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*ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर DGP बिहार एवं ADG लॉ एंड ऑर्डर के साथ संवाद कार्यक्रम*पटना : 09/09/2026       ब...
09/09/2026

*ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर DGP बिहार एवं ADG लॉ एंड ऑर्डर के साथ संवाद कार्यक्रम*
पटना : 09/09/2026
बिहार में लगातार ज्वेलर्स एवं स्वर्ण व्यवसायियों के साथ हो रही लूट, हत्या एवं आपराधिक घटनाओं को लेकर CAIT/AIJGF बिहार द्वारा ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा के विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम दिनांक 15 सितम्बर, दिन मंगलवार, शाम 4:00 बजे से पटना के पटेल भवन, बेली रोड में आयोजित होगा। कार्यक्रम में विनय कुमार, IPS, DGP बिहार एवं के. एस. अनुपम, IPS, ADG लॉ एंड ऑर्डर बिहार के ज्वेलर्स व्यापारियों से सीधे संवाद करेंगे तथा उनकी सुरक्षा से जुड़े विषयों और समस्याओं पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पिछले 15 दिनों के दौरान आपराधिक घटनाओं के शिकार हुए ज्वेलर्स व्यापारी शामिल होंगे। इसके साथ ही जिन ज्वेलर्स व्यापारियों के साथ पूर्व में भी लूट, चोरी, हत्या या अन्य आपराधिक घटनाएं हुई हैं, वे भी अपने मामले की FIR की प्रति साथ लेकर कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी समस्या एवं सुझाव रख सकते हैं।
CAIT/AIJGF बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बबल कश्यप ने कहा कि बिहार के ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संवाद कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस प्रशासन एवं व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की जाएगी।
इसकी जानकारी अशोक कुमार वर्मा,राष्ट्रीय अध्यक्ष, व्यवसायिक प्रकोष्ठ, लोजपा (रामविलास)
प्रदेश अध्यक्ष, CAIT/AIJGF बिहार ने दी l

*डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रकाशित खबर पर सरकार ने रखा पक्ष,जानिए विस्तार से**“सम्राट ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया उसे दिल्ली म...
09/09/2026

*डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रकाशित खबर पर सरकार ने रखा पक्ष,जानिए विस्तार से*
*“सम्राट ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया उसे दिल्ली में कॉलगर्ल बनाया”छपी खबर का खंडन*
पटना : 09/09/2026
*काम के घंटे और रहने की व्यवस्था को लेकर थी शिकायत, अभ्यर्थी ने कहा- बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया*
*प्राथमिक जांच में खबर तथ्यहीन और भ्रामक मिलने का दावा, अभ्यर्थी ने पति के साथ विभाग के समक्ष दर्ज कराया लिखित बयान*
*दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित जॉइनिंग लेटर से जुड़ी खबर पर विभाग का खंडन*
पटना : 09/902026
दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित “सम्राट ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया उसे दिल्ली में कॉलगर्ल बनाया” शीर्षक वाली खबर को लेकर युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। विभाग की ओर से करायी गयी प्राथमिक जांच में खबर को तथ्यहीन और भ्रामक बताया गया है। मामले की त्वरित पड़ताल करते हुए विभागीय अधिकारियों ने संबंधित अभ्यर्थी से संपर्क किया। अभ्यर्थी अपने पति के साथ विभाग के समक्ष उपस्थित हुईं और पूरे मामले को लेकर अपना शब्दश लिखित बयान दर्ज कराया।
*‘काम के घंटे और रहने की व्यवस्था को लेकर थी शिकायत’*
विभाग को दिए अपने लिखित बयान में अभ्यर्थी ने प्रकाशित खबर पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके साथ पत्रकार ने बातचीत के दौरान कही गयी बातों को तोड़-मरोड़कर और गलत अर्थ में प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कंपनी में उन्हें रोजगार मिला था, वहां निर्धारित समय से अधिक काम लिये जाने तथा रहने की समुचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर उनकी शिकायत थी।
अभ्यर्थी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार के यौन शोषण की बात नहीं कही थी, लेकिन खबर में उनकी बात को बिल्कुल अलग अर्थ में प्रकाशित किया गया। उनका कहना है कि इस तरह की खबर से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
*19 से 23 अगस्त तक लगा था रोजगार मेला*
गौरतलब है कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। विभाग के अनुसार, मेले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभिन्न कंपनियों ने अभ्यर्थियों का चयन किया था। इसी क्रम में हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संबंधित अभ्यर्थी का चयन आईसीयू नर्स (जीएनएम) के पद के लिए किया गया था।
विभाग का कहना है कि रोजगार मेले और अभ्यर्थी के चयन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं तथा पूरे प्रकरण की जांच इन्हीं तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर की जा रही है।
*तथ्यों और दस्तावेजों की हो रही जांच*
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले को केवल प्रकाशित खबर के आधार पर नहीं, बल्कि अभ्यर्थी के लिखित बयान, रोजगार मेले से संबंधित रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर देखा जा रहा है। प्राथमिक जांच में खबर के दावे और अभ्यर्थी के लिखित बयान के बीच अंतर सामने आया है।


09/09/2026
*शिक्षकों के अधिकार और बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के संकल्प के साथ डॉ. दिव्य ज्योति ने जन सुराज का दामन थामा*पटन...
09/09/2026

*शिक्षकों के अधिकार और बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के संकल्प के साथ डॉ. दिव्य ज्योति ने जन सुराज का दामन थामा*
पटना : 08/09/2026
बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज, पटना की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिव्य ज्योति ने अपने सैकड़ों सहयोगियों के साथ पार्टी के संस्थापक एवं मार्गदर्शक प्रशांत किशोर जी व पार्टी के अध्यक्ष की उपस्थिति में आज जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए महज राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से शिक्षा और शिक्षक समुदाय के साथ जुड़े अपने संघर्ष और प्रतिबद्धता को एक बड़े लोकतांत्रिक मंच तक ले जाने की नई शुरुआत है।
डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि उन्होंने पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षकों के साथ व्यापक संवाद और उनकी सहमति एवं समर्थन के बाद जन सुराज से जुड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे शिक्षक समुदाय के अधिकार, सम्मान और शिक्षा के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष का एक नया अध्याय बताया।
पिछले करीब पाँच वर्षों से डॉ. दिव्य ज्योति लगातार शिक्षकों के जायज़ अधिकारों और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाती रही हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की पेशेवर चुनौतियों, कठिनाइयों, असुरक्षा और उनकी आकांक्षाओं को बेहद करीब से समझा है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था से उनका जुड़ाव करीब 25 वर्षों का रहा है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें राज्य की शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धियों के साथ-साथ उसकी मूलभूत और संरचनात्मक समस्याओं को समझने का व्यापक अवसर दिया है।

*जन सुराज में शामिल होने के बाद डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा—*

“आज जन सुराज से जुड़ना मेरे लिए सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं है। यह उस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की शुरुआत है, जिसे मैंने वर्षों से अपने साथ रखा है। करीब दो दशकों से मैं शिक्षा के क्षेत्र से गहराई से जुड़ी रही हूँ और पिछले दो वर्षों में शिक्षकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं और संघर्षों को बहुत करीब से देखा है। मेरा स्पष्ट विश्वास है कि शिक्षकों के अधिकार की लड़ाई वास्तव में बिहार के भविष्य की लड़ाई है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक बिहार की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ और सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षित और बेहतर कार्य-परिस्थितियां, उनके जायज़ अधिकार और नीतियां बनाने की प्रक्रिया में उचित भागीदारी दिए बिना बिहार में शिक्षा का वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।
*उन्होंने कहा—*
“शिक्षकों को सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए। उन्हें सम्मान चाहिए, सुरक्षा चाहिए और ऐसी व्यवस्था चाहिए जो उनकी बात सुने। अगर हम अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते हैं, तो सबसे पहले ऐसा वातावरण बनाना होगा जिसमें शिक्षक सम्मानित, सुरक्षित, प्रेरित और सशक्त महसूस करें।”
डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि जन सुराज से जुड़ने का उनका निर्णय शिक्षकों के साथ लंबे संवाद के बाद लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षक समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और समर्थन ने उन्हें शिक्षक हितों की आवाज़ को और बड़े लोकतांत्रिक मंच तक ले जाने का साहस दिया है।

“नए बिहार की शुरुआत नई शिक्षा दृष्टि से होगी”
जन सुराज से जुड़ने के निर्णय के बारे में उन्होंने कहा कि बिहार में शासन और विकास के तरीके में बुनियादी बदलाव की आवश्यकता महसूस करने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है।

*उन्होंने कहा—*
“प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज ने बिहार में एक नई राजनीतिक चेतना पैदा की है और नए बिहार की उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। मेरा मानना है कि यह ऐसा मंच बन सकता है, जहां वे लोग एक साथ आ सकें जो बिहार की समस्याओं को सिर्फ संभालना नहीं, बल्कि उनकी जड़ में जाकर बदलाव लाना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि नए बिहार का सपना नई शिक्षा दृष्टि के बिना पूरा नहीं हो सकता। ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है जिसमें शिक्षक बदलाव के भागीदार हों, शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत किया जाए, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलें और नीतियां जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।
डॉ. दिव्य ज्योति के अनुसार बिहार की शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का समाधान केवल अलग-अलग घोषणाओं या तात्कालिक उपायों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक समग्र और दीर्घकालिक शिक्षा नीति की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षक कल्याण, पारदर्शी नियुक्ति एवं सेवा व्यवस्था, शिक्षकों का व्यावसायिक विकास, बेहतर शैक्षणिक आधारभूत संरचना, शिक्षा की गुणवत्ता, जवाबदेही तथा शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नीति निर्माण में सार्थक भागीदारी शामिल हो।
उन्होंने कहा कि जन सुराज के माध्यम से उनकी राजनीतिक यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य कक्षा और नीति निर्माण के बीच एक मजबूत सेतु बनाना होगा, ताकि शिक्षकों का वास्तविक अनुभव और उनकी समस्याएं उन मंचों तक पहुंचें, जहां शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं।
*उन्होंने कहा—*
“वर्षों तक मैं कक्षा में रही हूं। मैंने एक शिक्षक और शिक्षाविद् के रूप में शिक्षा को बहुत करीब से देखा है। पिछले दो वर्षों में मैंने कक्षा के बाहर शिक्षकों के संघर्ष को भी करीब से समझा है। अब मैं अपने इस अनुभव को जनता और नीति निर्माण के मंच तक ले जाना चाहती हूं। मेरा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है—शिक्षकों की आवाज़ मजबूत हो, शिक्षा को प्राथमिकता मिले और बिहार का भविष्य मजबूत हो।”
*“शिक्षित बिहार के बिना विकसित बिहार संभव नहीं”*
डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि बिहार का विकास केवल सड़क, भवन और उद्योगों के निर्माण से तय नहीं हो सकता। ये सभी आवश्यक हैं, लेकिन किसी भी राज्य की वास्तविक ताकत उसके मानव संसाधन और उसकी शिक्षा की गुणवत्ता में होती है।
*उन्होंने कहा—*
“विकसित बिहार का सपना शिक्षित बिहार के बिना पूरा नहीं हो सकता। शिक्षित बिहार के लिए सशक्त शिक्षक जरूरी हैं और सशक्त शिक्षक सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के बिना संभव नहीं हैं। इसलिए नए बिहार की यात्रा की शुरुआत हमारे कक्षाओं से होनी चाहिए।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जन सुराज के साथ जुड़कर उन्हें शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक शैक्षिक सुधार के लिए काम करने का एक बड़ा मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों की वास्तविक और जायज़ समस्याओं को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार उठाती रहेंगी और ऐसी शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए काम करेंगी जो पारदर्शी, जवाबदेह, समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।
डॉ. दिव्य ज्योति का जन सुराज से जुड़ना बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समुदाय की समस्याओं को व्यापक राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*“मेरी प्रतिबद्धता किसी पद के लिए नहीं, एक उद्देश्य के लिए है”*
अपनी नई राजनीतिक यात्रा के बारे में डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा—
“मैं पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षकों के विश्वास और समर्थन के साथ इस नई यात्रा की शुरुआत कर रही हूं। मेरे साथ उनकी उम्मीदें हैं, उनके सवाल हैं और उनकी चिंताएं हैं। मेरी प्रतिबद्धता किसी पद के लिए नहीं, बल्कि एक उद्देश्य के लिए है। मेरा उद्देश्य शिक्षा है, मेरी ताकत शिक्षक समुदाय है और मेरा सपना ऐसा बिहार है, जहां हर शिक्षक को सम्मान मिले, हर विद्यार्थी को सीखने का बेहतर अवसर मिले और हर युवा बेहतर भविष्य का सपना देख सके।”
उन्होंने अंत में कहा—
“मजबूत बिहार के लिए मजबूत शिक्षक जरूरी हैं। मजबूत शिक्षक के लिए सम्मान और गरिमा जरूरी है। और नए बिहार की शुरुआत नई शिक्षा व्यवस्था से ही होगी।”

*तृतीय ICC इंश्योरेंस कॉन्क्लेव 2026 में उभरते जोखिमों, डिजिटल नवाचार और समावेशी बीमा पर हुआ मंथन*पटना  : 09/09/2026    ...
09/09/2026

*तृतीय ICC इंश्योरेंस कॉन्क्लेव 2026 में उभरते जोखिमों, डिजिटल नवाचार और समावेशी बीमा पर हुआ मंथन*
पटना : 09/09/2026
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा आज पटना के होटल मौर्या में “Innovating Insurance for Inclusive Growth” विषय पर तृतीय ICC इंश्योरेंस कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, सरकारी संस्थानों, अस्पताल एवं वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भारत में बीमा की पहुंच बढ़ाने, उभरते जोखिमों के अनुरूप बीमा उत्पादों में बदलाव तथा आम नागरिकों और व्यवसायों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ICC बिहार के चेयरमैन प्रभात कुमार सिन्हा ने स्वागत संबोधन दिया। इसके पश्चात ICICI Lombard के Deputy Vice President देवब्रत पांडे ने कॉन्क्लेव के विषय पर अपने विचार रखे। LIC के Regional Manager (CRM/Claim) श्री प्रशांत कुमार प्रसाद, Ruban Patliputra Hospital, Patna के Director डॉ. सत्यजीत सिंह, BIA के President श्री राम लाल खेतान तथा Employee State Insurance Corporation के Regional Director CA निरंजन कुमार ने भी विशेष संबोधन दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार थे। उन्होंने बीमा क्षेत्र की भूमिका, आर्थिक सुरक्षा तथा व्यापक जनभागीदारी के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में ICC बिहार राज्य परिषद की Finance Committee के Chairman CA रितेश आनंद ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कॉन्क्लेव के पहले तकनीकी सत्र का विषय था “From Insurance to Resilience: Reimagining General Insurance for India’s Emerging Risks”। सत्र में इस बात पर चर्चा हुई कि भारत में जोखिम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन से जुड़ी आपदाएं, साइबर खतरे, बिजनेस इंटरप्शन, सप्लाई चेन में व्यवधान, इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी जोखिम, नई मोबिलिटी, देयता संबंधी जोखिम और MSME से जुड़े नए जोखिम पारंपरिक बीमा समाधानों के सामने नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने जोखिम आधारित बीमा उत्पादों में नवाचार, किफायती एवं कस्टमाइज्ड कवरेज, तकनीक आधारित त्वरित क्लेम सेटलमेंट, कैटास्ट्रॉफी एवं क्लाइमेट रिस्क प्रोटेक्शन, साइबर इंश्योरेंस, MSME इंश्योरेंस तथा डेटा आधारित अंडरराइटिंग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
सत्र का संचालन CA रितेश आनंद, Chairman, Finance, ICC Bihar State Council ने किया। पैनल में CA निरंजन कुमार, Regional Director (I/C), ESIC; श्री अदीब अनवर, Associate Vice President, ICICI Lombard GIC Ltd.; श्री रितेश कुमार सिन्हा, Chief Regional Manager, National Insurance Company; श्री रंजीत सिंह, Sr. VP, Tata AIG General Insurance Co. Ltd.; तथा श्री मनोरंजन प्रसाद, Dy. Secretary, Office of Insurance Ombudsman, Patna शामिल रहे।
*अगले 100 मिलियन परिवारों तक जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाने पर मंथन*
दूसरे तकनीकी सत्र का विषय था “From Policies to Protection: Reimagining Life Insurance for India’s Next 100 Million Families”। सत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जीवन बीमा की सफलता केवल अधिक पॉलिसियां बेचने में नहीं, बल्कि परिवारों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुरूप पर्याप्त, किफायती और प्रभावी वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने में है।
चर्चा में टर्म इंश्योरेंस, उत्पादों की उपयुक्तता, बीमा की affordability, वित्तीय साक्षरता, वितरण व्यवस्था, ग्राहक विश्वास और क्लेम अनुभव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया गया। विशेषज्ञों ने मध्यवर्गीय परिवारों, युवा कमाने वालों, MSME उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़े पेशेवरों, ग्रामीण परिवारों और उभरते कार्यबल की बदलती बीमा जरूरतों पर भी चर्चा की।
सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि AI, डेटा-आधारित अंडरराइटिंग, डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और सरल बीमा उत्पाद जीवन बीमा को अधिक सुलभ एवं ग्राहक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, तकनीक के उपयोग के दौरान यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया कि डिजिटल माध्यम अनुपयुक्त बीमा बिक्री का नया माध्यम न बन जाए।
सत्र का संचालन CA ललित कुमार, Co-Chairman, Finance, Taxation & Economic Affairs Committee, ICC Bihar State Council ने किया। पैनल में श्री संजीव कुमार, Regional Manager (CLIA), East Central Zone, Patna; श्री जीवन झा, Project Head, JEEVIKA; तथा कृष्ण कुमार, Deputy Director of Agency, Tata AIA Life Insurance शामिल रहे।
बीमा को जोखिम प्रबंधन और आर्थिक सशक्तिकरण का रणनीतिक साधन बनाने की आवश्यकता कॉन्क्लेव में इस व्यापक दृष्टिकोण पर सहमति बनी कि भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे बाजार में बीमा को केवल नुकसान की भरपाई करने वाले वित्तीय उत्पाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बदलते आर्थिक, तकनीकी, जलवायु एवं सामाजिक जोखिमों को देखते हुए बीमा को जोखिम की रोकथाम, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय सुरक्षा के रणनीतिक साधन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि बीमा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ ग्राहकों को सही उत्पाद की जानकारी, सरल प्रक्रियाएं, पारदर्शिता और बेहतर क्लेम अनुभव उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसका उद्देश्य भारत में “Insurance Sold” से आगे बढ़कर “Lives Genuinely Protected” की दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए।

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