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“बच्चों के मिड डे मील का चावल गायब...” 1900 क्विंटल अनाज गबन मामले में NGO पर कार्रवाई, होगी रिकवरी...स्कूली बच्चों के म...
22/05/2026

“बच्चों के मिड डे मील का चावल गायब...” 1900 क्विंटल अनाज गबन मामले में NGO पर कार्रवाई, होगी रिकवरी...

स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। मिड डे मील योजना के लिए उपलब्ध कराए गए करीब 1900 क्विंटल चावल के गबन का खुलासा होने के बाद जिला मध्याह्न भोजन कार्यालय ने संबंधित एनजीओ पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि बड़ी मात्रा में चावल या तो गायब हो गया या फिर गोदाम में पड़े-पड़े खराब हो गया।

थर्ड पार्टी जांच में पाया गया कि करीब 800 क्विंटल चावल चोरी हो गया, जबकि लगभग 1100 क्विंटल चावल गोदाम में ही पड़ा रह गया। आदेश दिए जाने के बावजूद यह चावल स्कूलों तक नहीं पहुंचाया गया। लंबे समय तक गोदाम में रखे रहने के कारण चावल खराब हो गया। इसके बाद प्रशासन ने गोदाम को सील कर दिया।

इस मामले में बाल विकास सेवा संस्थान नाम की एजेंसी पर कार्रवाई की गई है। जिला मध्याह्न भोजन कार्यालय ने एजेंसी पर 1900 क्विंटल चावल के बराबर जुर्माना लगाया है। साथ ही मशरक और परसा प्रखंड में संचालित केंद्रीयकृत रसोईघर के अवधि विस्तार पर भी रोक लगा दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, बाल विकास सेवा संस्थान ने 4 अगस्त 2025 को आवेदन देकर दावा किया था कि उसके पास 1894 क्विंटल चावल शेष होना चाहिए था, लेकिन जुलाई की एक रात चोरी होने के कारण चावल नहीं मिला। हालांकि जांच के दौरान संस्था अपने दावे को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकी।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका रानी ने स्पष्ट कहा कि चावल के गबन और खराब होने की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की है। विभाग ने रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। इसके तहत बचे हुए चावल की कीमत और जुर्माने की राशि एजेंसी से वसूली जाएगी।

विभाग का कहना है कि भविष्य में मिड डे मील जैसी योजनाओं में इस तरह की अनियमितता रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और सख्त की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों के भोजन से किसी तरह का समझौता न हो सके।

अब जमीन के काम में गड़बड़ी हुई तो सीधे होगी जांच...” बिहार के राजस्व विभाग में EOU की एंट्री, 676 कार्यालयों पर रहेगी वि...
22/05/2026

अब जमीन के काम में गड़बड़ी हुई तो सीधे होगी जांच...” बिहार के राजस्व विभाग में EOU की एंट्री, 676 कार्यालयों पर रहेगी विशेष नजर...

बिहार में जमीन से जुड़े कामकाज को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी, भू-लगान और ऑनलाइन सेवाओं में भ्रष्टाचार तथा अवैध वसूली की शिकायतों को देखते हुए विभाग में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का विशेष सेल गठित किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे राजस्व कार्यालयों में गड़बड़ी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के 537 अंचल कार्यालयों, 101 डीसीएलआर कार्यालयों और 38 जिला भू-अर्जन कार्यालयों की निगरानी की जाएगी। यानी कुल 676 राजस्व कार्यालय अब विशेष निगरानी के दायरे में रहेंगे। विभाग के अनुसार, जमीन से जुड़े मामलों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन सेवाएं शुरू होने के बावजूद लोगों को कई स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और भू-लगान जैसे मामलों में शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इसी वजह से अब निगरानी और जांच की व्यवस्था को और सख्त किया गया है।

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार विभाग में तीन सदस्यीय विशेष टीम की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। यह टीम भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और राजस्व मामलों में अनियमितता से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार की कोशिश है कि जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़े और लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने या अवैध भुगतान जैसी समस्याओं से राहत मिल सके। विभाग को उम्मीद है कि विशेष सेल बनने के बाद राजस्व सेवाओं की मॉनिटरिंग पहले से ज्यादा सख्त होगी और शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।

Dilip Jaiswal

अब बिहार की होगी अपनी IPL टीम : अनिल अग्रवाल की मांग पर CM सम्राट ने दिया बड़ा संकेत, क्रिकेट को लेकर शुरू हुई नई चर्चा....
22/05/2026

अब बिहार की होगी अपनी IPL टीम : अनिल अग्रवाल की मांग पर CM सम्राट ने दिया बड़ा संकेत, क्रिकेट को लेकर शुरू हुई नई चर्चा...

क्या आने वाले समय में आईपीएल में बिहार की भी अपनी टीम दिखाई दे सकती है? यह सवाल अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रह गया है। देश के बड़े उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के लिए आईपीएल टीम बनाने की खुलकर वकालत की है। खास बात यह है कि उनकी इस मांग को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भी समर्थन मिल गया है। इसके बाद बिहार में क्रिकेट को लेकर नई बहस और उम्मीदें दोनों तेज हो गई हैं।

दरअसल, अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस तरह Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders जैसी टीमें हैं, उसी तरह बिहार की भी अपनी मजबूत आईपीएल टीम होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि बिहार की मिट्टी ने देश को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं, लेकिन राज्य को अब तक क्रिकेट की दुनिया में वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वह असली हकदार है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि वे इस बात से पूरी तरह सहमत हैं और बिहार सरकार क्रिकेट के विकास को लेकर “विजन” और “मिशन मोड” में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सहयोग मिलने पर बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय जरूर लिया जाएगा।

अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में बिहार के कई खिलाड़ियों का जिक्र भी किया। उन्होंने पटना में जन्मे ईशान किशन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाकर इतिहास बनाया। वहीं समस्तीपुर के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में बताया। इसके अलावा गोपालगंज के साकिब हुसैन की गेंदबाजी की भी उन्होंने सराहना की।

उद्योगपति ने कहा कि उनका हमेशा से सपना रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, सही मार्गदर्शन और बेहतर संसाधन मिलें, तो बिहार की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल हो सकती है। उन्होंने बिहार के खिलाड़ियों और युवाओं को हरसंभव सहयोग देने का भी वादा किया।

फिलहाल आईपीएल में बिहार की टीम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री और बड़े उद्योगपति के समर्थन के बाद यह मुद्दा अब गंभीर चर्चा का विषय बन चुका है। बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के बीच इसे लेकर उत्साह साफ दिखाई देने लगा है।

Samrat Choudhary

22/05/2026

“नौकरी नहीं तो खुद का काम शुरू कीजिए...” बिहार सरकार 9347 युवाओं को देगी ₹910 करोड़, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार...

बिहार में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत इस बार हजारों युवाओं को बड़ा आर्थिक सहारा मिलने जा रहा है। उद्योग विभाग ने 9347 बेरोजगार युवाओं का चयन किया है, जिन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए कुल 910 करोड़ 25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से सिर्फ चयनित लाभुक ही नहीं, बल्कि करीब 35 हजार अन्य लोगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत इस वर्ष 15 फरवरी से 23 मार्च तक लगभग 50 हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदनों की जांच के बाद उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने चयनित लाभुकों की सूची जारी की। इस दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन भी मौजूद रहे।

योजना के तहत चयनित युवा आटा चक्की, मसाला मशीन, फर्नीचर निर्माण समेत 75 तरह के स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य छोटे स्तर पर उद्योग और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है, ताकि युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।

इस योजना में महिलाओं और विभिन्न वर्गों को भी प्राथमिकता दी गई है। चयनित लाभुकों में 2000 महिलाएं शामिल हैं। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 2000, अति पिछड़ा वर्ग के 2000, सामान्य युवा वर्ग के 2000, अल्पसंख्यक वर्ग के 1247 और दिव्यांगजन वर्ग के 100 लोगों को भी योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इसमें 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं, जबकि बाकी 5 लाख रुपये बिना ब्याज के ऋण के तौर पर उपलब्ध कराए जाते हैं। विभाग प्रत्येक किस्त जारी करने से पहले लाभुकों के कार्यों की मॉनिटरिंग करेगा। नियमों के अनुसार काम पूरा करने वाले लाभुकों को ही अगली किस्त जारी की जाएगी।

सरकार को उम्मीद है कि यह योजना बिहार में छोटे उद्योगों और स्थानीय रोजगार को नई रफ्तार देने का काम करेगी।

“अपराधियों के लिए खुली चेतावनी...” पुलिस को चुनौती दी तो 48 घंटे में मिलेगा जवाब, CM सम्राट का सख्त संदेश...बिहार के मुख...
22/05/2026

“अपराधियों के लिए खुली चेतावनी...” पुलिस को चुनौती दी तो 48 घंटे में मिलेगा जवाब, CM सम्राट का सख्त संदेश...

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई पुलिस को चुनौती देगा, तो बिहार पुलिस उसे 48 घंटे के अंदर उसी भाषा में जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अपराधी किसी भी हाल में बचने न पाएं और बिहार की पहचान सुशासन से बने।

पटना के नेहरू पथ स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन ऑडिटोरियम में आयोजित “बैंक ऑफ बड़ौदा बिहार पुलिस सैलरी पैकेज दिवंगत पुलिसकर्मी बीमा लाभ वितरण कार्यक्रम” में मुख्यमंत्री ने 61 दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को 37 करोड़ 50 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और उनकी जिम्मेदारी बेहद कठिन होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन की भरपाई पैसे से नहीं हो सकती, लेकिन परिवार को सहारा देने के लिए आर्थिक सहायता जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एनकाउंटर पर सवाल उठाते हैं और जाति विशेष की बात करते हैं, जबकि पुलिस किसी की जाति पूछकर कार्रवाई नहीं करती। बिहार में कानून का राज कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में ऐसे मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे, जहां पढ़ाई का स्तर इतना बेहतर होगा कि मंत्री और अधिकारियों को भी अपने बच्चों के एडमिशन के लिए पैरवी करनी पड़े। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए कैशलेस इलाज और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार पूरी मजबूती के साथ पुलिस परिवारों के साथ खड़ी है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में निवेश को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर 2026 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सुशासन और मजबूत कानून-व्यवस्था सबसे जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के सभी 40 पुलिस लाइनों में अच्छे स्कूल खोलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बैंकों से अपील की कि बिहार में जमा होने वाला पैसा बिहार के लोगों और उद्योगों के विकास में इस्तेमाल हो।

“10 जून आखिरी तारीख...” बिहार में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों पर अब बड़ा एक्शन, शिक्षा विभाग ने जारी की अंतिम चेताव...
22/05/2026

“10 जून आखिरी तारीख...” बिहार में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों पर अब बड़ा एक्शन, शिक्षा विभाग ने जारी की अंतिम चेतावनी...

बिहार में बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन निजी विद्यालयों ने अब तक मान्यता नहीं ली है, उन्हें 10 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने का अंतिम मौका दिया जाए। इसके बाद नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और बिहार राज्य बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के तहत बिना मान्यता कोई भी विद्यालय संचालित नहीं किया जा सकता। विभाग ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जाएंगे।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में फिलहाल 19 हजार 186 निजी विद्यालयों को मान्यता मिल चुकी है, जबकि 1 हजार 12 विद्यालय अब भी मान्यता प्रक्रिया में हैं। इसके बावजूद कई निजी स्कूल बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं, जिसे विभाग ने पूरी तरह गैरकानूनी माना है।

सरकार ने ऐसे सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 10 जून तक शिक्षा विभाग के पोर्टल edu-online.bihar.gov.in पर जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर दें। विभाग ने जिलों को आदेश दिया है कि इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय अखबारों, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कराया जाए, ताकि कोई भी स्कूल जानकारी के अभाव में आवेदन से वंचित न रह जाए।

विभाग ने चेतावनी दी है कि आरटीई एक्ट की धारा 18(5) और 19(5) के तहत बिना मान्यता स्कूल चलाने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं तय समय के बाद भी स्कूल संचालित होने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों को मानक शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए यह कदम जरूरी है।

अब नहीं अटकेगी किसान रजिस्ट्री! राजस्व विभाग ने जारी की 2.70 करोड़ जमाबंदियों की सूची, अब तेजी से होगा किसानों का निबंधन...
22/05/2026

अब नहीं अटकेगी किसान रजिस्ट्री! राजस्व विभाग ने जारी की 2.70 करोड़ जमाबंदियों की सूची, अब तेजी से होगा किसानों का निबंधन...

बिहार में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को तेज करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्यभर की 2 करोड़ 70 लाख जमाबंदियों की सूची कृषि विभाग को उपलब्ध करा दी है, ताकि किसानों का निबंधन तेजी से पूरा किया जा सके। राजस्व सचिव जय सिंह ने इस संबंध में कृषि विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर पूरी जानकारी दी है।

सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। विभागीय जानकारी के अनुसार पहले चरण में जनवरी और फरवरी के दौरान करीब 45 लाख किसानों का निबंधन किया गया था। अब दूसरे चरण का अभियान 12 मई से 30 जून तक चलाया जा रहा है।

इस बार निबंधन प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के कर्मियों को भी लगाया गया है। इसमें कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक समेत कई स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। राजस्व विभाग ने इसके लिए लॉगिन आधारित एक विशेष प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जहां उन सभी जमाबंदियों की सूची साझा की गई है जिनके आधार पर किसान रजिस्ट्री की जा सकती है।

विभाग के मुताबिक सार्वजनिक की गई कुल 2.70 करोड़ जमाबंदियों के आधार पर नाम मिलान स्कोर के जरिए किसानों का सत्यापन और निबंधन किया जाएगा। राजस्व विभाग ने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों से राज्य में आधार कार्ड के साथ जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही है। इसी आधार पर विभाग के पास 80.7 लाख आधुनिक जमाबंदियों का रिकॉर्ड उपलब्ध है।

इसके अलावा पुरानी 1 करोड़ 89 लाख 7 हजार जमाबंदियों में भी खाता, खेसरा और रकबा जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज हैं। विभाग ने अंचलवार पूरी सूची कृषि विभाग के साथ साझा करते हुए अनुरोध किया है कि इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर किसानों का निबंधन अभियान तेजी से पूरा किया जाए।

सरकार ने वसुधा केंद्र संचालकों को भी इस प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश दिया है, ताकि गांव स्तर पर किसानों को रजिस्ट्री कराने में आसानी हो सके और अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।

Dilip Jaiswal VIJAY KUMAR SINHA

“10 दिन में नोटिस, 20 दिन में आखिरी चेतावनी... फिर 31वें दिन नौकरी खत्म मानी जाएगी”, CM सम्राट चौधरी का अफसरों को सख्त स...
21/05/2026

“10 दिन में नोटिस, 20 दिन में आखिरी चेतावनी... फिर 31वें दिन नौकरी खत्म मानी जाएगी”, CM सम्राट चौधरी का अफसरों को सख्त संदेश

बिहार में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार अग्निशमन सेवा के विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब लापरवाही करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निपटारे में देरी होने पर पहले 10 दिन में नोटिस, फिर 20 दिन में अंतिम चेतावनी दी जाएगी और इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब “सहयोग कार्यक्रम” के जरिए सीधे जमीनी स्तर पर सरकारी कामकाज की समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि वह खुद भी एक प्रखंड में जाकर कार्यालयों की व्यवस्था और शिकायतों के समाधान की स्थिति देखेंगे। सरकार का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है, ताकि आम लोगों को समय पर राहत मिल सके।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री का रुख बेहद सख्त दिखा। उन्होंने मंच से साफ कहा कि बिहार पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए “खुली छूट” दी गई है। सरकार किसी भी हालत में राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं देगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर अपराधी गोली चलाएंगे तो गोली खाएंगे भी। उन्होंने दोहराया कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के औद्योगिक विकास को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य अब तेजी से उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। कई बड़े उद्योगपति बिहार में निवेश के लिए रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिहार से बाहर रह रहे लोगों से भी अपील की कि वे वापस लौटें और राज्य में उद्योग स्थापित करें।

गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार अग्निशमन विभाग को भी बड़ी सौगात मिली। विभाग की ओर से 80 अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों का लोकार्पण किया गया। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक आधारित कंट्रोल रूम की शुरुआत भी की गई। कार्यक्रम में अपर गृह सचिव अरविंद चौधरी, डीजी फायर शोभा आहोटकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए उन्हें “वीर योद्धा” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि ये जवान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाते हैं, इसलिए समाज में उनका सम्मान सबसे अलग होना चाहिए।

Samrat Choudhary

21/05/2026

बिहार बोर्ड में अब शिकायतों का झंझट खत्म! एक ही काउंटर पर होगा हर काम, ऑनलाइन भी ट्रैक कर सकेंगे आवेदन

बिहार बोर्ड से जुड़े कामों के लिए अब विद्यार्थियों और अभिभावकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शिकायतों और पूछताछ के त्वरित समाधान के लिए नई ‘सिंगल विंडो प्रणाली’ शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को समिति के मुख्य भवन और बुद्धमार्ग स्थित अकादमिक भवन में पूछताछ-सह-शिकायत निवारण केंद्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जहां छात्र और अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत शिकायत का समाधान होने के बाद संबंधित आवेदक को एसएमएस और पोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग लंबे समय से ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहा था, जिससे विद्यार्थियों और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली शिक्षा प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि मुख्य भवन और अकादमिक भवन दोनों जगह पांच-पांच काउंटर बनाए गए हैं। हर शिकायत को एक यूनिक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा और संबंधित शाखा को ऑनलाइन भेजा जाएगा, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे।

काउंटर नंबर-1 पर मैट्रिक और कंपार्टमेंटल परीक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी। काउंटर नंबर-2 इंटर परीक्षा, रजिस्ट्रेशन और कंपार्टमेंटल मामलों के लिए होगा। काउंटर नंबर-3 पर एसटीईटी, डीएलएड, आईटीआई भाषा, सक्षमता और सिमुलतला परीक्षा से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा। काउंटर नंबर-4 विद्यालय, प्लस-टू स्कूल, डीएलएड संबद्धता और छात्रवृत्ति संबंधी शिकायतों के लिए बनाया गया है। वहीं काउंटर नंबर-5 पर समिति से जुड़े अन्य प्रशासनिक मामलों, पेंशन और अधिकारियों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई होगी।

बिहार बोर्ड का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी और विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

“बिहार में भी बनेगा नोएडा जैसा इलाका...” सोनपुर से CM सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान, जमीन पर 4 गुना मुआवजा देने का वादाबिहार...
21/05/2026

“बिहार में भी बनेगा नोएडा जैसा इलाका...” सोनपुर से CM सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान, जमीन पर 4 गुना मुआवजा देने का वादा

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर के डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में सोनपुर बिहार के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका “सोनपुर को गोद लेने” का सपना अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।

सीएम ने सोनपुर के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि यहां पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर “गंगा अंबिका पथ” बनाया जाएगा। इसके साथ बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, आधुनिक टाउनशिप और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर भी काम होगा। उन्होंने साफ कहा कि सरकार बिहार में नोएडा जैसी व्यवस्था खड़ी करना चाहती है।

जमीन अधिग्रहण को लेकर लोगों की चिंता दूर करने की कोशिश करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि विकास कार्यों के लिए जमीन देने वालों को बाजार मूल्य से चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय सरकार पर भरोसा रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी को आवेदन देना होगा और जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास और न्याय पहुंचाने के उद्देश्य से “सहयोग शिविर” चला रही है, ताकि लोग सीधे अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रख सकें। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 30 दिनों के भीतर किसी शिकायत का समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माना जाएगा। चाहे मामला अंचल, ब्लॉक या थाना स्तर का हो, लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब मामूली बीमारी में मरीजों को सीधे पीएमसीएच रेफर नहीं किया जाएगा। यदि बिना जरूरत मरीजों को पटना भेजा गया तो संबंधित सिविल सर्जन पर कार्रवाई होगी। सरकार की कोशिश है कि लोगों को जिला और अनुमंडल स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सके।

शिक्षा को लेकर सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि जुलाई से उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अभी कॉलेज नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में ऐसे सरकारी स्कूल तैयार किए जाएंगे, जहां नेताओं और अधिकारियों के बच्चों के एडमिशन के लिए भी पैरवी करनी पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि युवाओं का पलायन रुके। उन्होंने बताया कि जीविका समूहों के जरिए बिहार की महिलाएं आज करीब 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं, जो राज्य की आर्थिक ताकत का बड़ा उदाहरण है।

Samrat Choudhary

बिहार में पंचायत सचिवों का बड़ा ऐलान : 25 मई से राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कामकाज ठप करने की तैयारी...बिहार में पंचा...
21/05/2026

बिहार में पंचायत सचिवों का बड़ा ऐलान : 25 मई से राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कामकाज ठप करने की तैयारी...

बिहार में पंचायत सचिवों का आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 25 मई तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया, तो पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ ने यह भी संकेत दिया है कि मांगें पूरी होने तक कामकाज बाधित रखा जा सकता है।

पंचायत सचिवों का धरना बुधवार को लगातार 44वें दिन भी जारी रहा। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आयोजित सभा में संघ के पदाधिकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और जल्द निर्णय लेने की मांग की।

संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पंचायती राज विभाग पहले ही उनकी कई मांगों को स्वीकार कर चुका है, लेकिन अब तक उससे संबंधित आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी करने में हो रही देरी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ा रही है।

संघ की ओर से विशेष रूप से गलत आधार पर निलंबित पंचायत सचिवों के निलंबन वापसी आदेश जारी करने, हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश में समायोजित करने और लंबित मामलों पर जल्द फैसला लेने की मांग दोहराई गई। पंचायत सचिवों का कहना है कि जब विभाग सहमति दे चुका है, तो आदेश जारी करने में देरी का कोई औचित्य नहीं है।

आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। संघ ने धरना और आंदोलन से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव समेत सभी सांसदों और विधायकों को भेजने का फैसला लिया है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

पंचायत सचिवों की चेतावनी के बाद अब नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि 25 मई तक समाधान नहीं निकला, तो राज्यभर में पंचायत स्तर के कामकाज पर इसका असर पड़ सकता है।

Address

Kidwaipuri, Adarsh Colony
Patna
800001

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