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06/09/2026

समस्या से समाधान की ओर।
#धन्वाद #सहरसा_प्रशासन #पॉलिटेक्निक_रोड

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05/09/2026

#बिहार #बाढ़ #आपदाप्रबंधन
मुख्य सचिव ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

पटना।। बाढ़ की वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्य सचिव ने गंगा तटवर्ती जिलों के जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा की।

मुख्य सचिव, बिहार सरकार प्रत्यय अमृत ने शनिवार, 05 सितंबर को राज्य में बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं जिलों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर, बक्सर, सारण, बेगूसराय, भागलपुर, लखीसराय, मुंगेर, कटिहार एवं खगड़िया के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह तथा सचिव, जल संसाधन विभाग डॉ. चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासन पूरी मुस्तैदी, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। प्रभावित लोगों को समय पर राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित आवश्यक निर्देश दिए।

• कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रभावित लोगों को पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में कम्युनिटी किचन संचालित किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को प्रतिदिन दो समय पौष्टिक भोजन मिले।

• प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित लोगों तक पहुँचाया जाए।

• बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आबादी निष्क्रमण के दौरान यदि किसी गर्भवती महिला द्वारा बालिका को जन्म दिया जाता है, तो उसे 15,000 रुपये तथा बालक के जन्म पर 10,000 रुपये की सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

• प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए।

• संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से नियमित संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया जाए तथा उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

• बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्यों से संबंधित अद्यतन जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए तथा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए।

• जिला पदाधिकारी राहत एवं बचाव कार्यों की स्वयं निरंतर निगरानी करे तथा किसी भी प्रकार की आवश्यकता या चुनौती की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएँ। वीसी के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव मोहम्मद नदीमुल ग़फ़्फ़ार सिद्दीक़ी, संयुक्त सचिव अविनाश कुमार समेत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के कर्मी मौजूद रहे।

बिहार में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य तेजबिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ...
05/09/2026

बिहार में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य तेज

बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तरह मुस्तैद है।

11 जिलों में बाढ़ का असर

- 50 प्रखंड
- 201 पंचायत
- लगभग 10.26 लाख आबादी प्रभावित

स्वास्थ्य एवं आवागमन की व्यवस्था

- 50 चिकित्सा शिविर
- 19 वोट एम्बुलेंस
- 36 पशु चिकित्सा शिविर
- 858 नावों का परिचालन

बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन

- 38 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित
- अब तक लगभग 1.21 लाख लोगों को भोजन कराया गया
- वैशाली में 1 राहत शिविर
- लगभग 326 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था

राहत एवं बचाव के लिए तैनाती

- एनडीआरएफ की 07 टीमें
- एसडीआरएफ की 27 टीमें

राहत सामग्री

- लगभग 12,000 से अधिक पॉलीथीन शीट वितरित
- लगभग 2,300 ड्राई राशन पैकेट वितरित

नदियों की स्थिति
पटना के गांधीघाट, बंका घाट और पंडारक में गंगा का जलस्तर सर्वोच्च जलस्तर (एचएफएल) से ऊपर है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदी भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं।

सारण जिले में माही नदी पर त्रिलोकचक में 20 मीटर में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। मौके पर एसडीआरएफ को भेजा गया है।

आने वाले 2 दिनों में बारिश की संभावना
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।

पटना में जल निकासी की व्यवस्था

- पटना शहर के सभी 56 डीपीएस चालू
- पटना नगर निगम के 6 अंचलों में 94 अतिरिक्त पंप कार्यरत
- पंप की क्षमता 7.5 एचपी से 83 एचपी तक
- 13 छोटे नालों पर गंगा से बैक फ्लो रोकने के लिए स्लूस गेट बंद

आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन: 1070

आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) से संपर्क करें।

06/05/2026

#नई #शुरुआत

आप भी #ब्रेकिंग #न्यूज़ देखते हैं? आप को भी वही देखने, सुनने और कभी कभी पढ़ने में वही अच्छा लगता है, जो आप सोचते हैं? तो जरा ठहर जाएं, सोचें और ग़ौर करें कि ऐसा करने से आपको, हां, आप को क्या फायदा हुआ है? आप के व्यक्तित्व में किस तरह की बेहतरी आई है? आप के सोचने समझने की क्षमता कितनी विकसित हुई है?
ऐसे ही सवाल जब हमारे मन मष्तिष्क में उठे तो हमने उसे आप के साथ साझा करने का फैसला किया। इसी के साथ हम ने ये भी सोचा है कि अब बात केवल #क्या पर नहीं होगी बल्कि हम #क्यों और #कैसे की तह तक जाने की कोशिश करेंगे। हां, केवल कोशिश करेंगे। हम #पढ़ने और #सोच #बिचार वाली बात करेंगे, लेकिन साथ ही ये भी समझने की कोशिश करेंगे कि #भूत में घटित #घटना का #बदला #वर्तमान में लेने से #भविष्य का रंग रूप कैसा हो सकता है!
इस कोशिश में आप हमारा साथ किस तरह से दे सकते हैं, कमेंट करके बताने का कष्ट जरूर करें।

नीतीश सरकार में हाईटेक शिक्षा की ओर बिहार बढ़ रहा है: जदयू पटना।।      जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक...
21/02/2026

नीतीश सरकार में हाईटेक शिक्षा की ओर बिहार बढ़ रहा है: जदयू
पटना।।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम एवं मीडिया पैनेलिस्ट डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अगले पाँच वर्षों में आधुनिक शिक्षा अवसंरचना विकसित करने का स्पष्ट और दूरदर्शी लक्ष्य निर्धारित किया है। विधानसभा में पारित लगभग 70 हजार करोड़ रुपये के शिक्षा बजट के माध्यम से बिहार को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने की ठोस रूपरेखा तैयार की गई है।

बिहार में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक अत्याधुनिक एजुकेशन सिटी की स्थापना की जाएगी, जो हाईटेक एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनेगी। इस एजुकेशन सिटी में वैश्विक स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, स्टार्टअप एवं इनोवेशन हब और एक सैटेलाइट काॅम्प्लेक्स की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन शीघ्र किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के लिए 60,204 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8,003 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 1,003 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निवेश केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुसंधान को बढ़ावा देने, नई तकनीकों के समावेश और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।

राज्य सरकार ने 55 काॅलेजों को ‘सेंटर आॅफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने का भी संकल्प लिया है, जिन पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन संस्थानों में अकादमिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों और कौशल विकास को नए आयाम दिए जाएंगे, जिससे बिहार के छात्र-छात्राओं को राज्य में ही विश्वस्तरीय शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा।

यह पहल बिहार को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगी। यह कदम न केवल राज्य के युवाओं के सपनों को साकार करेगा, बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

11/02/2026

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जरूरत है बिहार में वीडियो जर्नलिस्ट की।

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उतरे मैदान में, एनडीए, राजद और कांग्रेस के लिए कही ये बात!

05/02/2026

डिफेन्स कॉरिडोर बिहार में रोजगार का मार्ग बनेगा: पटेल

पटना, 5 फरवरी 2026:
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने बिहार में डिफेन्स कॉरिडोर की स्थापना को राज्य के समग्र विकास के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बिहार की औद्योगिक पहचान को नया आयाम देगी, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी मजबूती से जोड़ेगी।

प्रेम रंजन पटेल ने अपने प्रेस बयान में कहा कि डिफेन्स कॉरिडोर के निर्माण से बिहार में रक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक उद्योग, अनुसंधान इकाइयाँ, एमएसएमई, स्टार्टअप और सहायक उद्योग स्थापित होंगे। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। तकनीकी शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय युवाओं की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

भाजपा नेता ने कहा कि यह कॉरिडोर बिहार की आर्थिक संरचना को मजबूत करने, निवेश के नए द्वार खोलने और बुनियादी ढांचे के तीव्र विकास का आधार बनेगा। सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। इसके साथ ही बिहार देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।

प्रेम रंजन पटेल ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम स्पष्ट रूप से सिद्ध करता है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर, ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि डिफेन्स कॉरिडोर बिहार के लिए केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखता है।

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