26/09/2026
जमुई की नाबालिग पीड़िता की पहचान की गोपनीयता का सवाल बेहद गंभीर है।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर पोस्ट हुई, जिसे बाद में हटा दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस तस्वीर को पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
यह मामला किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का नहीं, बल्कि एक नाबालिग पीड़िता की निजता, गरिमा और कानून के पालन का है।
सवाल सीधा है—
नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक कैसे हुई? जिम्मेदारी किसकी थी? और यदि कानून का उल्लंघन हुआ है, तो जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से क्यों न हो?
कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
दोषी कोई भी हो, जांच हो और कानून के अनुसार कार्रवाई हो।