31/07/2026
पुजारा, विराट, रोहित और अश्विन के बाद आज अजिंक्य रहाणे ने भी मैदान के बाहर से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। दोपहर में रिटायरमेंट का वीडियो जारी करते हुए वह काफी भावुक नजर आए।
अजिंक्य रहाणे ने विदेशी पिचों और सेना देशों में उन्होंने कई ऐसी पारियां खेलीं जो हमेशा याद रखी जाएंगी। लॉर्ड्स और मेलबर्न के शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। 2020-21 में विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद जिस तरह रहाणे ने टीम की कप्तानी संभाली और ऐतिहासिक श्रृंखला जिताई, वह भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे अध्यायों में से एक है। गाबा की जीत आज भी करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा है।
रहाणे पुराने दौर के क्रिकेटर थे। तकनीक से मजबूत, स्वभाव से शांत और संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता रखने वाले। जब भी सेना देशों में गेंद स्विंग और सीम हो रही होती थी, तब अक्सर रहाणे ही भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत दीवार बनकर खड़े दिखाई देते थे।
पिछले तीन वर्षों से वह टीम से बाहर थे। हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भी चयन नहीं हुआ तो आखिरकार उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया।
रहाणे को केवल उनकी बल्लेबाजी के लिए नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के लिए भी याद रखा जाएगा। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के बाद जिस तरह उन्होंने विपक्षी टीम को ट्रॉफी समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया था, वह उनके सज्जन स्वभाव का प्रमाण था।
एक कप्तान के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। उनकी कप्तानी में भारत कोई टेस्ट मैच नहीं हारा और एक दिलचस्प संयोग यह भी रहा कि जब-जब अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया, भारत ने वह मैच जीता।
आपकी कुछ पारियां, आपकी कप्तानी, आपका संघर्ष और आपका सौम्य व्यक्तित्व हमेशा याद रखा जाएगा। भारतीय क्रिकेट आपको एक लड़ाकू, भरोसेमंद और बेहद सम्मानित क्रिकेटर के रूप में हमेशा याद रखेगा। ~गोविंद परिहार 🙏
ुजारा, विराट, रोहित और अश्विन के बाद आज अजिंक्य रहाणे ने भी मैदान के बाहर से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। दोपहर में रिटायरमेंट का वीडियो जारी करते हुए वह काफी भावुक नजर आए।
अजिंक्य रहाणे ने विदेशी पिचों और सेना देशों में उन्होंने कई ऐसी पारियां खेलीं जो हमेशा याद रखी जाएंगी। लॉर्ड्स और मेलबर्न के शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं। 2020-21 में विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद जिस तरह रहाणे ने टीम की कप्तानी संभाली और ऐतिहासिक श्रृंखला जिताई, वह भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे अध्यायों में से एक है। गाबा की जीत आज भी करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा है।
रहाणे पुराने दौर के क्रिकेटर थे। तकनीक से मजबूत, स्वभाव से शांत और संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता रखने वाले। जब भी सेना देशों में गेंद स्विंग और सीम हो रही होती थी, तब अक्सर रहाणे ही भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत दीवार बनकर खड़े दिखाई देते थे।
पिछले तीन वर्षों से वह टीम से बाहर थे। हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भी चयन नहीं हुआ तो आखिरकार उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला कर लिया।
रहाणे को केवल उनकी बल्लेबाजी के लिए नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व के लिए भी याद रखा जाएगा। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के बाद जिस तरह उन्होंने विपक्षी टीम को ट्रॉफी समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया था, वह उनके सज्जन स्वभाव का प्रमाण था।
एक कप्तान के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। उनकी कप्तानी में भारत कोई टेस्ट मैच नहीं हारा और एक दिलचस्प संयोग यह भी रहा कि जब-जब अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाया, भारत ने वह मैच जीता।
आपकी कुछ पारियां, आपकी कप्तानी, आपका संघर्ष और आपका सौम्य व्यक्तित्व हमेशा याद रखा जाएगा। भारतीय क्रिकेट आपको एक लड़ाकू, भरोसेमंद और बेहद सम्मानित क्रिकेटर के रूप में हमेशा याद रखेगा। ~गोविंद परिहार 🙏