09/06/2026
कदवा में पुलिया मरम्मत कार्य पर ग्रामीणों का विरोध, जिला परिषद सदस्य नंदनी सरकार के खिलाफ जांच की मांग
नवगछिया। खैरपुर कदवा पंचायत के नंदग्राम स्थित पुलिया के मरम्मती कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जिला परिषद सदस्य नंदनी सरकार के खिलाफ जांच की मांग की है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की मरम्मत में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की ईंट और अन्य घटिया सामग्री लगाई जा रही है, जिससे पुलिया की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यह पुलिया क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है और बरसात व बाढ़ के समय इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। ऐसे में यदि मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई तो भविष्य में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना से संबंधित कार्यों की निगरानी में गंभीरता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने मांग की कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर निर्माण स्थल का निरीक्षण कराया जाए तथा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से हो रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होना जरूरी है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। कई ग्रामीणों ने कहा कि हाल के वर्षों में पुल-पुलियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में सामने आई खामियों को देखते हुए प्रशासन को ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला परिषद सदस्य नंदनी सरकार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुछ लोगों द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। नंदनी सरकार ने कहा, "जिला परिषद सदस्य मैं हूं, न मेरा बेटा और न ही मेरे पति। योजना से संबंधित निर्णय और जिम्मेदारी मेरी है। कुछ लोग भ्रामक ऑडियो वायरल कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि यदि किसी को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह है तो संबंधित विभाग से जांच कराई जा सकती है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है।
इधर ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है। अब प्रशासन की कार्रवाई और संभावित जांच रिपोर्ट पर क्षेत्रवासियों की नजर टिकी हुई है।