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11/09/2026

🌱 *छोटा* बीज भी 🌳 *विशाल* वृक्ष बन *सकता* है,
💡 अगर उसे *समय, धैर्य और सही दिशा* मिले…
🔥 वैसे ही *इंसान* भी *महान* बन *सकता* है,
बस उसे *खुद* पर *विश्वास* होना *चाहिए*..!
*--------------------------*
*❤️ True 👍 False*

09/09/2026

🌙 सुना था लोग *थकने के बाद* घर जाते हैं,
💔 लेकिन जो *घर से ही थक जाएँ,*
वो कहाँ जाएँ।

🥀 सुना था लोग *हारने के बाद अपनों के पास* जाते हैं,
😔 लेकिन जो *अपनों से हार जाएँ,*
वो कहाँ जाएँ।

🏚️ सुना था लोग *टूटने के बाद घर* जाते हैं,
💔 लेकिन जिसका *घर ही टूट जाए,*
वो कहाँ जाएँ।

* *एक लाइक अवश्य करें ❤️*

09/09/2026

*बनावट,*

*सजावट,*

*दिखावट*

*और मिलावट...*

*इन्हीं कारणों से लोगों में आई है गिरावट।* 🥀💯

09/09/2026

*___________________________________________*
*❓ दुनिया में सबसे जल्दी क्या बदलता है?*
*___________________________________________*

🔘 रिश्ते 👍

🔘 मौसम 🥰

🔘 लोग ❤️

🔘 हालात 🙏

👉 *Answer With Emojis* ✅

09/09/2026

*___________________________________________*
*क्या लोग आपकी कमजोरी का फायदा उठाते हैं?*
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🔘 अक्सर ❤️

🔘 नहीं 😮

🔘 कभी-कभी 🙏

🔘 पता नहीं 👍

👉 *Answer With Emojis* ✅

09/09/2026

*🔘कठिनाइयों से ना घबराएं - हिंदी प्रेरणादायक कहानी🔘*

बहुत समय पहले की बात है एक शिल्पकार एक मूर्ति बनाने के लिए किसी जंगल में पत्थर ढूंढने के लिए गया। वहां उसे मूर्ति बनाने के लिए एक बहुत अच्छा पत्थर मिल गया।

वो पत्थर लेके वापस घर आते वक्त रास्ते में से एक ओर पत्थर साथ उठा लाया। घर आकर उसने अच्छे वाले पत्थर को मूर्ति बनाने के लिए हथौड़ी और छेनी से उस पत्थर पर कारीगरी करने लगा।

जब शिल्पकार की छेनी और हथौड़ी से पत्थर को चोट लगने लगी तो पत्थर ने दर्द से कराहते हुए शिल्पकार से बोला, “अरे भाई मेरे से यह दर्द सहा नहीं जाता, ऐसे तो मैं बिखर जाऊंगा। तुम किसी और पत्थर की मूर्ति बना दो ना प्लीज़।”

उस पत्थर की बात सुनकर शिल्पकार को दया आ गई। उसने उस पत्थर को छोड़कर दूसरे पत्थर की गढ़ाई करनी शुरू कर दी। दूसरे पत्थर ने कुछ भी नहीं बोला। शिल्पकार ने थोड़े ही समय में एक प्यारी सी भगवान की मूर्ति बना दी।

पास के गांव के लोग तैयार मूर्ति को लेने के लिए आए। मूर्ति को लेकर निकलने वाले थे लेकिन उन्हें ख्याल आया कि नारियल फोड़ने के लिए भी एक पत्थर की जरूरत होगी तो वहां पर रखा पहले वाला पत्थर भी उन्होंने अपने साथ ले लिया।

मूर्ति को ले जाकर उन्होंने मंदिर में सजा दिया और पहले वाले पत्थर को भी सामने रख दिया।

मंदिर में जब भी कोई व्यक्ति दर्शन करने आते तो मूर्ति पर फूल माला चढ़ाते, दूध से नहलाते और उसकी पूजा करते। और सामने वाले पत्थर पर नारियल फोड़ते हैं।

अब पहले वाले पत्थर को हर रोज दर्द सहना पड़ता था।

उसने मूर्ति वाले पत्थर से कहा,”तुम्हारे तो मजे है। रोज फूल माला से सजते हों, रोज तुम्हारी पूजा होती हैं। मेरी तो साला किस्मत ही खराब हैं। रोज लोग नारियल फोड़ते हैं और मेरे को दर्द सहना पड़ता है।”

पहले वाले पत्थर की बात सुनकर मूर्ति बने पत्थर ने कहा,”देख दोस्त अगर उस दिन तूने शिल्पकार के हाथ का दर्द सहा होता तो आज तुम्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता और तुम मेरी जगह पर होते। लेकिन तुमने तो थोड़े से समय के दर्द को ना सहकर आसान वाले रास्ते को चुना। अब तुम उसका नतीजा भुगत रहे हो।

*शिक्षा:* ✅
हमारे जीवन में भी कई कठिनाइयां आती है। बहुत सारा दर्द भी झेलना पड़ता है। लेकिन हमें इनसे डरकर पीछे नहीं हटना है, इनका डटकर मुकाबला करना है। यह विपरीत परिस्थितियां हमें और ज्यादा मजबूत बनाएगी जिससे हम अपनी मंजिल के और ज्यादा करीब पहुंच जाएंगे तो अब जब भी आपके जीवन में विपरीत परिस्थितियां आए तो समझ लो कि आसमान छूने का वक्त आ गया है। कमर कस लो और डट के सामना करो, खूब कड़ी मेहनत करो और अपनी मंजिल को साकार करो..

09/09/2026

*◾️ प्रयास करो तमाशा मत देखो ◾️*

एक गाँव में आग लग गई। आग बढ़ती जा रही थी और गाँव वाले अपनी जान बचाने हेतु इधर-उधर भाग रहे थे। एक चिड़िया ने यह दृश्य देखा और अपनी चोंच में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास करने लगी। वो बार-बार अपनी चोंच में पानी लाती और आग पर डालती। जब गाँव वालों ने चिड़िया को आग पर पानी डालते देखा तो उनमें भी जोश आ गया और बोले कि अगर ये चिड़िया प्रयास कर रही है तो हम क्यों नहीं कर सकते। सबने प्रयास किया और आग बुझ गई।

ये सब एक कौआ देख रहा था। उसने चिड़िया से कहा कि तेरे पानी डालने से कुछ होना तो था नहीं, फिर तू ये क्यों कर रही थी?

*चिड़िया बोली,* मेरे पानी डालने से कुछ हुआ या नहीं हुआ लेकिन मुझे गर्व है कि जब भी इस आग की बात होगी तो मेरी गिनती आग बुझाने वालों तेरी तरह तमाशा देखने वालों में नहीं।

09/09/2026

1 दिन एक राजा ने अपने 3 मन्त्रियो को दरबार में बुलाया, और तीनो को आदेश दिया के एक एक थैला ले कर बगीचे में जाएं और वहां से अच्छे अच्छे फल जमा करें .

वो तीनो अलग अलग बाग़ में प्रविष्ट हो गए ,

पहले मन्त्री ने कोशिश की के राजा के लिए उसकी पसंद के अच्छे अच्छे और मज़ेदार फल जमा किए जाएँ ,उस ने काफी मेहनत के बाद बढ़िया और ताज़ा फलों से थैला भर लिया ,

दूसरे मन्त्री ने सोचा राजा हर फल का परीक्षण तो करेगा नहीं , इस लिए उसने जल्दी जल्दी थैला भरने में ताज़ा ,कच्चे ,गले सड़े फल भी थैले में भर लिए ,

तीसरे मन्त्री ने सोचा राजा की नज़र तो सिर्फ भरे हुवे थैले की तरफ होगी वो खोल कर देखेगा भी नहीं कि इसमें क्या है , उसने समय बचाने के लिए जल्दी जल्दी इसमें घास,और पत्ते भर लिए और वक़्त बचाया .

दूसरे दिन राजा ने तीनों मन्त्रियो को उनके थैलों समेत दरबार में बुलाया और उनके थैले खोल कर भी नही देखे और आदेश दिया कि , तीनों को उनके थैलों समेत दूर स्थान के एक जेल में ३ महीने क़ैद कर दिया जाए .

अब जेल में उनके पास खाने पीने को कुछ भी नहीं था सिवाए उन थैलों के ,

तो जिस मन्त्री ने अच्छे अच्छे फल जमा किये वो तो मज़े से खाता रहा और 3 महीने गुज़र भी गए ,

फिर दूसरा मन्त्री जिसने ताज़ा ,कच्चे गले सड़े फल जमा किये थे, वह कुछ दिन तो ताज़ा फल खाता रहा फिर उसे ख़राब फल खाने पड़े ,जिस से वो बीमार हो गया और बहुत तकलीफ उठानी पड़ी .

और तीसरा मन्त्री जिसने थैले में सिर्फ घास और पत्ते जमा किये थे वो कुछ ही दिनों में भूख से मर गया .

अब आप अपने आप से पूछिये कि आप क्या जमा कर रहे हो ??

आप इस समय जीवन के बाग़ में हैं,जहाँ चाहें तो अच्छे कर्म जमा करें चाहें तो बुरे कर्म...

*मगर याद रहे...जो आप जमा करेंगे वही आपको आखरी समय काम आयेगा,क्योंकि दुनिया क़ा राजा आपको चारों ओर से देख रहा है..👏*

09/09/2026

एक रेस्टोरेंट में कई बार देखा गया कि, एक व्यक्ति (भिखारी) आता है और भीड़ का लाभ उठाकर नाश्ता कर चुपके से बिना पैसे, दिए निकल जाता है। एक दिन जब वह खा रहा था तो एक आदमी ने चुपके से दुकान के मालिक को बताया कि यह भाई भीड़ का लाभ उठाएगा और बिना बिल चुकाए निकल जाएगा।

उसकी बात सुनकर रेस्टोरेंट का मालिक मुस्कराते हुए बोला – उसे बिना कुछ कहे जाने दो, हम इसके बारे में बाद में बात करेंगे। हमेशा की तरह भाई ने नाश्ता करके इधर-उधर देखा और भीड़ का लाभ उठाकर चुपचाप चला गया। उसके जाने के बाद, उसने रेस्टोरेंट के मालिक से पूछा कि मुझे बताओ कि आपने उस व्यक्ति को क्यों जाने दिया।

रेस्टोरेंट के मालिक ने कहा आप अकेले नहीं हो, कई भाइयों ने उसे देखा है और मुझे उसके बारे में बताया है। वह रेस्टोरेंट के सामने बैठता है और जब देखता है कि भीड़ है, तो वह चुपके से खाना खा लेता है। मैंने हमेशा इसे नज़रअंदाज़ किया और कभी उसे रोका नहीं, उसे कभी पकड़ा नहीं और ना ही कभी उसका अपमान करने की कोशिश की.. क्योंकि मुझे लगता है कि मेरी दुकान में भीड़ इस भाई की प्रार्थना की वजह से है

वह मेरे रेस्टोरेंट के सामने बैठे हुए प्रार्थना करता है कि, जल्दी इस रेस्टोरेंट में भीड़ हो तो मैं जल्दी से अंदर जा सकूँ, खा सकूँ और निकल सकूँ। और निश्चित रूप से जब वह अंदर आता है तो हमेशा भीड़ होती है। तो ये भीड़ भी शायद उसकी "प्रार्थना" से है

*शायद इसीलिए कहते है कि मत करो घमंड इतना कि मैं किसी को खिला रहा हूँ..क्या पता की हम खुद ही किसके भाग्य से खा रहे है !*

09/09/2026

*🔻सफलता आपसे 6 चीज़े मांगती है :-*

(1). हद से ज्यादा मेहनत करना

(2). बुरी आदतों का त्याग करना

(3). संघर्ष करने की हिम्मत रखना

(4). अपने काम पर विश्वास रखना

(5). धैर्य रखने की काबिलियत रखना

(6). अपने काम के प्रति जुनून रखना

*सफलता की राह में गलतियों से ही अनुभव का निर्माण होता हैं ।*

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