04/09/2026
बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत दियारा इलाके में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से दादूपुर, बिशनपुर, चमथा एक, चमथा दो और चमथा तीन सहित पांच पंचायत प्रभावित हुए है। इन पंचायतों में लोग बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं। दियारा को जोड़ने वाली कई सड़के तीन से चार फीट पानी में डूब गई हैं। झमटिया पुल से श्रवण टोल, बिंद टोल, भगवानपुर दियारा और गंगासागर मोड़ से दादूपुर पुल एवं दादूपुर, समसीपुर दियारा, रानी टोल दियारा, लोदियाही, अजीतपुर बिशनपुर, चिरैयाटोंक, पटनी चौक, जमाइनकाट, चमथा गोपालपुर, चमथा चक्की, चमथा नंबर, चमथा पटपर और गोपालटोल सहित चमथा एक पंचायत के कई हिस्सों को जोड़ने वाली सड़कों पर आवाजाही में असर पड़ा है और कई घरों में पानी घुस गया है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे को लेकर संकट खड़ा हो गया है और मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं। कई लोग अपने घर-द्वार छोड़कर दूसरी जगहों पर पलायन कर रहे हैं। मंगलवार से गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और नदी का बढ़ता जलस्तर अब इलाके में लोगों के जीवन पर खतरा बन गया है। हालांकि, सरकारी व्यवस्थाएं जमीन पर कहीं नहीं दिख रही हैं। ना तो पशुपालकों के लिए चारे का इंतजाम है, ना ही आवाजाही के लिए पर्याप्त नावें हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है और लोग भूखे-प्यासे गंगा के पानी में फंसे हुए हैं। जिलाधिकारी रिची पांडे ने बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए हैं। लेकिन, ये निर्देश जमीन पर बेअसर साबित हो रहे हैं। पीड़ित नंदलाल कुमार, शिवम कुमार, रवि कुमार, राजेश कुमार यादव, सुशील कुमार, चंदन कुमार, प्रेमजीत कुमार, अन्नू कुमार और राजेश कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि दियारा के पांच पंचायत गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि आवागमन के लिए नाव और पशुपालकों के लिए चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग किसी तरह इस मुश्किल हालात में अपना जीवन बिता रहे हैं। लेकिन सरकारी व्यवस्थाएं धरातल पर नग्न साबित हो रही और बाढ़ पीड़ित जिंदगी दांव पर लगाकर गंगा के रौद्र रूप में फंसे हुए हैं।