17/04/2026
फ्रांस ने Windows सिस्टम छोड़कर उसकी जगह अपने देश में बना Linux आधारित सिस्टम अपना लिया है। लेकिन असली हैरानी की बात क्या है?
फ्रांस यहीं नहीं रुका। उसने एक और बड़ा कदम उठाया है—2027 तक 25 लाख सरकारी कर्मचारी Zoom, Microsoft Teams, Webex और GoTo Meeting जैसे ऐप्स का इस्तेमाल बंद कर देंगे और उनकी जगह Vizéo नाम का अपना लोकल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करेंगे।
और सिर्फ फ्रांस ही नहीं,, जर्मनी के कुछ राज्यों ने भी Microsoft की सेवाओं को छोड़ना शुरू कर दिया है। जर्मनी के Schleswig-Holstein राज्य ने 44,000 ईमेल अकाउंट्स Microsoft से हटाकर दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिए और SharePoint की जगह Nextcloud (ओपन सोर्स) इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
यहीं बात खत्म नहीं होती....ऑस्ट्रिया की सेना ने भी Microsoft Office की जगह LibreOffice का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
यूरोप के देश Microsoft और उसकी सेवाओं को छोड़कर अपने लोकल सिस्टम अपना रहे हैं,, यह एक ऐसी बात है जो शक पैदा करती है कि कुछ बड़ा बदलाव चल रहा है।
सऊदी अरब में भी काम चल रहा है कि Beem ऐप को मीटिंग, बातचीत और ऑफिस के काम में इस्तेमाल के लिए बेहतर बनाया जाए, विकसित किया जाए और बढ़ावा दिया जाए।
यहाँ तक कि आम लोग भी जानते थे कि हर तरफ से जासूसी हो रही थी,
लेकिन अब लगता है कि हित अलग-अलग हो गए हैं, और हर कोई अब खुद को सुरक्षित करने में लगा हुआ है।
कोई भी सरकार या बड़ी कंपनी जो विदेश से आयात की गई तकनीक और सॉफ्टवेयर पर निर्भर करती है और जिन्हें खुद अपने देश में विकसित नहीं किया गया, वह कभी भी हैकिंग के लिए खुली और असुरक्षित रहती है, लगभग 99% संभावना के साथ।
भारत के पास भी अपने खुद के लोकल ऐप्स हों, जिनमें उच्च स्तर की सुरक्षा हो, और वो विदेशी ऐप्स की जगह उन्हीं का इस्तेमाल करें। खासकर उन जगहों पर जो सिक्योरिटी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण हैं।
अगर असली मक़सद निर्भरता से आज़ादी पाना और जासूसी से बचना है तो भारत के लिए ज़्यादा संभव है, यहाँ टैलेंट की कोई कमी नहीं।
Anaya Ki Gyan