04/10/2022
पटना हाईकोर्ट ने बिहार नगर निकाय चुनाव पर लगाया रोक।
आज बिहार में चल रहे नगर निकाय चुनाव पर पटना उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट 2021 में ही स्पष्ट किया था कि किसी भी स्थानीय निकाय चुनाव में पिछडे वर्ग को आऱक्षण से पहले सरकार ट्रिपल टेस्ट कराए।बिहार में नगर निकाय चुनाव में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट याचिकाओं की सुनवाई की। बिहार में राजनीतिक पिछड़ेपन का पता लगाने के उद्देश्यों से पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया था। लेकिन बिहार राज्य ने ऐसी कोई कोशिश नहीं कि जिससे ये लगे कि जिस तरह सामाजिक-आर्थिक/शैक्षिक/सेवाओं के तहत आरक्षण प्रदान करने के लिए मानदंड तैयार किये गये हैं वैसे ही मानदंड चुनाव में भी अपनाये गये है।
ऐसी स्थिति में कोर्ट ये आदेश देती है कि
1. राज्य चुनाव आयोग, ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य श्रेणी की सीटों के रूप में मानते हुए फिर से चुनाव की अधिसूचना जारी करे औऱ तब चुनाव कराये। हमारा ये निर्देश माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर आधारित है।
2. राज्य निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र निकाय के रूप में अपने कामकाज की समीक्षा करे, किसी के दबाव में नहीं।
3. बिहार राज्य सरकार स्थानीय निकायों चुनावों में आरक्षण से संबंधित एक व्यापक कानून बनाने पर विचार कर सकता है, ताकि राज्य को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन किया जा सके।
4. इस फैसले की एक प्रति .बिहार के मुख्य सचिव और राज्य चुनाव आयुक्त को कार्रवाई करने के लिए भेजी जाये।