05/09/2026
#बिहार #बाढ़ #आपदाप्रबंधन
मुख्य सचिव ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की
पटना।। बाढ़ की वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्य सचिव ने गंगा तटवर्ती जिलों के जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा की।
मुख्य सचिव, बिहार सरकार प्रत्यय अमृत ने शनिवार, 05 सितंबर को राज्य में बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं जिलों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर, बक्सर, सारण, बेगूसराय, भागलपुर, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार एवं खगड़िया के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह तथा सचिव, जल संसाधन विभाग डॉ. चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासन पूरी मुस्तैदी, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। प्रभावित लोगों को समय पर राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित आवश्यक निर्देश दिए।
• कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रभावित लोगों को पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में कम्युनिटी किचन संचालित किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को प्रतिदिन दो समय पौष्टिक भोजन मिले।
• प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित लोगों तक पहुँचाया जाए।
• बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आबादी निष्क्रमण के दौरान यदि किसी गर्भवती महिला द्वारा बालिका को जन्म दिया जाता है, तो उसे 15,000 रुपये तथा बालक के जन्म पर 10,000 रुपये की सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
• प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए।
• संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से नियमित संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया जाए तथा उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
• बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्यों से संबंधित अद्यतन जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए तथा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए।
• जिला पदाधिकारी राहत एवं बचाव कार्यों की स्वयं निरंतर निगरानी करे तथा किसी भी प्रकार की आवश्यकता या चुनौती की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएँ। वीसी के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव मोहम्मद नदीमुल ग़फ़्फ़ार सिद्दीक़ी, संयुक्त सचिव अविनाश कुमार समेत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के कर्मी मौजूद रहे।