भारत के आकाश में विशालकाय 'विमान' उड़ रहे थे। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि 'वैमानिक शास्त्र' नामक ग्रंथ में दर्ज विस्तृत विवरण है।
​रहस्य की गहराई: क्या था उस ग्रंथ में?
​ऋषि भारद्वाज द्वारा रचित माना जाने वाला यह ग्रंथ केवल उड़ने के बारे में नहीं था, बल्कि इसमें ऐसी तकनीकें थीं जो आज के 'नासा' (NASA) के वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देती हैं:
​अदृश्य होने की कला (Gudha): क्या आप जानते हैं कि विमानों को दुश्मन की नज़रों से ओझल करने के लिए 'विंड पॉवर' और 'सोलर एनर्जी' के मिश्रण से एक अदृश्य कवच बनाने की विधि दी गई थी? 🌫️ कवच
​दुश्मन के विमान को सुनना (Paroksha): एक ऐसी तकनीक जिससे मीलों दूर उड़ रहे दुश्मन के विमान की आवाज़ और उसकी बातचीत को स्पष्ट सुना जा सकता था। 🎧 रडार
​सौर ऊर्जा का सटीक उपयोग: विमानों को चलाने के लिए पारे (Mercury) और सूरज की किरणों के घर्षण से ऊर्जा पैदा करने के जटिल चित्र दिए गए थे। ☀️ ऊर्जा
​वह घटना जिसने सबको चौंका दिया... 🌑🕵️‍♂️
​1895 में, यानी राइट ब्रदर्स से भी 8 साल पहले, मुंबई के चौपाटी तट पर शिवकर बापूजी तलपड़े नामक एक व्यक्ति ने 'मारुत्सखा' नाम का एक विमान उड़ाया था। कहा जाता है कि उन्होंने इसकी तकनीक इसी प्राचीन 'विमान शास्त्र' से ली थी। वह विमान सैकड़ों फीट ऊपर गया और फिर नीचे आया।
​लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस यहाँ है... ⚠️
​तलपड़े की इस सफलता के बाद, ब्रिटिश शासन ने उन पर कड़ी पाबंदी लगा दी और उनके सारे शोध कागजात जब्त कर लिए गए। अचानक वह महान आविष्कारक गुमनामी में खो गया। लोग कहते हैं कि वह तकनीक इतनी शक्तिशाली थी कि अगर वह दुनिया के सामने आ जाती, तो आज हम पेट्रोल-डीजल के बजाय मुफ़्त ऊर्जा पर जी रहे होते। ⛽ शून्य

​आज का यक्ष प्रश्न:
क्या वह विमान शास्त्र आज भी कहीं सुरक्षित रखा है? क्या दुनिया की कोई गुप्त संस्था (जैसे सम्राट अशोक के 9 अज्ञात पुरुष) इसे आम लोगों से छिपा रही है ताकि शक्ति का संतुलन न बिगड़े? 🗝️ पहेली
​क्या आप जानना चाहते हैं कि तलपड़े के उस विमान के साथ अंततः क्या हुआ और 'पारे' (Mercury) से चलने वाले इंजन का असली सच क्या है?
​अगर आप इस प्राचीन विज्ञान की परतों को खोलना चाहते हैं, तो कमेंट में "विमान" लिखें! रहस्य की अगली कड़ी कल... 👇💬

क्या आप भी एक 'अदृश्य' जंजीर से बंधे हैं? 🐘⛓️​कल्पना कीजिए, एक विशालकाय हाथी 🐘 जो एक पतली सी रस्सी से बंधा खड़ा है। वह च...
23/03/2026

क्या आप भी एक 'अदृश्य' जंजीर से बंधे हैं? 🐘⛓️

​कल्पना कीजिए, एक विशालकाय हाथी 🐘 जो एक पतली सी रस्सी से बंधा खड़ा है। वह चाहे तो एक झटके में उस रस्सी को तोड़ सकता है, लेकिन वह कोशिश तक नहीं करता। जानते हैं क्यों?
​क्योंकि जब वह छोटा था, तब उसे उसी पतली रस्सी से बांधा गया था। तब उसने बहुत जोर लगाया, पर रस्सी नहीं टूटी। उसके बाल-मन ने मान लिया—"यह रस्सी मुझसे कभी नहीं टूटेगी।"
​आज वह ताकतवर हाथी अपनी 'पुरानी सोच' का कैदी है।
​हमारा मन भी कुछ ऐसा ही है:
​बीते कल की हार: बचपन में किसी ने कह दिया "तुमसे नहीं होगा", और हमने उसे सच मान लिया। आज हम अपनी असली शक्ति को पहचान ही नहीं पा रहे। 🚫💪
​मानसिक पिंजरा: सबसे खतरनाक जेल वह होती है जिसकी दीवारें दिखाई नहीं देतीं। यह दीवारें हमारे डर और संदेह (Doubt) से बनी होती हैं। 🧱🌫️
​शक्ति का जागरण: जिस दिन हाथी को अपनी वर्तमान शक्ति का अहसास हो जाए, उस दिन दुनिया की कोई रस्सी उसे रोक नहीं पाएगी। ⚡
​लेकिन रुकिए...
​राजा भोज के जीवन में भी एक बार ऐसा ही मोड़ आया था, जब उन्हें लगा कि उनका 'भाग्य' ही उनके खिलाफ है। उन्होंने एक ऐसे सन्यासी से मुलाकात की जिसने उन्हें एक ऐसी गुप्त बात बताई, जिसे सुनकर राजा के पैरों तले जमीन खिसक गई। 🏰📜
​वह रहस्य क्या था जिसने एक पराजित राजा को फिर से चक्रवर्ती सम्राट बना दिया?
​क्या आप उस 'गुप्त चाबी' के बारे में जानना चाहते हैं जिसने राजा भोज की किस्मत पलट दी?

​कल की कहानी में हम उस रहस्य से परदा उठाएंगे... तब तक सोचिए, आपकी 'अदृश्य जंजीर' क्या है? 👇💬



क्या आप भी अपनी 'कुल्हाड़ी' की धार भूल गए हैं? (🪓 राजा भोज और एक साधारण लकड़हारा 🤴)​धार नगरी के प्रतापी राजा भोज एक बार ...
18/03/2026

क्या आप भी अपनी 'कुल्हाड़ी' की धार भूल गए हैं?

(🪓 राजा भोज और एक साधारण लकड़हारा 🤴)

​धार नगरी के प्रतापी राजा भोज एक बार शिकार पर निकले और रास्ता भटक गए। जंगल में उन्हें एक गरीब लकड़हारा मिला जो पसीने से तर-बतर होकर एक सूखे पेड़ को काटने की कोशिश कर रहा था। 🌳🪓
​राजा ने गौर किया कि लकड़हारा बहुत मेहनत कर रहा है, लेकिन पेड़ कट नहीं रहा। राजा उसके पास गए और बोले—"भाई, तुम इतनी मेहनत कर रहे हो, पर तुम्हारी कुल्हाड़ी में तो धार ही नहीं है! तुम पहले इसे तेज क्यों नहीं कर लेते?"
​लकड़हारे ने झुंझलाकर जवाब दिया—"महाराज, मेरे पास धार तेज करने का समय नहीं है, मुझे आज ही यह पेड़ गिराना है!" 😫💥
​यहीं छिपा है आज का सबसे बड़ा सबक:
​हम में से बहुत से लोग उस लकड़हारे की तरह ही 'चिंता' और 'भागदौड़' में इतने व्यस्त हैं कि हमें अपनी 'मानसिक धार' (Mindset) तेज करने का समय ही नहीं मिलता।
​मेहनत बनाम समझदारी: सिर्फ मेहनत करने से सफलता नहीं मिलती। अगर आपकी दिशा गलत है या आपका औजार (आपका मन) कुंद है, तो आप सिर्फ थकेंगे, जीतेंगे नहीं। 🏃‍♂️🚫
​दिखावे की दौड़: हम अक्सर बाहरी दुनिया को बदलने की कोशिश करते हैं, लेकिन अपने 'भीतर के ज्ञान' को तराशना भूल जाते हैं। राजा भोज को उस दिन समझ आया कि राज्य चलाने के लिए सिर्फ सेना नहीं, बल्कि हर सैनिक के दिमाग की धार भी तेज होनी चाहिए। 🛡️🧠

​रुको और सोचो: दिन में 10 मिनट का 'चिंतन' (Deep Thinking) आपको घंटों की 'चिंता' से बचा सकता है।
​आज का सवाल: क्या आप भी बस काम खत्म करने की होड़ में लगे हैं, या अपनी 'मानसिक कुल्हाड़ी' को तेज करने के लिए खुद को समय दे रहे हैं? 🧐

​अगर आप जानना चाहते हैं कि अपनी मानसिक धार तेज करने का सबसे आसान तरीका क्या है, तो नीचे "धार" लिखें! 👇💬


क्या आप भी 'मरे हुए' हाथी पर सवार हैं? 🐘💀​हज़ारों साल पहले, राजा जनक के दरबार में एक अजीबोगरीब घटना हुई। अष्टावक्र, जिनका...
14/03/2026

क्या आप भी 'मरे हुए' हाथी पर सवार हैं? 🐘💀

​हज़ारों साल पहले, राजा जनक के दरबार में एक अजीबोगरीब घटना हुई। अष्टावक्र, जिनका शरीर आठ जगहों से टेढ़ा था, जब सभा में आए तो सभी विद्वान उन्हें देखकर हंसने लगे।
​अष्टावक्र भी जोर-जोर से हंसने लगे। राजा जनक हैरान रह गए और पूछा—"ऋषि, सब आप पर हंस रहे हैं, पर आप क्यों हंस रहे हैं?"
​अष्टावक्र ने जो जवाब दिया, उसने राजा का अहंकार मिट्टी में मिला दिया। उन्होंने कहा—"राजन, मुझे लगा था यह विद्वानों की सभा है, पर यहाँ तो सिर्फ 'चमार' (चमड़ी को देखने वाले) बैठे हैं!" 💥
​सीख जो रोंगटे खड़े कर दे:
हम अक्सर लोगों को, उनकी सफलता को और खुद को सिर्फ 'बाहरी खोल' (दिखावे) से तौलते हैं।
​दिखावे का बोझ: हम अपनी पूरी ऊर्जा उस चीज़ को सजाने में लगा देते हैं जो एक दिन मिट्टी में मिल जानी है, लेकिन उस 'भीतर के सत्य' (Soul Power) को भूल जाते हैं जो अजर-अमर है। 🛡️✨
​अहंकार की आग: राजा जनक को लगा था कि उनके पास सबसे बड़ी बुद्धि है, पर एक 12 साल के बालक ने उन्हें आइना दिखा दिया कि असली ज्ञान आँखों से नहीं, 'दृष्टि' से देखा जाता है। 👁️🧠
​मन की उड़ान: आपका शरीर या आपकी परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अगर आपका 'संकल्प' सीधा है, तो दुनिया की कोई भी टेढ़ी दीवार आपको रोक नहीं सकती। 💪🔥
​आज आप खुद से पूछें—आप किसे देख रहे हैं? शरीर को या उसके अंदर छिपी शक्ति को? 🧐

​अगर आप जानना चाहते हैं कि राजा जनक ने उस एक पल में क्या महसूस किया, तो नीचे "ज्ञान" लिखें! 👇💬


08/03/2026

आज की दुनिया में खुद को 'सुपरपावर' समझने वाले कुछ देशों को लगता है कि वो पूरी दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचा सकते हैं। क...
08/03/2026

आज की दुनिया में खुद को 'सुपरपावर' समझने वाले कुछ देशों को लगता है कि वो पूरी दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचा सकते हैं। कल अमेरिका ने बड़े ठाठ से कहा कि उसने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की 'छूट' (Exemption) दे दी है। जैसे मानो वो हमें कोई खैरात दे रहे हों! 🤨🚫
​लेकिन भारत सरकार ने जो पलटकर जवाब दिया है, उसने वॉशिंगटन के गलियारों में सन्नाटा खींच दिया। भारत ने साफ़ और कड़े शब्दों में कह दिया— "हमें किसी की 'छूट' या 'इजाजत' की ज़रूरत नहीं है।"
​यह आज का 'नया भारत' है, जिसकी विदेश नीति दिल्ली में तय होती है, किसी विदेशी दफ्तर में नहीं। सरकार ने दो-टूक कह दिया कि हमारी प्राथमिकता हमारे 140 करोड़ देशवासी हैं, किसी देश की धमकियाँ नहीं। भारत सरकार का बयान एकदम साफ था: "दुनिया का जो भी देश हमें सस्ता और सुरक्षित तेल देगा, हम अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए वहीं से तेल आयात (Import) करेंगे।" यह हमारा हक है और हमारी ज़रूरत भी। 🇮🇳💪
​भारत की ऊर्जा का गणित समझिए:
भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85% कच्चा तेल (Crude Oil) विदेशों से मंगाता है। अपनी इस विशाल ज़रूरत को पूरा करने के लिए भारत आज दुनिया के करीब 35 से 40 देशों से तेल का आयात करता है। चाहे वो रूस हो, इराक हो, सऊदी अरब हो या यूएई—भारत ने अपनी टोकरी को कभी एक जगह नहीं रखा। 🛢️🌍
​अमेरिका चाहता था कि हम रूस से नाता तोड़ लें, लेकिन जब बात हमारे देश के मध्यम वर्ग और किसानों को मिलने वाले सस्ते पेट्रोल-डीज़ल की आई, तो भारत ने अपनी संप्रभुता (Sovereignty) से रत्ती भर समझौता नहीं किया। हमने दुनिया को दिखा दिया कि हम अपनी शांति और सुरक्षा के फैसले खुद ले सकते हैं।
​यह '30 दिन की मोहलत' का नाटक सिर्फ अमेरिका का अपना बाज़ार बचाने का तरीका है, हमारे ऊपर कोई एहसान नहीं। भारत ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रहित (National Interest) हमारे लिए सबसे ऊपर है और रहेगा।
​अब वक्त आ गया है कि दुनिया जान ले—भारत किसी की कठपुतली नहीं, बल्कि एक खुदमुख्तार महाशक्ति है। 🚩🚩
​जय हिंद। जय भारत! 🇮🇳



कल हिंद महासागर में जो हुआ है, वह सीधे-सीधे भारत की शांति को चुनौती देने वाली बात है। अमेरिका ने हमारे समुद्री इलाके में...
07/03/2026

कल हिंद महासागर में जो हुआ है, वह सीधे-सीधे भारत की शांति को चुनौती देने वाली बात है। अमेरिका ने हमारे समुद्री इलाके में रुके हुए ईरानी जहाज पर हमला करके यह साबित कर दिया है कि उसे किसी की सीमा या अंतरराष्ट्रीय मर्यादा से कोई लेना-देना नहीं है। हमारे तटों के इतने करीब किसी जहाज को निशाना बनाना एक बहुत ही गहरी और खतरनाक साजिश की तरफ इशारा करता है।
​आज पूरी दुनिया आपस में लड़ रही है—चाहे रूस-यूक्रेन हो, इजराइल-ईरान हो या अमेरिका का अपना स्वार्थ। लेकिन भारत अब तक इस 'World War' जैसे माहौल में पूरी तरह 'Neutral' बना हुआ था और शांति का रास्ता अपनाए हुए था। अब ऐसा साफ लग रहा है कि अमेरिका को भारत का यह तटस्थ रहना हजम नहीं हो रहा है। हमारे घर के इतने पास धमाके करना भारत को जबरदस्ती इस युद्ध की आग में घसीटने की एक सोची-समझी चाल है।
​यह हमला सिर्फ एक जहाज पर नहीं है, बल्कि भारत के उस स्टैंड पर वार है जिसमें हम किसी की लड़ाई का हिस्सा नहीं बनना चाहते। अमेरिका चाहता है कि हम अपनी शांति छोड़ें और इस तबाही में उनके मोहरे बनें। यह हमें फंसाने का एक जाल है और हमें बहुत संभलकर अपनी सुरक्षा के लिए कड़ा स्टैंड लेना होगा।
​भारत को अब दुनिया को यह साफ संदेश देना होगा कि हमारी समुद्री सीमाओं के पास यह दादागिरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम शांति चाहते हैं, पर अपनी संप्रभुता की कीमत पर नहीं।


बिहार की राजनीति भी कमाल है।अभी कल तक कहा जा रहा था कि सब कुछ स्थिर है, सरकार मजबूत है… और आज हालात ऐसे हैं कि लोग पूछ र...
05/03/2026

बिहार की राजनीति भी कमाल है।
अभी कल तक कहा जा रहा था कि सब कुछ स्थिर है, सरकार मजबूत है… और आज हालात ऐसे हैं कि लोग पूछ रहे हैं — “अगला मुख्यमंत्री कौन?”
लगता है इस बार होली का रंग थोड़ा जल्दी ही चढ़ गया।
होली आने से पहले ही बिहार की राजनीति में “खेला” हो गया।
जनता बस इतना समझना चाहती है कि
सरकार चल रही है या सीज़नल शो चल रहा है?
खैर… बिहार की जनता समझदार है।
वो सब देख भी रही है और नोट भी कर रही है।










भीतर की होली: गुणों के रंगों से सराबोर 🌈🧘‍♂️​इस होली, केवल चेहरों को नहीं, अपने 'मन' को भी नए रंगों से रंगें! क्या आप जा...
03/03/2026

भीतर की होली: गुणों के रंगों से सराबोर 🌈🧘‍♂️

​इस होली, केवल चेहरों को नहीं, अपने 'मन' को भी नए रंगों से रंगें! क्या आप जानते हैं कि हमारे विचार भी रंगों की तरह होते हैं?
​क्षमा का सफेद रंग: 🤍 पुरानी कड़वाहटों को धोकर मन को साफ करने का संकल्प लें।
​धैर्य का नीला रंग: 💙 उथल-पुथल भरी दुनिया में समुद्र जैसी गहराई और शांति बनाए रखें। 🌊
​उत्साह का लाल रंग: ❤️ अपने लक्ष्यों के प्रति उस अग्नि को जीवित रखें जो प्रहलाद के विश्वास में थी। 🔥
​प्रेम का गुलाबी रंग: 💖 अपनों के साथ जड़ता (ego) को छोड़कर अपनत्व का गुलाल मलें।
​होलिका दहन केवल लकड़ियों का जलना नहीं है, बल्कि अपने भीतर की चिंता, ईर्ष्या और नकारात्मकता को जलाने का प्रतीक है। जब मन की गंदगी जलती है, तभी आनंद के रंग निखरते हैं। 🌟

​इस साल आप अपने मन के 'बगीचे' से कौन सी बुराई को जलाकर राख करना चाहेंगे? नीचे कमेंट्स में बताएं! 👇💬



भाई साहब, न्यूज़ चैनल खोल लो तो ऐसा लगता है जैसे पूरी दुनिया में 'WWE' चल रहा है! 🌍💥​एक तरफ इजराइल-ईरान अपनी मिसाइलें गि...
01/03/2026

भाई साहब, न्यूज़ चैनल खोल लो तो ऐसा लगता है जैसे पूरी दुनिया में 'WWE' चल रहा है! 🌍💥
​एक तरफ इजराइल-ईरान अपनी मिसाइलें गिन रहे हैं, रूस-यूक्शेन का अपना ही प्रोपेगेंडा खत्म नहीं हो रहा, अमेरिका सबको ज्ञान बांटने में बिजी है और पड़ोसी देश तो खैर छोड़ो ही... बेचारे सर्वाइवल मोड में हैं। 🏳️‍🌈🚀
​और इधर अपना इंडिया... कसम से अलग ही स्वैग है! 😎🇮🇳
​दुनिया 'वर्ल्ड वॉर 3' की टेंशन में सूखी जा रही है, और हमारे यहाँ मोहल्ले में इस बात पर महायुद्ध हो रहा है कि— "इस बार पक्का रंग कौन लाएगा?" और "वो गुझिया बनाने वाली मशीन कहाँ रखी है?" 🥟🎨
​पूरी दुनिया बॉर्डर खींचने में लगी है, और हम लोग दोस्तों के चेहरे पर रंग खींचने का प्लान बना रहे हैं। सही है भाई, दुनिया लड़ती रहे, हम तो बस यही बोलेंगे— "बुरा न मानो, होली है!" 🌈🕺🔥


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