20/03/2026
21-23 मार्च 2026 तक ज्ञान भवन, पटना में "बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉनक्लेव, 2026" का आयोजन
माननीय कृषि मंत्री, बिहार श्री राम कृपाल यादव ने आज कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा दिनांक 21-23 मार्च 2026 तक ज्ञान भवन, पटना में तीन दिवसीय "बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉनक्लेव, 2026" का आयोजन किया जा रहा है। बिहार में बागवानी के क्षेत्र में यह पहला राष्ट्रीय स्तर का आयोजन है। यह कार्यक्रम "परंपरा से प्रगति तक थीम पर केंद्रित एक प्रौद्योगिकी-सक्षम आयोजन है, जिसका उद्देश्य बिहार में बागवानी और नर्सरी प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाना है।
माननीय मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश के प्रमुख नर्सरी एवं ग्रोवर, कृषि विश्वविद्यालय, उद्यान महाविद्यालय के वैज्ञानिक, बिहार के नर्सरी से जुड़े किसान एवं व्यवसायी एक दूसरे से बागवानी विकास के लिए किये गये कार्यों एवं शोध पर अपने अनुभव साझा करेंगे। यह आयोजन पूरे देश में बागवानी क्षेत्र में किये जा रहे नवाचार को अपनाने एवं बिहार में बागवानी फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि यह कॉनक्लेव किसानों और नर्सरी संचालकों को आधुनिक तकनीक, नए पौधों की किस्मों और बाजार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। इस ग्रीन टेक कॉनक्लेव में टिश्यू कल्चर और उन्नत नर्सरी प्रबंधन से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्लांटिंग मटेरियल मिलेंगे, जिससे बागवानी फसलों की पैदावार बेहतर होगी। राष्ट्रीय और बिहार पवेलियन में प्रीमियम पौधे सामग्री, नवाचार और उन्नत तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जलवायु अनुकूल और अधिक लाभ देने वाले बागवानी फसलों पर ध्यान केंद्रित करने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य कृषि व्यवसाय के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
माननीय मंत्री ने कहा कि युवाओं और किसानों को बागवानी की आधुनिक तकनीक सिखाने के लिए उद्यान पाठशाला आयोजित की जायेगी। चाणक्य हॉर्टी पिच के जरिए बिहार के नए उद्यमियों को अपने बिजनेस आइडिया पेश करने और निवेश पाने का मौका मिलेगा। बागवानी के आधुनिक स्वरूप से राज्य के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
माननीय मंत्री ने कहा कि इस आयोजन में क्यूआर कोड और इंटरैक्टिव कियोस्क का उपयोग किया जा रहा है ताकि आगंतुकों को सारी जानकारी उनके फोन पर ही उपलब्ध हो जायेगी। बच्चों के लिए पर्यावरण और खेती से जुड़ी नई चीजें सीखने के लिए ग्रीन इनोवेशन जोन बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि हम खेती को परंपरा से भी जोड़ें और तकनीक से भी, किसान को ज्ञान से भी जोड़ें और बाजार से भी और गाँव के नौजवान को रोजगार खोजने वाला नहीं, कृषि उद्यमी बनने वाला बनाए।
माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी किसानों, नर्सरी संचालकों, बागवानों, युवा उद्यमियों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं तथा आमजन से अपील करता हूँ कि वे इस महवपूर्ण अवसर पर अधिक-से-अधिक संख्या में शामिल हो।