22/05/2026
“बच्चों के मिड डे मील का चावल गायब...” 1900 क्विंटल अनाज गबन मामले में NGO पर कार्रवाई, होगी रिकवरी...
स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। मिड डे मील योजना के लिए उपलब्ध कराए गए करीब 1900 क्विंटल चावल के गबन का खुलासा होने के बाद जिला मध्याह्न भोजन कार्यालय ने संबंधित एनजीओ पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि बड़ी मात्रा में चावल या तो गायब हो गया या फिर गोदाम में पड़े-पड़े खराब हो गया।
थर्ड पार्टी जांच में पाया गया कि करीब 800 क्विंटल चावल चोरी हो गया, जबकि लगभग 1100 क्विंटल चावल गोदाम में ही पड़ा रह गया। आदेश दिए जाने के बावजूद यह चावल स्कूलों तक नहीं पहुंचाया गया। लंबे समय तक गोदाम में रखे रहने के कारण चावल खराब हो गया। इसके बाद प्रशासन ने गोदाम को सील कर दिया।
इस मामले में बाल विकास सेवा संस्थान नाम की एजेंसी पर कार्रवाई की गई है। जिला मध्याह्न भोजन कार्यालय ने एजेंसी पर 1900 क्विंटल चावल के बराबर जुर्माना लगाया है। साथ ही मशरक और परसा प्रखंड में संचालित केंद्रीयकृत रसोईघर के अवधि विस्तार पर भी रोक लगा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, बाल विकास सेवा संस्थान ने 4 अगस्त 2025 को आवेदन देकर दावा किया था कि उसके पास 1894 क्विंटल चावल शेष होना चाहिए था, लेकिन जुलाई की एक रात चोरी होने के कारण चावल नहीं मिला। हालांकि जांच के दौरान संस्था अपने दावे को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकी।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका रानी ने स्पष्ट कहा कि चावल के गबन और खराब होने की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की है। विभाग ने रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। इसके तहत बचे हुए चावल की कीमत और जुर्माने की राशि एजेंसी से वसूली जाएगी।
विभाग का कहना है कि भविष्य में मिड डे मील जैसी योजनाओं में इस तरह की अनियमितता रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और सख्त की जाएगी, ताकि स्कूली बच्चों के भोजन से किसी तरह का समझौता न हो सके।