09/06/2023
साहिल एक के बाद एक चाकू मार रहा था साक्षी को और लोग चुपचाप तमाशा देख रहे थे
अरे आज साक्षी है कल तुम्हारी बेटी या बहन भी हो सकती है
चुल्लू भर पानी में डूब मरो
कुछ नहीं कर सकते थे तो दूर से पत्थर ही मारकर रोकते
ये हत्या का पाप हर तमाशबीन के सिर पर भी है