05/03/2026
क्या नितीश कुमार के बाद चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनना चाहिए?
बिहार की राजनीति केवल चेहरों की नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरणों की राजनीति है।
आज बिहार में सबसे बड़ा वोट समूह अति पिछड़ा वर्ग (EBC) का है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 36–38% मानी जाती है। इसके बाद OBC, दलित और अन्य वर्ग आते हैं।
पिछले लगभग डेढ़ दशक में अति पिछड़ा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नितीश कुमार के साथ इसलिए जुड़ा क्योंकि उन्होंने पंचायत से लेकर प्रशासन तक EBC को प्रतिनिधित्व दिया। यही कारण है कि बिहार की राजनीति में EBC आज किंगमेकर की भूमिका में है।
अब सवाल उठता है कि अगर नितीश कुमार सक्रिय राजनीति से पीछे हटते हैं, तो क्या चिराग पासवान बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं?
चिराग पासवान के पास युवा नेतृत्व, राष्ट्रीय पहचान और स्वर्गीय राम विलास पासवान की मजबूत राजनीतिक विरासत है। लेकिन बिहार की सच्चाई यह है कि केवल किसी एक जाति या समुदाय के वोट से मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं मिलती।
बिहार का वास्तविक राजनीतिक समीकरण अक्सर इस प्रकार माना जाता है:
EBC + दलित + अन्य सामाजिक वर्ग = स्थिर राजनीतिक बहुमत
इसलिए जो भी नेता भविष्य में बिहार का नेतृत्व करेगा, उसे केवल पार्टी के सहारे नहीं बल्कि अति पिछड़ा वर्ग, दलित और व्यापक समाज का भरोसा जीतना होगा।
अब सवाल जनता के सामने है —
क्या बिहार को नितीश कुमार के बाद एक नया युवा नेतृत्व चाहिए?
और अगर हाँ, तो क्या वह चेहरा चिराग पासवान हो सकते हैं?
अपनी राय जरूर लिखिए।
क्योंकि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज होती है।
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