18/12/2025
Viral हुए बिहार के ये दोनों Maths Guru , मिलिए इन असली नायको से....
क्यों viral हुए बिहार के ये दोनों Maths Guru , मिलिए इन असली नायको से....
वर्ष 2025 ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा सुविधा या चार दीवारी की मोहताज नहीं है। कभी यह मिट्टी के घर में, कभी ₹1 की गुरु दक्षिणा में, और कभी घने जंगल में भी पहुँचती है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इन शिक्षकों ने अपने हौसले और समर्पण से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।
(1) डॉ. केसी सिन्हा: गणित के विशेषज्ञ, जिनकी राजनीतिक पारी रही चर्चा में
डॉ. केसी सिन्हा एक ऐसा नाम है जो दशकों से बिहार और भारत में गणित शिक्षा का पर्याय रहा है।
शैक्षणिक प्रतिष्ठा: डॉ. सिन्हा को देश के सर्वश्रेष्ठ गणित विशेषज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने 70 से अधिक पाठ्यपुस्तकें लिखी हैं, जो न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई जाती हैं। उनके पढ़ाए हुए छात्र आज देश-विदेश में ऊंचे प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों पर कार्यरत हैं। वह नालंदा खुला विश्वविद्यालय (Nalanda Open University) के कुलपति (Vice-Chancellor) के रूप में कार्य कर चुके हैं, साथ ही उन्होंने पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति का पद भी संभाला है।
2025 में चर्चा का कारण: चुनावी हार: 2025 के अंतिम दौर में वह अप्रत्याशित रूप से जन सुराज पार्टी के टिकट पर पटना जिले की कुम्हरार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के कारण सुर्खियों में आए। उनकी चर्चा इसलिए अधिक हुई क्योंकि इतनी विशाल शैक्षणिक प्रतिष्ठा वाले प्रोफेसर को चुनाव में केवल 15,000 वोट ही मिले, जिसके बाद सोशल मीडिया पर शिक्षा की कीमत बनाम राजनीति की व्यावहारिकता को लेकर बहस छिड़ गई थी।
(2) आरके श्रीवास्तव: शिक्षा और सोशल मीडिया के स्टार..
बिहार के रोहतास जिले के आरके श्रीवास्तव को 'मैथमेटिक्स गुरु' के नाम से जाना जाता है। उनका योगदान ₹1 की गुरु दक्षिणा वाली शिक्षा प्रणाली को लेकर देश भर में सराहा गया है।
अनोखा योगदान: वह गरीब और ज़रूरतमंद छात्रों को सिर्फ एक रुपया गुरु दक्षिणा लेकर आईआईटी (IIT) और एनआईटी (NIT) जैसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। उनके पढ़ाए हुए 950 से अधिक छात्र अब तक iitian एवं nitian बन चुके हैं।
2025 में चर्चा का कारण: सेलिब्रिटी उपस्थिति:
2025 दिसंबर में वह अपने शैक्षणिक योगदान से हटकर एक निजी घटना के कारण वायरल हुए। उनकी भतीजी की शादी में WWE चैंपियन द ग्रेट खली (The Great Khali) और बॉलीवुड अभिनेता राहुल रॉय (Rahul Roy) उनके गांव बिक्रमगंज पहुँचे थे।खली का देसी अंदाज़: खली का जमीन पर बैठकर बिहारी परंपरा के अनुसार हल्दी रस्म निभाना और आरके श्रीवास्तव की माँ के पैर छूकर आशीर्वाद लेना सोशल मीडिया पर संस्कृति और सादगी का प्रतीक बन गया।
राहुल रॉय की 'आशिकी': राहुल रॉय ने गिटार बजाकर अपनी प्रसिद्ध फिल्म 'आशिकी' के गाने गाए, जिससे शादी समारोह ने एक फिल्मी टच ले लिया।
यह घटना दिखाती है कि आरके श्रीवास्तव का प्रभाव केवल शिक्षा जगत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी गहरा जुड़ाव रखते हैं।