25/07/2026
NEET-UG और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद, कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर लगातार उठ रहे सवालों के बाद देशभर के लाखों छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते जनदबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े विवादों और परीक्षा प्रणाली की कमियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपना पद छोड़ना चाहिए। उनका यह इस्तीफा भारतीय शिक्षा व्यवस्था और राजनीति, दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा संबंध उन लाखों युवाओं से है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिन मेहनत करते हैं। जब परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और शिक्षा माफियाओं का प्रभाव बढ़ता है, तो सबसे बड़ा नुकसान उस ईमानदार और प्रतिभाशाली छात्र का होता है, जो केवल अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर आगे बढ़ना चाहता है।