06/08/2021
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खेढ़वा माई का क्यों होता है पुजाइ🙏🙏🙏🙏शेयर करें।
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शक्ति रूपेण संस्थिता : खेढ़वा में माई ने किया था विश्राम!
सिवान बसंतपूर। मुख्यालय से तीन किलोमीटर दक्षिण महामाया रोड समीप स्थित खेढ़वा माई मंदिर के प्रति यहां के श्रद्धालुओं में एक अलग ही आस्था है। कहा जाता है कि इस मंदिर में देवी ने विश्राम कर थावे के लिए प्रस्थान की थी। चैत नवरात्र, सावन या सालो भर में इस मंदिर में सुबह 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है।
मंदिर का इतिहास :
इस मंदिर के बारे में यहां के ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन काल में थावे में रहषु भगत देवी भक्त था और चमत्कारी काम किया करता था। चेरी वंश के महाराजा मनन सिंह ने रहषु को अपने दरबार में बुलाकर स्वयं को देवी के दर्शन कराने की बात कही। राजा के हठ के आगे रहषु की एक नहीं चली और रहषु ने मजबूर और कातर भाव से देवी का आह्वान कर दिया। रहषु की पुकार सुन देवी मां कामाख्या से थावे के लिए चली। थावे जाने के क्रम में देवी मां ने कुछ देर के लिए यहां विश्राम किया था।
लोगों का मानना है कि मां सबकी मनोकामना पूर्ण करती है तथा आज भी साधकों को मां की उपस्थिति की अनुभूति होती है।
आयोजन :
प्रत्येक सावन, वासंतिक नवरात्र व शारदीय नवरात्र में यहां पूजा अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां सावन में शुक्ल पक्ष सप्तमी से दस दिवसीय मेले का आयोजन होता है।
यहां प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को पूजा-हवन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
विशेषता :
माँ के स्थान के दक्षिण में महावीर जी का विशाल मंदिर स्थापित किया गया है। और इस गाॅव के पूरब एक शिव जी का भी मंदिर हैं जो काफी प्रसिद्ध है।
नामकरण : जहां मा दुर्गा ने विश्राम किया था उस गांव का नाम खेढ़वा है। इसलिए इसे खेढ़वा माई के नाम से जाना जाता है। यहां दूर-दूर से लोग पूजा अर्चना करने आते हैं।
मार्ग : इस मंदिर या गाँव में जाने के लिए बसंतपुर-भगवानपुर मुख्य पथ होते हुए ईटहरी से करीब पांच किलोमीटर उत्तर बस व जीप के माध्यम से जाया जा सकता है। अब आप यहाँ ट्रेन से आ सकते हैं महारागंज- मसरख रेलखंड
@ इस मेला में लोग दूर दूर से आते है : सीवान, गोपालगंज, छपरा,सोनपुर, हाजीपुर, वैशाली, पटना, मोतिहारी, चम्पारण, गोरखपुर, देवरिया, आदि जगहों से भी मेला में पूजा करने व मनौती माँगने आते है। पूजा के उपरान्त मेला का आनन्द उठाते हैं।
इस गांव या गांव के आसपास के लोग जो प्रदेश में रहते है वो लोग कुछ महीनों पूर्व ही अपना टिकट बुकिंग करा लेते है ।
इस मेला में खेढ़वां गांव के निवासी मेला में आये हुए श्रद्धालुओं को मुफ्त में पानी और शरबत पिलाने का कार्य करते हैं।मेला में पुलिस प्रशासन मुस्तैदी के साथ विधिव्यवस्था पर नजर रखती है। साथ ही मुफ्त चिकित्सा शिविर भी लगता है।
इनपुट: खेढ़वां से राकेश कुमार पर्वत की विशेष रिपोर्ट✨✨