08/09/2026
*बिहार बाढ़ पर तेजस्वी यादव का बड़ा कदम: PM मोदी को पत्र लिख ₹5,000 करोड़ के राहत पैकेज समेत रखीं 7 मांगें*
*'राष्ट्रीय आपदा घोषित हो बिहार बाढ़': नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से माँगी सैन्य मदद और CAG जांच*
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#न्यूज़हाईलाइट्स:
👍राष्ट्रीय आपदा का दर्जा: बिहार के 20 से अधिक जिलों में उपजे संकट को देखते हुए बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग रखी गई है।
👍₹5,000 करोड़ का विशेष पैकेज: प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र से ₹5,000 करोड़ की तत्काल वित्तीय सहायता मांगी गई है।
👍सैन्य सहायता और एयरड्रॉपिंग: पानी से घिरे सड़क-संपर्कहीन क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने के लिए सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती का आग्रह किया गया है।
👍आकस्मिक निधि की CAG जांच: राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से ठीक पहले 'कंटिजेंसी फंड' के उपयोग और वित्तीय प्रबंधन की निष्पक्ष CAG जांच की मांग उठाई गई है।
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रविंद्र कुमार, संपादक/पटना/08 सितंबर 2026 :: बिहार में प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से राज्य के 20 से अधिक जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लाखों लोग भोजन, पेयजल और आश्रय की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस मानवीय संकट के बीच बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो पन्नों का पत्र भेजकर केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप और विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है।
पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री के समक्ष निम्नलिखित 7 मुख्य मांगें प्रस्तुत की हैं:
👌राष्ट्रीय आपदा घोषित हो: बिहार की इस विनाशकारी बाढ़ त्रासदी को अविलंब 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित किया जाए।
₹5,000 करोड़ की सहायता: राहत, बचाव और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष पैकेज जारी हो।
👌अतिरिक्त नौका एवं संसाधन: मार्ग-विहीन और जलमग्न क्षेत्रों के लिए पर्याप्त संख्या में बोट, नाव और रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
👌सेना व वायुसेना की तैनाती: दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक भोजन सामग्री पहुँचाने (एयरड्रॉपिंग) और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए थलसेना व वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जाए।
👌मूलभूत व्यवस्थाएं: पीड़ितों के लिए शुद्ध पेयजल, भोजन, आवश्यक दवाएं, मवेशियों के लिए चारा और अस्थाई आश्रय स्थल सुनिश्चित किए जाएं।
👍किसानों-मजदूरों को राहत पैकेज: फसल और आजीविका गंवाने वाले किसानों, मजदूरों तथा पशुपालकों के खातों में सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
👌स्वतंत्र जांच व CAG ऑडिट: राज्य की आपदा तैयारियों और बाढ़ से ठीक पूर्व आकस्मिक निधि (Contingency Fund) से निकाली गई राशि व लेन-देन की निष्पक्ष CAG जांच कराई जाए।
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से स्वयं बिहार आकर जमीनी हालात का जायजा लेने का भी आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार की स्थायी सुरक्षा के लिए नदी प्रबंधन और आधुनिक जल निकासी प्रणाली पर आधारित दीर्घकालिक 'फ्लड रेजिलिएंस मिशन' (Flood Resilience Mission) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
🌹*संपादकीय टिप्पणी*🌹
बिहार में हर वर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ अब केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक व वित्तीय चुनौती बन चुकी है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे तात्कालिक राहत वितरण में आ रही कमियों और राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। केंद्र व राज्य सरकारों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस आपदा को मानवीय दृष्टिकोण से देखना होगा। ₹5,000 करोड़ की मांग और राहत पैकेजों के साथ-साथ बिहार को तटबंधों के आधुनिक प्रबंधन, गाद (Silt) की निकासी और अंतर-राज्यीय व अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों पर स्थायी नीति की आवश्यकता है, ताकि हर साल होने वाली जान-माल की भारी क्षति को रोका जा सके।
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