31/05/2026
*शहीद दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में बड़ा फैसला, बेतिया के वर्तमान एसपी डॉ. शौर्य सुमन की सख्त मॉनिटरिंग से मुख्य दोषियों को उम्रकैद*
बिहार के जमुई जिले के बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन हत्याकांड में न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की है। इस पूरे मामले को अंजाम तक पहुंचाने और दोषियों को कानून के शिकंजे में कसने में जमुई के तत्कालीन और वर्तमान में बेतिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन की बेहतरीन कार्यशैली और सख्त मॉनिटरिंग की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
यह मामला नवंबर 2023 का है, जब जमुई के गरही थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रभात रंजन अवैध बालू खनन की सूचना पर छापेमारी करने गए थे। इसी दौरान बालू माफियाओं ने कानून को ताक पर रखते हुए उन्हें ट्रैक्टर से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश था और पुलिस महकमे पर अपराधियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने का भारी दबाव था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उस समय जमुई के एसपी रहे और वर्तमान में बेतिया पुलिस की कमान संभाल रहे डॉ. शौर्य सुमन ने खुद कमान संभाली थी और जांच टीम का लगातार मार्गदर्शन किया था। उनकी सटीक रणनीति और कड़े रुख का ही नतीजा था कि पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए महज 77 दिनों के भीतर सभी छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
पुलिस ने इस केस को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए बेहद मजबूत बनाया। जांच के दौरान एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों के बयानों को कड़ियों की तरह जोड़ा गया, जिससे अपराधियों के बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में दमदार पैरवी की गई, जिसके बाद न्यायालय ने मुख्य आरोपी कृष्णा रविदास, मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को उम्रकैद की सजा से दंडित किया।
इस ऐतिहासिक निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए आईपीएस डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि यह न्याय शहीद प्रभात रंजन के परिजनों और कर्तव्य की राह पर डटे रहने वाले पूरे पुलिस बल की जीत है। उन्होंने साफ किया कि पुलिस ने पहले दिन से ही यह संकल्प ले रखा था कि अपराधियों को उनके किए की सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी। इस फैसले के बाद जहां एक तरफ पीड़ित परिवार को संबल मिला है, वहीं दूसरी तरफ कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जांबाज पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली की चौतरफा सराहना हो रही है।