नई धारा

नई धारा नई धारा एक द्विमासिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। Instagram : https://www.instagram.com/nayidharahindi
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13/12/2025

विनोद कुमार शुक्ल समकालीन हिंदी कविता के उन विरले कवियों में हैं जिन्होंने उसकी दिशा और संवेदना को गहराई से प्रभावित किया है। उनकी कविता अपने समय में रची-बसी होते हुए भी समयातीत लगती है और वैचारिक ढाँचों के बजाय अनुभव के सहारे आगे बढ़ती है। प्रचलित मुहावरों से अलग उन्होंने एक संयमित, पारदर्शी और अनोखी काव्य-भाषा विकसित की है। यह संकलन उनकी उसी विशिष्ट काव्य-दृष्टि की प्रतिनिधि कविताएँ प्रस्तुत करता है।

शिरीष कुमार मौर्य हिन्दी के समकालीन कवि, आलोचक और अनुवादक हैं। उनके चार कविता-संग्रह प्रकाशित हैं, जैसे पहला क़दम, शब्दो...
13/12/2025

शिरीष कुमार मौर्य हिन्दी के समकालीन कवि, आलोचक और अनुवादक हैं। उनके चार कविता-संग्रह प्रकाशित हैं, जैसे पहला क़दम, शब्दों के झुरमुट में, पृथ्वी पर एक जगह और जैसे कोई सुनता हो मुझे। साथ ही उन्होंने आलोचना, संपादन और अनुवाद कार्य भी किया है। उन्होंने यहूदा आमीखाई और कू-सेंग जैसी अंतरराष्ट्रीय कवियों के अनुवाद भी प्रस्तुत किए। उनकी कविताएँ सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएँ और समय की पीढ़ाओं की भावनाओं को सहज और गहरे ढंग से अभिव्यक्त करती हैं।

राजकमल चौधरी हिंदी-मैथिली के एक प्रतिष्ठित कवि, कथाकार, उपन्यासकार, आलोचक और विचारक थे, जिनका जन्म 13 दिसंबर 1929 को बिह...
13/12/2025

राजकमल चौधरी हिंदी-मैथिली के एक प्रतिष्ठित कवि, कथाकार, उपन्यासकार, आलोचक और विचारक थे, जिनका जन्म 13 दिसंबर 1929 को बिहार के महिषी में हुआ था और 1967 में उन्होंने महज़ 37 वर्ष की आयु में दुनिया से विदा ली। उन्हें अकविता दौर के प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में याद किया जाता है, और उनकी पहचान विवादास्पद, प्रतिभाशाली तथा रोचक साहित्यिक हस्ती के रूप में बनी। उन्होंने साहित्य में शब्दों के प्रयोग को नया और ताज़ा रूप दिया, जिससे उनकी कविता में निजता, घुटन, अकेलापन और विसंगति जैसे यथार्थ के भाव स्पष्ट दिखते हैं। उनके लेखन में देह और राजनीति के विषयों पर असरदार अभिव्यक्ति मिलती है, जिसने समकालीन जीवन की जटिलताओं को उजागर किया। उनके व्यापक लेखन को आठ खंडों में राजकमल चौधरी रचनावली के रूप में संकलित किया गया है। उनके साहित्यिक योगदान ने नए प्रयोग और यथार्थवाद को हिंदी साहित्य में मजबूती से स्थापित किया।

13/12/2025

प्रतिदिन एक कविता पॉडकास्ट में आज सुनिए लक्ष्मीशंकर वाजपेयी की कविता ‘लोग पगडंडियाँ बनाएंगे’

प्रस्तुत है कवि ख़ुशबू ठाकुर की कविता पेड़... सम्पूर्ण कविता आप नई धारा के वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। लिंक कमेंट में है।
12/12/2025

प्रस्तुत है कवि ख़ुशबू ठाकुर की कविता पेड़... सम्पूर्ण कविता आप नई धारा के वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। लिंक कमेंट में है।

12/12/2025

फ़िल्मों का शूटिंग ड्राफ्ट पढ़ने से फिल्न्म लेखन के विषय में काफ़ी कुछ जानने को मिलता है। लेकिन हिन्दी फ़िल्मों की स्क्रिप्ट बहुत कम ही हाथ आती है। यह फ़िल्म अपने समय में बेहद पसंद की गई थी। इसके फाइनल ड्राफ्ट को किताब की शक्ल में प्रस्तुत किया गया है। यदि आपकी दिलचस्पी फ़िल्म लेखन में है तो अवश्य पढ़िए।

वी. एस. नायपाल आधुनिक अंग्रेज़ी साहित्य के सबसे महत्त्वपूर्ण और विवादास्पद लेखकों में से थे, जिन्होंने उपन्यास, यात्रा-व...
12/12/2025

वी. एस. नायपाल आधुनिक अंग्रेज़ी साहित्य के सबसे महत्त्वपूर्ण और विवादास्पद लेखकों में से थे, जिन्होंने उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत और निबंध के माध्यम से उपनिवेशवाद, पहचान, विस्थापन और सभ्यता के संघर्ष जैसे जटिल प्रश्नों को उठाया। 1932 में त्रिनिदाद में भारतीय मूल के परिवार में जन्मे नायपाल ने अपने लेखन में प्रवासी जीवन की उलझनों, टूटे आत्मविश्वास वाली समाजों और उपनिवेश के बाद बने राजनीतिक-सांस्कृतिक तनावों को अत्यंत तीक्ष्ण दृष्टि से उकेरा। A House for Mr Biswas, In a Free State, India: A Wounded Civilization और A Bend in the River जैसी रचनाओं ने उन्हें विश्व साहित्य में एक मजबूत स्थान दिलाया। 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले नायपाल अपनी स्पष्ट, कभी-कभी कठोर आलोचनात्मक शैली के कारण उतने ही सराहे गए जितने विवादित रहे।

मैथिलीशरण गुप्त हिंदी के आदर्शवादी राष्ट्रीय कवि माने जाते हैं, जिन्होंने खड़ी बोली कविता को साहित्य की मुख्यधारा में प्...
12/12/2025

मैथिलीशरण गुप्त हिंदी के आदर्शवादी राष्ट्रीय कवि माने जाते हैं, जिन्होंने खड़ी बोली कविता को साहित्य की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी प्रसिद्ध कृति भारत-भारती ने स्वतंत्रता-आंदोलन के समय देशभक्ति, नैतिकता और सांस्कृतिक जागरण की गहरी भावना जगाई। गुप्त ने अपनी कविताओं में भारतीय इतिहास, पुराण, समाज-सुधार और मानवतावाद को सरल, संयत और गंभीर काव्य-शैली में व्यक्त किया। उनका काव्य हिंदी में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक आत्मबोध का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है।

12/12/2025

प्रतिदिन एक कविता पॉडकास्ट में आज सुनिए मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘जीवन की जय’

11/12/2025

हिंदुस्तानी साहित्य में गुलज़ार साहब का कद आसमान जैसा है, जहाँ वो अपनी गज़लों, नज़्मों और किस्सों के साथ सभी को अपनी छत्रछाया में समेटे हुए हैं। गुलज़ार साहब जब अपने जीवन के किस्से सुनाते हैं तो उनके व्यक्तित्व की सादगी उनके लेखन में साफ़ झलकती है।

11/12/2025

हिन्दी ग़ज़ल को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने वाले माधव कौशिक ने ग़ज़ल में कई तरह के प्रयोग किये हैं। उन्होंने ग़ज़ल में उन विषयों को लाने का कार्य किया, जो अक्सर इस विधा से अछूती रह जाती है। वे अपनी ग़ज़लों में जन सरोकारों को लाते रहे हैं। प्रस्तुत है उनकी एक रचना :

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नई धारा एक द्विमासिक पत्रिका है, जिसका प्रकाशन अप्रैल, 1950 से निरंतर हो रहा है। नई धारा अपने समय और संस्कृति की प्रगतिशील चेतना से रचनात्मक संवाद का साहित्यिक दस्तावेज़ है, जिसकी विकास यात्रा भारत की साहित्यिक पत्रकारिता के समानान्तर रही और जिसके प्रेरणास्रोत राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह, रामवृक्ष बेनीपुरी, आचार्य शिवपूजन सहाय, उदयराज सिंह आदि रहे।

नई धारा अब एक डिजिटल स्वरुप में भी प्रस्तुत है। एक उत्तम व सरल ऑनलाइन प्लेटफार्म के रूप में नई धारा वेबसाइट साहित्य प्रेमियों को हिंदी की उत्कृष्ट रचनाओं और उनके लेखकों से जोड़ने का काम करेगी। इसके अलावा नई धारा सभी प्रमुख सोशल मीडिया मंचों पर भी उपलब्ध है और विभिन्न प्रकार की मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों द्वारा हिंदी साहित्य के सौंदर्य को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।