13/08/2026
देश की राजधानी दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री एवं अहीरवाल के गौरव चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
चौधरी ब्रह्म प्रकाश का जन्म केन्या में हुआ था। 16 साल की उम्र में मां-बाप संग दिल्ली आए थे, ओर गांधी जी के हर आंदोलन में बढ़ चढ़ कर भाग लेते थे !
1952 में दिल्ली की अंतरिम विधानसभा के चुनाव हुए, तो चौधरी ब्रह्म प्रकाश यादव को दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया ! उनका कार्यकाल 17 मार्च 1952 से 12 फरवरी 1955 तक था. उनका कार्यकाल 2 साल, 332 दिन तक था!
जब ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, उस समय उनकी उम्र 33 साल की थी, वह सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे !
जब चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे उस समय दिल्ली के मुखिया चीफ कमिश्नर हुआ करते थे. जो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सुझावों पर फैसले लेते थे. तत्कालीन चीफ कमिश्नर आनंद डी पंडित पर तत्कालीन गृह मंत्री रहे गोविंद वल्लभ पंत का विश्वास हासिल था. उस समय भी चीफ कमिश्नर आनंद डी पंडित के साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के रिश्ते ठीक नहीं थे. दोनों के बीच आपस में लंबे समय तक तनातनी चलती रही. दोनों की कई फैसलों को लेकर सहमति नहीं बन रही थी. जिसके बाद चौधरी ब्रह्म को मुख्यमंत्री पद से 1955 में इस्तीफा देना पड़ा !
चौधरी ब्रह्म प्रकाश जी की लोकप्रियता का इस बात से अंदाजा लगया जा सकता है. जब सात में से 6 सीटें जनसंघ के पास चली गई थी, तब कांग्रेस को एक ही सीट मिली थी, और वो सीट बाहरी दिल्ली से थी ! जिस पर चौधरी ब्रह्म प्रकाश जीते थे. इमरजेंसी के बाद लोकसभा में जब छठे लोकसभा के चुनाव हुए तो कांग्रेस के बंटवारे से ब्रह्म प्रकाश ने जनता पार्टी का दामन थाम लिया ! दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री होने के अलावा, उन्होंने दो बार लोकसभा चुनाव भी लड़ा और जीत हासिल की, उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में खाद्य कृषि, सिंचाई और सहकारी समितियों के लिए कार्य किए. राष्ट्र के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उनके सम्मान में 11 अगस्त 2001 स्मारक डाक टिकट जारी किया गया था.
जय अहीर जय अहीरवाल ⚔️🚩