Sima Kushwaha

Sima Kushwaha Politics, comedi, reels, vodio creater

शुभ प्रभात 🙏
05/08/2026

शुभ प्रभात 🙏

16/02/2026

Pramod Kushwaha जितेन्द्र पासवान मन्यु सिंह कुशवाहा पंचदेवरी Jony Kumar Ravi Raj प्रमोद कुशवाहा जी Mission Bihar Motihari Sima Kushwaha

आज भाकपा माले कटेया प्रखण्ड में जितेंद्र पासवान को न्याय नहीं मिलने पर प्रतिरोध मार्च निकाला गयाजब सबूत कहता है कि जितें...
16/02/2026

आज भाकपा माले कटेया प्रखण्ड में जितेंद्र पासवान को न्याय नहीं मिलने पर प्रतिरोध मार्च निकाला गया
जब सबूत कहता है कि जितेंद्र पासवान घटना स्थल पर नहीं थे तो उनकों आजीवन कारावास क्यों?
ऐसा लगता हैं कि किसी एक वर्ग को खुश करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

जितेंद्र पासवान को न्याय दो।
जितेन्द्र पासवान Pramod Kushwaha

14/02/2026
08/02/2026

Shukai Gupta

31/01/2026

मैं UGC के शिक्षण संस्थानों में समानता स्थापित करने वाले नियम का स्वागत व समर्थन करतीं हूँ।

31/01/2026

यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन:

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कैंपस में जातीय भेदभाव से निपटने के लिए जारी यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाए जाने के खिलाफ शनिवार को जिले में इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। नेताओं ने कहा कि यह फैसला सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को कमजोर करने वाला है तथा इससे शिक्षा संस्थानों में व्याप्त भेदभाव और उत्पीड़न को बढ़ावा मिलेगा। आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकालकर केंद्र सरकार और न्यायपालिका से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “अत्याचार अधिकार नहीं है”, “जातीय भेदभाव बंद करो”, “यूजीसी गाइडलाइंस लागू करो” और “रोहित एक्ट लागू करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और महिला विद्यार्थियों के साथ लगातार भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती रही हैं, जो कई बार विद्यार्थियों की जान तक ले लेती हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरवाईए नेताओं ने कहा कि रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी जैसे कई छात्र-छात्राओं की मौतें इस बात का प्रमाण हैं कि संस्थानों में जातीय और सामाजिक भेदभाव आज भी गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को केवल व्यक्तिगत मामला बताकर टाल देना अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह संस्थागत उत्पीड़न का परिणाम है, जिस पर सख्त कानून और स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता है। नेताओं ने यह भी कहा कि हाल के समय में एंजेल चकमा जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि देश के संस्थानों में नस्लीय और जातीय पूर्वाग्रह आज भी मौजूद हैं। ऐसे में यूजीसी द्वारा जारी समानता संबंधी नियम भले ही पूरी तरह पर्याप्त नहीं थे, लेकिन वे भेदभाव रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन पर रोक लगाना चिंताजनक है और इससे पीड़ित छात्रों का मनोबल टूटेगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से मजबूत और प्रभावी “रोहित एक्ट” लागू करे, जिससे शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में जवाबदेही तय हो सके। साथ ही, यूजीसी गाइडलाइंस को संशोधित कर अधिक सख्त और प्रभावी रूप में लागू किया जाए, ताकि संविधान में वर्णित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में आरवाईए कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस मुद्दे पर गंभीर पहल नहीं करती हैं, तो संगठन जिले से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा।

आप सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🇳🇪
26/01/2026

आप सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 🇳🇪

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