25/03/2026
🇮🇳 एक पिता की सबसे बड़ी परीक्षा… शहादत और दर्द का संगम
इस दृश्य को देखकर शायद ही कोई ऐसा होगा जिसकी आँखें नम न हों…
एक पिता… जिसने अपने बेटे को गोद में खिलाया, उंगली पकड़कर चलना सिखाया…
आज उसी बेटे को आखिरी बार विदा कर रहा है…
वो कांपते हाथों से अपने शहीद बेटे के चेहरे को छूता है…
जैसे कह रहा हो— “उठ जा बेटा… मैं आ गया हूँ…”
दिल में गर्व भी है… और अपार दर्द भी…
गर्व इस बात का कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ…
और दर्द इस बात का कि अब वो कभी लौटकर नहीं आएगा…
🙏 ऐसे वीर सपूतों को शत-शत नमन…
🇮🇳 जय हिंद…