24/04/2021
केंद्र सरकार के बिहार से दौहरे रवैये के खिलाफ , डबल इंजन की सरकार और सुशासन बाबू की चुप्पी , बिहार को अपना हक भी नही दिला पा रही है ।
केंद्र सरकार द्वारा ऑक्सीजन आंवटन में बिहार को प्रतिदिन 194 टन ऑक्सीजन आपूर्ति करने कोटा तय कर दिया गया है। यँहा कोविद मरीजों की संख्या लगभग 13 हज़ार के करीब है । जबकि चुनावी राज्य पंश्चिम बंगाल में इतनी ही के करीब कोविद मरीजों की संख्या वँहा भी है , लेकिन वँहा प्रतिदिन 308 टन ऑक्सीजन आपूर्ति तय की गई हैं। बिहार को केंद्र सरकार के द्वारा कई अन्य राज्यों के मुकाबले बेहद कम ऑक्सीजन आवंटित किया गया है। बिहार से कम कोविद संक्रमित वाले राज्यों में भी बिहार से कही ज्यादा लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति का कोटा तय किया गया है।
राजस्थान को 245 टन ऑक्सीजन
मध्यप्रदेश को 643 टन ऑक्सीजन
उत्तर प्रदेश को 798 टन
जबकि दिल्ली को 480 टन लिक्विड ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित किया गया है।
बिहार में भी ऑक्सीजन की भारी किल्लत जारी है। ऑक्सीजन की कमी के कारण एक समाचार पत्र के रिपोर्ट के अनुसार लगभग पटना में 40 प्रतिशत निजी अस्पतालों को बंद कर दिया गया है। फिर केंद्र सरकार द्वारा इतनी कम ऑक्सीजन की आपूर्ति पर बिहार की सरकार की चुप्पी बिहार में ऑक्सीजन की कमी के कारण होने वाली मौतों की संख्या में इजाफा करा सकती है। हालांकि बिहार सरकार ने 300 टन ऑक्सीजन आपूर्ति की मांग थी।
FBN ,बिहार सरकार से आग्रह करते है कि केंद्र सरकार इस दौहरेपन रवैये को अपना प्रमुख मांग बनाये और बिहार को अपना हक दिलाये।।